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Banda News: फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज अन्य केंद्रों पर भी अव्यवस्थाएं
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फोटो -26- चंदवारा पीएचसी में मरीज का उपचार करते चिकित्सक। संवाद
फोटो -27- अतर्रा के नगरीय स्वास्थ्य केंद्र में मरीज का उपचार करते फार्मासिस्ट। संवाद
- अतर्रा में 32 मरीजों का फार्मासिस्ट ने किया इलाज, उपकरण होने के बाद भी नहीं हो रही जांच
- जसपुरा में 113, तिंदवारी में 60 तो कालिंजर में 22 मरीज पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। जन आरोग्य मेला कई जगह व्यवस्थाओं की कमी से जूझता दिखा। अतर्रा के नगरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर में फार्मासिस्ट मरीजों का उपचार कर रहे हैं। वहीं, तिंदवारी में 60 और कालिंजर में 22 मरीज पहुंचे।
अतर्रा के संजय नगर स्थित आरोग्य मंदिर में दोपहर तक 32 मरीज आए। फार्मासिस्ट विनोद कुशवाहा ने दवाएं दीं। यहां त्वचा रोग, रक्तचाप, खांसी और बुखार के मरीज अधिक थे। यहां डॉक्टर, स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन के पद लंबे समय से खाली हैं। जांच उपकरण होने के बावजूद लैब टेक्नीशियन न होने से उनका उपयोग नहीं हो रहा। मरीजों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ता है।
तिंदवारी पीएचसी में 60 मरीजों का पंजीकरण हुआ जिनमें सात के खून की जांच की गई। डॉ. श्रेयांश ने मरीजों का इलाज कर दवाएं दीं। यहां चर्म रोग और वायरल बुखार के लक्षण वाले मरीज मिले। फार्मासिस्ट असगर खान, सोनू पाखरे और मुन्नीलाल सहित स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
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जसपुरा पीएचसी में 22 मरीजों की डॉ. शशांक मिश्रा ने जांच की। अधिकांश मरीज वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर आए थे। जसपुरा क्षेत्र के तीन पीएचसी में कुल 113 मरीजों का इलाज किया गया। चंदवारा पीएचसी में सात किशोरियों को एचपीवी का टीका भी लगाया गया।
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फोटो -27- अतर्रा के नगरीय स्वास्थ्य केंद्र में मरीज का उपचार करते फार्मासिस्ट। संवाद
- अतर्रा में 32 मरीजों का फार्मासिस्ट ने किया इलाज, उपकरण होने के बाद भी नहीं हो रही जांच
- जसपुरा में 113, तिंदवारी में 60 तो कालिंजर में 22 मरीज पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। जन आरोग्य मेला कई जगह व्यवस्थाओं की कमी से जूझता दिखा। अतर्रा के नगरीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर में फार्मासिस्ट मरीजों का उपचार कर रहे हैं। वहीं, तिंदवारी में 60 और कालिंजर में 22 मरीज पहुंचे।
अतर्रा के संजय नगर स्थित आरोग्य मंदिर में दोपहर तक 32 मरीज आए। फार्मासिस्ट विनोद कुशवाहा ने दवाएं दीं। यहां त्वचा रोग, रक्तचाप, खांसी और बुखार के मरीज अधिक थे। यहां डॉक्टर, स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन के पद लंबे समय से खाली हैं। जांच उपकरण होने के बावजूद लैब टेक्नीशियन न होने से उनका उपयोग नहीं हो रहा। मरीजों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ता है।
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तिंदवारी पीएचसी में 60 मरीजों का पंजीकरण हुआ जिनमें सात के खून की जांच की गई। डॉ. श्रेयांश ने मरीजों का इलाज कर दवाएं दीं। यहां चर्म रोग और वायरल बुखार के लक्षण वाले मरीज मिले। फार्मासिस्ट असगर खान, सोनू पाखरे और मुन्नीलाल सहित स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
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जसपुरा पीएचसी में 22 मरीजों की डॉ. शशांक मिश्रा ने जांच की। अधिकांश मरीज वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर आए थे। जसपुरा क्षेत्र के तीन पीएचसी में कुल 113 मरीजों का इलाज किया गया। चंदवारा पीएचसी में सात किशोरियों को एचपीवी का टीका भी लगाया गया।