{"_id":"57910d684f1c1b2d33c4bd5e","slug":"the-uproar-of-the-nominated-mla-surrenders","type":"story","status":"publish","title_hn":"हंगामे में नामजद विधायक का सरेंडर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हंगामे में नामजद विधायक का सरेंडर
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:29 PM IST
विज्ञापन
दो अलग-अलग दर्ज किए थे पुलिस ने केस जन समस्याओं को लेकर किया था आंदोलन सीजेएम ने खारिज की, डीजे ने मंजूर की जमानत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। कई साल पुराने दो अलग-अलग मामलों में नामजद कांग्रेस के सदर क्षेत्र विधायक विवेक कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को सीजेएम न्यायालय में सरेंडर कर दिया। दो अन्य आरोपी भी हाजिर हो गए। सीजेएम ने तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। बाद में जनपद न्यायाधीश ने अंतरिम जमानत मंजूर कर उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। स्थायी जमानत के लिए 23 जुलाई को सुनवाई होगी।
विज्ञापन
20 अक्तूबर 2009 को कांग्रेस विधायक विवेक कुमार सिंह और समर्थकों ने मंडी समिति के गेट नंबर एक पर बांदा-तिंदवारी मार्ग पर किसानों की समस्याओं को लेकर सड़क जाम की थी। पुलिस से तीखी झड़प भी हुई। पुलिस ने विधायक समेत आठ लोगों के खिलाफ 147, 148 व 7 क्रिमिनल ला एमेंडमेंड एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान आठ आरोपियों के नाम और बढ़ा दिए गए। कुल 16 आरोपी हो गए।
विज्ञापन
दूसरी घटना में 8 दिसंबर 2011 की रात 11 बजे खाद और बिजली की समस्या को लेकर विधायक ने ओवरब्रिज पर एक घंटे तक आवागमन ठप कर दिया। जाम लगाए लोगों ने हंगामा भी किया था। पुलिस से झड़प भी हुई। पुलिस ने दर्ज केस में विधायक पर आरोप मढ़ा कि कालूकुआं पुलिस चौकी में सरकारी अभिलेखों को फेंक दिया और वायरलेस सेट तोड़ दिया। बैटरी भी गायब कर दी।
विज्ञापन
चौकी के बाहर खड़ी बाइकों में आग लगा दी। चौकी के सिपाही सुखलाल की तहरीर पर विधायक समेत 9 नामजद व 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ 147, 427, 332, 353, 436, 379, 511 व 7 क्रिमिनल ला एमेडमेंड के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।
पुलिस ने इन दोनों मामलों की विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सीजेएम ने विधायक समेत सभी आरोपियों के खिलाफ कुछ दिन पहले गैर जमानती वारंट व कुर्की की नोटिस जारी की थी।
गुरुवार को विधायक और उनके समर्थक आरोपी धनंजय उर्फ टीटू तथा मनीष श्रीवास्तव ने सीजेएम अदालत में आत्मसमर्पण किया। साथ ही हाईकोर्ट का आदेश पेश किया, जिसमें इसी दिन सुनवाई का आदेश था। सरेंडर के बाद अधिवक्ता के जरिये जमानत की अर्जी पेश की।
सीजेएम ने खारिज कर दिया। इसके फौरन बाद विधायक के अधिवक्ताओं ने अंतरिम जमानत के लिए न्यायाधीश भूपेंद्र सहाय के समक्ष अर्जी पेश की। सुनवाई के बाद जिला जज ने अंतरिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली और तीनों आरोपियों को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। दोनों मामलाें में स्थायी जमानत के लिए 23 जुलाई व पांच अगस्त को सुनवाई होगी।