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Banda News: चित्रकूट में संदिग्ध युवक के साथियों को तलाशती रही पुलिस, नहीं लगे हाथ
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लोगो = फालोअप का =
= जिस ढाबे का बताया नाम, वह मिला ही नहीं, दूसरे ढाबे पर 15 दिन काम करने की हुई पुष्टि
= युवक ने बताया असम का पता, पुलिस करा रही सत्यापन, पूछताछ में नाम बदलने से बढ़ा संदेह
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बारावफात पर बुधवार को चेकिंग के दौरान बदौसा बस स्टैंड के पास हिरासत में लिए गए संदिग्ध युवक के साथियों की तलाश में बृहस्पतिवार को पुलिस चित्रकूट में दिनभर भटकती रही। युवक ने पूछताछ में जिस ढाबे पर काम करने और साथियों के होने की जानकारी दी थी, पुलिस को उस नाम का कोई ढाबा नहीं मिला। हालांकि, दूसरे ढाबे पर युवक के करीब 15 दिन काम करने की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में युवक को हिरासत में लिया था। युवक हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाएं नहीं बोल पा रहा है। उसकी भाषा भी पुलिसकर्मियों की समझ में नहीं आ रही थी। पूछताछ में वह किसी तरह इतना बता पाया कि वह चित्रकूट से आया है और उसके कुछ साथी वहीं काम करते हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस टीम युवक को साथ लेकर चित्रकूट पहुंची और उसके बताए ढाबे की तलाश की, लेकिन बताए गए नाम का कोई ढाबा नहीं मिला। इसके बाद आसपास के अन्य ढाबों पर पूछताछ की गई। एक ढाबा संचालक ने पुलिस को बताया कि युवक 10 अगस्त को वहां पहुंचा था। उसने खाना खाने के बाद रुपये नहीं दिए और काम मांगने लगा। इस पर संचालक ने उसे काम दे दिया।
ढाबा संचालक के मुताबिक युवक ने 10 से 25 अगस्त तक वहां साफ-सफाई का काम किया। इसके बदले उसे केवल दो वक्त का खाना दिया जाता था। वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था। पुलिस ने ढाबे पर भी पूछताछ और जांच-पड़ताल की, लेकिन फिलहाल युवक के बारे में कोई अहम जानकारी हाथ नहीं लगी।
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युवक ने पूछताछ में अपना नाम मोहम्मद शफीउर्रहमान बताया है। उसने पुलिस को असम का एक पता भी बताया है और खुद को वहां का निवासी बताया है। पुलिस असम पुलिस से संपर्क कर पते का सत्यापन कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि पता सही पाए जाने पर युवक की पहचान को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। वहीं पता गलत पाए जाने पर जांच का दायरा और गंभीर हो सकता है।
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पूछताछ में बदल रहा नाम, संदेह गहराया
एसपी पलाश बंसल ने बताया कि संदिग्ध युवक पूछताछ के दौरान लगातार अपना नाम बदल रहा है। वह अपने बारे में अन्य जानकारी देने से भी बच रहा है। इससे संदेह और गहरा हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल युवक को किसी संभ्रांत व्यक्ति की सुपुर्दगी में देने की कार्रवाई की जा रही है। बिना किसी अपराध के उसे लगातार हिरासत में नहीं रखा जा सकता और न ही न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा सकता है। साथ ही उसकी सुरक्षा भी जरूरी है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है।
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= जिस ढाबे का बताया नाम, वह मिला ही नहीं, दूसरे ढाबे पर 15 दिन काम करने की हुई पुष्टि
= युवक ने बताया असम का पता, पुलिस करा रही सत्यापन, पूछताछ में नाम बदलने से बढ़ा संदेह
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बारावफात पर बुधवार को चेकिंग के दौरान बदौसा बस स्टैंड के पास हिरासत में लिए गए संदिग्ध युवक के साथियों की तलाश में बृहस्पतिवार को पुलिस चित्रकूट में दिनभर भटकती रही। युवक ने पूछताछ में जिस ढाबे पर काम करने और साथियों के होने की जानकारी दी थी, पुलिस को उस नाम का कोई ढाबा नहीं मिला। हालांकि, दूसरे ढाबे पर युवक के करीब 15 दिन काम करने की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में युवक को हिरासत में लिया था। युवक हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाएं नहीं बोल पा रहा है। उसकी भाषा भी पुलिसकर्मियों की समझ में नहीं आ रही थी। पूछताछ में वह किसी तरह इतना बता पाया कि वह चित्रकूट से आया है और उसके कुछ साथी वहीं काम करते हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस टीम युवक को साथ लेकर चित्रकूट पहुंची और उसके बताए ढाबे की तलाश की, लेकिन बताए गए नाम का कोई ढाबा नहीं मिला। इसके बाद आसपास के अन्य ढाबों पर पूछताछ की गई। एक ढाबा संचालक ने पुलिस को बताया कि युवक 10 अगस्त को वहां पहुंचा था। उसने खाना खाने के बाद रुपये नहीं दिए और काम मांगने लगा। इस पर संचालक ने उसे काम दे दिया।
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ढाबा संचालक के मुताबिक युवक ने 10 से 25 अगस्त तक वहां साफ-सफाई का काम किया। इसके बदले उसे केवल दो वक्त का खाना दिया जाता था। वह किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था। पुलिस ने ढाबे पर भी पूछताछ और जांच-पड़ताल की, लेकिन फिलहाल युवक के बारे में कोई अहम जानकारी हाथ नहीं लगी।
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युवक ने पूछताछ में अपना नाम मोहम्मद शफीउर्रहमान बताया है। उसने पुलिस को असम का एक पता भी बताया है और खुद को वहां का निवासी बताया है। पुलिस असम पुलिस से संपर्क कर पते का सत्यापन कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि पता सही पाए जाने पर युवक की पहचान को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। वहीं पता गलत पाए जाने पर जांच का दायरा और गंभीर हो सकता है।
पूछताछ में बदल रहा नाम, संदेह गहराया
एसपी पलाश बंसल ने बताया कि संदिग्ध युवक पूछताछ के दौरान लगातार अपना नाम बदल रहा है। वह अपने बारे में अन्य जानकारी देने से भी बच रहा है। इससे संदेह और गहरा हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल युवक को किसी संभ्रांत व्यक्ति की सुपुर्दगी में देने की कार्रवाई की जा रही है। बिना किसी अपराध के उसे लगातार हिरासत में नहीं रखा जा सकता और न ही न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा सकता है। साथ ही उसकी सुरक्षा भी जरूरी है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है।