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छह माह तक प्याज सुरक्षित रहेगा
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कृषि फार्म में प्याज भंडारण के लिए बनाया गया भंडार गृह।
- फोटो : BANDA
बांदा। आलू-प्याज जैसे उत्पादन का भंडारण करके सही समय पर उचित कीमत हासिल करना बुंदेलखंड के किसानों के लिए समस्या है। मुख्य वजह उन्हें रियायती दरों पर और नजदीकी स्थानों में कोल्ड स्टोरेज की उपलब्धता न होना है। ऐसे में फसल का स्टॉक नहीं हो पाता। इन्हीं हालातों के बीच युवा और प्रगतिशील किसान ने बिना किसी संयंत्र/उपकरण और बगैर बिजली के प्याज के लिए अपने कृषि फार्म में ही कोल्ड स्टोर/भंडार गृह तैयार कर सफलता की नई बुनियाद खड़ी की है।
प्रगतिशील युवा किसान के भंडार गृह में छह माह तक प्याज सुरक्षित रखा जा सकता है। बांदा जिले के छनेहरा लालपुर गांव में जैविक कृषि फार्म के संचालक युवा प्रगतिशील किसान असलम खां और उनकी पत्नी आसमां खातून जैविक खेती और आधुनिक उपायों से खेती क्षेत्र में कुछ न कुछ कर गुजरते रहते हैं। यहां न सिर्फ बुंदेलखंड, बल्कि प्रदेश के कई जिलों से अक्सर किसानों के जत्थे आकर मॉडल खेती का अवलोकन करते हैं।
प्रगतिशील किसान ने अब एक और नया काम अंजाम दिया है। अपने कृषि फार्म में बहुत मामूली खर्च पर प्याज भंडार गृह तैयार किया है। असलम के मुताबिक, इसकी डिजाइन ऐसी है कि प्राकृतिक तौर पर हवा का क्रास वेंटीलेशन रहता है। उन्होंने बताया कि 5 से 6 माह तक इसमें प्याज का भंडार करने पर मात्र 10 से 15 प्रतिशत वजन की कमी होती है। प्याज पूरी तरह सुरक्षित रहता है। बताया कि सीजन में प्याज की फसल तैयार होने पर मंडी में सात से नौ रुपये किलो का भाव था।
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ऐसे में अपने भंडार गृह में प्याज को भंडारित किया। गैर सीजन में यही प्याज 30 से 35 रुपये प्रति किलो की दर से बिका। यानी 5 गुना तक ज्यादा दाम मिले। असलम ने किसानों को सलाह दी कि इस डिजाइन का प्याज स्टोर तैयार करें। सीजन में प्याज की फसल इसमें भंडारित करें। अपनी आमदनी कई गुना ज्यादा करें। बताया कि इस वर्ष अपने फार्म में प्याज की सूखी रोपाई विधि के साथ पूर्व से तैयार खेत में पानी लगाकर गीली रोपाई की है। बाद में प्याज के पौधे तेजी से पनप रहे हैं। कहा कि इस बारे में कोई सलाह या जानकारी के लिए किसान संपर्क कर सकते हैं।
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प्रगतिशील युवा किसान के भंडार गृह में छह माह तक प्याज सुरक्षित रखा जा सकता है। बांदा जिले के छनेहरा लालपुर गांव में जैविक कृषि फार्म के संचालक युवा प्रगतिशील किसान असलम खां और उनकी पत्नी आसमां खातून जैविक खेती और आधुनिक उपायों से खेती क्षेत्र में कुछ न कुछ कर गुजरते रहते हैं। यहां न सिर्फ बुंदेलखंड, बल्कि प्रदेश के कई जिलों से अक्सर किसानों के जत्थे आकर मॉडल खेती का अवलोकन करते हैं।
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प्रगतिशील किसान ने अब एक और नया काम अंजाम दिया है। अपने कृषि फार्म में बहुत मामूली खर्च पर प्याज भंडार गृह तैयार किया है। असलम के मुताबिक, इसकी डिजाइन ऐसी है कि प्राकृतिक तौर पर हवा का क्रास वेंटीलेशन रहता है। उन्होंने बताया कि 5 से 6 माह तक इसमें प्याज का भंडार करने पर मात्र 10 से 15 प्रतिशत वजन की कमी होती है। प्याज पूरी तरह सुरक्षित रहता है। बताया कि सीजन में प्याज की फसल तैयार होने पर मंडी में सात से नौ रुपये किलो का भाव था।
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ऐसे में अपने भंडार गृह में प्याज को भंडारित किया। गैर सीजन में यही प्याज 30 से 35 रुपये प्रति किलो की दर से बिका। यानी 5 गुना तक ज्यादा दाम मिले। असलम ने किसानों को सलाह दी कि इस डिजाइन का प्याज स्टोर तैयार करें। सीजन में प्याज की फसल इसमें भंडारित करें। अपनी आमदनी कई गुना ज्यादा करें। बताया कि इस वर्ष अपने फार्म में प्याज की सूखी रोपाई विधि के साथ पूर्व से तैयार खेत में पानी लगाकर गीली रोपाई की है। बाद में प्याज के पौधे तेजी से पनप रहे हैं। कहा कि इस बारे में कोई सलाह या जानकारी के लिए किसान संपर्क कर सकते हैं।