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अब परिषदीय स्कूलों में भी सेमेस्टर
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 21 Jul 2016 11:25 PM IST
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स्कूल में पढ़ाई करते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों में कोर्स के चार सेमेस्टर निर्धारित किए गए हैं। शिक्षकों के पढ़ाने का छात्र और अभिभावक मूल्यांकन भी करेंगे। इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने पुराने पैटर्न में कुछ परिवर्तन किए हैं। वर्ष भर में छात्र-छात्राओं का चार बार मूल्यांकन किया जाएगा।
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पब्लिक स्कूलों में एफए-1, एफए-2, एफए-3 और एफए-4 सेमेस्टरों में अलग-अलग कोर्स तय होता है। परीक्षा भी इसी आधार पर होती हैं, लेकिन परिषदीय स्कूलों में दो बार मूल्यांकन की व्यवस्था है। यहां छमाही और वार्षिक परीक्षा होती है। इसी आधार स्कूलों का स्लेबस भी तैयार होता था।
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अब इस सत्र में सेमेस्टर प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत प्रत्येक विद्यार्थी को साल में चार बार अगस्त, अक्तूबर, दिसंबर और मार्च में परीक्षा देनी होगी। हर सेमेस्टर के बाद अभिभावक और शिक्षकों की मीटिंग होगी। इसमें अभिभावकों को उनके बच्चों की प्रगति से शिक्षक अवगत कराएंगे। साथ ही यह सुझाव मांगेंगे कि क्या किया जाए कि परिणाम अच्छे आ सकें? अभिभावक के सुझाव के मुताबिक पढ़ाई होगी।
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जिले में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। निदेशालय के इस निर्देश से सभी बीईओ को अवगत करा दिया है। वे सभी स्कूलों में सेमेस्टर वार तैयारियां कराएंगे और व्यवस्था पर निगरानी रखेंगे।
-शिवनारायण सिंह, बीएसए।