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नेपाल में जलप्रलय: शोक में डूबे तट, लहरों के साथ आ रहे शव, यूपी के इन दो जिलों में मिलीं सात लाश; दिखी भयावहता

Fri, 28 Aug 2026 01:27 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, कुशीनगर Published by: Sharukh Khan Updated Fri, 28 Aug 2026 01:27 PM IST
सार

नेपाल में जलप्रलय के बाद नारायणी नदी के बहाव के साथ शव भी बहकर आ रहे हैं। महराजगंज व कुशीनगर में नदी किनारे सात शव मिले हैं।

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Nepal flashflood Riverbanks plunged into grief bodies washing up with waves seven corpses found in UP
Nepal flashflood - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

नेपाल में जलप्रलय के बाद नारायणी नदी के बहाव के साथ सिर्फ मलबा, घरेलू सामान ही नहीं बल्कि शव भी बहकर आने लगे हैं। महराजगंज व कुशीनगर में नदी किनारे बृहस्पतिवार को सात शव मिलने के बाद सन्नाटा पसरा है। शव देखकर लोगों के मन में शोक भी है और दहशत भी है। तट के किनारे बसे गांवों में सन्नाटा और दहशत का माहौल है।
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नेपाल में आई जलप्रलय की भयावहता का असर बृहस्पतिवार को नदी में भी दिखाई दिया। बृहस्पतिवार दोपहर एसएसबी और एसडीआरएफ की टीम ने टेलफाल क्षेत्र में भेड़िहारी के निकट ठोकर नंबर एक के पास से तीन शव बरामद किए। इनमें दो महिलाओं और एक पुरुष का शव शामिल था। 
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इसके अलावा समीप के टेलफाल क्षेत्र से एक महिला का शव भी पानी से बाहर निकाला गया। इस तरह कुल चार शव बरामद किए गए। शवों की पहचान नहीं हो सकी है। सीओ निचलौल रविन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि बरामद शवों को भेड़िहारी में ठोकर नंबर एक के पास सुरक्षित रखा गया। इसकी सूचना नेपाल प्रशासन को दे दी गई है। नेपाल प्रशासन की ओर से शवों को ले जाने की बात कही गई है। मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है।
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कुशीनगर के खड्डा थाना इलाके के सिसवा गोपाल गांव के पास छितौनी तटबंध के ठोकर संख्या ए के समीप बृहस्पतिवार शाम तीन अज्ञात शव कुछ दूरी के अंतर पर मिले। इसकी खबर मिलते ही आसपास के गांव वालों की भीड़ बंधे पर जुट गई। पुलिस ने एसडीआरएफ की मदद से तीनों शवों को निकलवाया। इनमें दो महिला और एक पुरुष का शव है। 

 

घरेलू सामन, लकड़ी व अन्य सामान बहकर आ रहा
पुलिस ने तीनों शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। पहचान के लिए प्रशासन शवों का डीएनए जांच कराएगी। शवों की पहचान नहीं हो सकी है। फिलहाल नेपाल में हुई त्रासदी के बाद नदी में बहकर शव आने का दावा प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। नेपाल में त्रासदी के बाद से नारायणी नदी में सुबह से घरेलू सामन, लकड़ी व अन्य सामान बहकर आ रहा है। 

 

आस-पास के लोग व मछुआरे नाव की मदद से सामान निकालने लगे। इसकी जानकारी होने पर प्रशासन की टीम नदी में किसी को जाने से रोक दिया और पानी अधिक होने का हवाला देते हुए नाव नदी में नहीं ले जाने का निर्देश दिया है। शाम करीब 6 बजे खड्डा थाना क्षेत्र के छितौनी बंधे से सटे सिसवा गोपाल गांव के पास तीन शव लोगों ने पानी में बहते हुए देखा। 
 

शव मिलने की सूचना पर आस-पास गांव के लोग भी पहुंच गए और पुलिस को सूचना दिए। एसडीएम सर्वेश कुमार गौर, सीओ खड्डा, थानाध्यक्ष और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। पानी के अंदर बालू में शव दबा था। 
 

दूसरे दिन नहीं चली नाव
दियरा क्षेत्र में काम करने के लिए तमकुहीराज तहसील और खड्डा तहसील के किसान, मजदूर हर रोज जाते थे, कल अलर्ट के बाद सभी को नदी उस पार से बुला लिया गया, प्रशासन ने नाव के संचालन पर रोक लगा दिया है। इसके चलते बृहस्पतिवार को किसान खेती किसानी के काम के लिए नहीं जा सके। प्रशासन का कहना है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होगी। तब तक नदी उस पार कोई नहीं जाएगा।

 

नेपाल की बाढ़ से नारायणी में शव मिलने के बाद प्रशासन अलर्ट
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोसी नदी में आई बाढ़ से भारी जन-धन की क्षति के मद्देनजर प्रशासन की ओर से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ के पानी के साथ शव और अन्य सामग्री बहकर आने को लेकर डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। 

 

सीएमओ, एएसपी, एसडीएम खड्डा व तमकुहीराज और जिला पंचायत राज अधिकारी को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील नदी क्षेत्रों, घाटों और संभावित प्रभावित स्थानों पर पुलिस व होमगार्ड के जवानों की तैनाती कर निरंतर निगरानी करने को कहा गया है।

 

डीएम ने कहा कि तेज बहाव में शव अथवा बाढ़ के साथ बहकर आने वाली सामग्री को निकालने के प्रयास में स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में न डालें। इसकी सूचना प्रशासन को दें। यदि बड़ी गंडक नदी में कोई अज्ञात शव मिलता है, तो उसे सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से बाहर निकालकर नियमानुसार पहचान और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

 

जरूरत के अनुसार, शव वाहन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखने को कहा गया है। शव निकालने में एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड बटालियन की मदद लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। नेपाल की ओर से बाढ़ के पानी के साथ कई तरह की सामग्री और वस्तुएं भी बहकर आने की संभावना है। 

प्रशासन ने लोगों को किसी भी अज्ञात, संदिग्ध या संवेदनशील वस्तु को छूने अथवा उठाने से रोकने के निर्देश दिए हैं। ऐसी वस्तु दिखाई देने पर तत्काल पुलिस या संबंधित सुरक्षा अधिकारियों को सूचना देने को कहा गया है। नदी में शव अथवा कोई महत्वपूर्ण या संवेदनशील सामग्री मिलने की प्रत्येक सूचना का दिनांक, समय, स्थान और अन्य विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके साथ फोटोग्राफ भी सुरक्षित रखा जाएगा। घटना की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों और आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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