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मृदा अस्वस्थ हुई तो मानव और जीव जंतुओं का विनाश
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If the soil becomes unhealthy, then the destruction of humans and animals
- फोटो : BANDA
बांदा। मृदा (मिट्टी) जिस दिन अस्वस्थ या प्रदूषित हो गई, उस दिन मानव के साथ जीव जंतुओं का भी विनाश हो जाएगा। आज अगर हम स्वस्थ हैं तो इसीलिए कि हमारी मृदा स्वस्थ है। कृषि से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी है कि धरती को प्रदूषित होने से बचाएं। यह बात रविवार को कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में मृदा दिवस पर आयोजित गोष्ठी में कुलपति प्रो. नरेंद्र प्रताप सिंह ने कही।
उन्होंने विश्वविद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों से कहा कि सबकी जिम्मेदारी है कि इस विषय पर सोचें। परिसर के वातावरण और संसाधनों को विकसित करें। बढ़ते शहरीकरण और आधारभूत ढांचागत विकास से मृदा स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है।
कुलपति ने कहा कि वाहनों का प्रयोग कम से कम करें। प्लास्टिक उपयोग से बचें। निदेशक प्रसार प्रो. एनके बाजपेयी ने मृदा का धार्मिक महत्व भी बताया। कुल सचिव डॉ. एसके सिंह, अधिष्ठाता डॉ. जीएस पवार, मृदा विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. जगन्नाथ पाठक ने भी संबोधित किया।
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मृदा और विश्व स्वास्थ्य विषय पर क्विज और पोस्टर प्रतियोगिता हुई। विजेताओं को प्रमाण पत्र दिए गए। गोष्ठी में प्रो. आनंद चौबे, डॉ. देव कुमार, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. जेके तिवारी, डॉ. अरविंद गुप्ता और जन संपर्क अधिकारी डॉ. बीके गुप्ता भी मौजूद रहे।
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उन्होंने विश्वविद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों से कहा कि सबकी जिम्मेदारी है कि इस विषय पर सोचें। परिसर के वातावरण और संसाधनों को विकसित करें। बढ़ते शहरीकरण और आधारभूत ढांचागत विकास से मृदा स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है।
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कुलपति ने कहा कि वाहनों का प्रयोग कम से कम करें। प्लास्टिक उपयोग से बचें। निदेशक प्रसार प्रो. एनके बाजपेयी ने मृदा का धार्मिक महत्व भी बताया। कुल सचिव डॉ. एसके सिंह, अधिष्ठाता डॉ. जीएस पवार, मृदा विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. जगन्नाथ पाठक ने भी संबोधित किया।
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मृदा और विश्व स्वास्थ्य विषय पर क्विज और पोस्टर प्रतियोगिता हुई। विजेताओं को प्रमाण पत्र दिए गए। गोष्ठी में प्रो. आनंद चौबे, डॉ. देव कुमार, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. जेके तिवारी, डॉ. अरविंद गुप्ता और जन संपर्क अधिकारी डॉ. बीके गुप्ता भी मौजूद रहे।