{"_id":"68c46d9bc29071a22204feb4","slug":"husband-sentenced-to-seven-years-imprisonment-for-dowry-harassment-and-instigating-suicide-banda-news-c-212-1-bnd1006-133166-2025-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: दहेज उत्पीड़न व खुदकुशी के लिए उकसाने पर पति को सात साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: दहेज उत्पीड़न व खुदकुशी के लिए उकसाने पर पति को सात साल की कैद
Sat, 13 Sep 2025 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:29 AM IST
विज्ञापन
बांदा। दहेज के लिए प्रताड़ित करने और खुदकुशी के लिए उकसाने के दोषी पति को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल की अदालत ने शुक्रवार को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी। बिसंडा थाना क्षेत्र के पल्हरी गांव निवासी रामस्वरूप ने सात सितंबर 2014 को थाने में तहरीर दी। बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी वर्ष 2005 में बिसंडा थाना क्षेत्र के ही बड़ागांव निवासी अजय उर्फ बड़कू के साथ की थी।
शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। तहरीर में बताया कि देवर मुकेश उर्फ झब्बू, पति अजय, ससुर शिवशंकर और सास गुड़िया दहेज में बाइक और रुपयों की मांग करते थे।
दहेज न देने पर 9 सितंबर 2014 को चारों लोगों ने उसकी बेटी को फंदे से लटता कर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने मामले की तहकीकात की और पति अजय उर्फ बड़कू के खिलाफ 24 नवंबर 2014 को न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में सात गवाह पेश किए गए। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद दोषी पाते हुए बड़कू को सजा से दंडित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। तहरीर में बताया कि देवर मुकेश उर्फ झब्बू, पति अजय, ससुर शिवशंकर और सास गुड़िया दहेज में बाइक और रुपयों की मांग करते थे।
विज्ञापन
दहेज न देने पर 9 सितंबर 2014 को चारों लोगों ने उसकी बेटी को फंदे से लटता कर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने मामले की तहकीकात की और पति अजय उर्फ बड़कू के खिलाफ 24 नवंबर 2014 को न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में सात गवाह पेश किए गए। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद दोषी पाते हुए बड़कू को सजा से दंडित किया।
विज्ञापन