{"_id":"695183722d047be28e0534e2","slug":"fog-wreaks-havoc-superfast-trains-become-passenger-trains-passenger-numbers-in-buses-also-decrease-banda-news-c-212-1-sknp1006-138177-2025-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: कोहरे का कहर...सुपरफास्ट ट्रेनें बनीं पैसेंजर, बसों में भी यात्री संख्या घटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: कोहरे का कहर...सुपरफास्ट ट्रेनें बनीं पैसेंजर, बसों में भी यात्री संख्या घटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो- 10 प्लेटफार्म में ट्रेनों के इंतजार में ओढ़े लपेटे बैठे यात्री। संवाद
फोटो- 11 यात्रियों के इंतजार में रोडवेज में खड़ी बसें। संवाद
फोटो - 12 रविवार की दोपहर 12:01 बजे छाए कोहरे से निकलते वाहन। संवाद
सूबेदारगंज समेत नौ ट्रेनें चलीं देरी से, अलवा का सहारा
- न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट से गलन बढ़ी
- चार-पांच दिन अगर लगातार कोहरा पड़ा तो दलहन तिलहन की फसल को नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट आने से गलन भरी सर्दी ने लोगों को घरों के अंदर दुबकने के लिए मजबूर कर दिया है। रोडवेज परिवहन में बसें तो रवाना हुईं, पर यात्रियों की संख्या नाममात्र रही। इसी तरह से लंबी दूरी की ट्रेनें भी नौ से 11 घंटे देरी से बांदा पहुंचीं। रविवार दोपहर भी शहर में कोहरा छाया रहा। मौसम विज्ञानी के अनुसार अगर चार-पांच दिन लगातार कोहरा पड़ा तो दलहन और तिलहन को नुकसान होने की पूरी आशंका है। न्यूनतम पारा 6.5 पर टिका है। इस मौसम में गेहूं की फसल को फायदा बताया जा रहा है। गत वर्षों की तुलना में मौसम सामान्य के आसपास बना हुआ है।
कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के विज्ञानी डॉ. दिनेश शाहा के मुताबिक, अधिकतम तापमान 18 तो न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री रिकार्ड किया गया है। हैरत की बात है कि बीते वर्ष भी 28 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री दर्ज किया गया था। फिलहाल दो दिनों में न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिर जाने से गलन भरी सर्दी शुरू हो गई है। इस गलन भरी सर्दी ने लोगों को घरों के अंदर रहने को मजबूर कर दिया है।
रोडवेज परिवहन में रविवार को सुबह बसें तो रवाना हुईं लेकिन यात्रियों की संख्या नाममात्र रही। रोडवेज परिसर से सुबह बांदा से कानपुर, बांदा से फतेहपुर लखनऊ, बांदा से मथुरा, बांदा से गोरखपुर, बांदा से वाया फतेहपुर लखनऊ की ओर जाने वाली जनरथ और बांदा से उरई के लिए बसें अपने निर्धारित समय में रवाना हुईं। इनमें यात्रियों की संख्या नाममात्र रही। दिन भर रोडवेज परिसर में बसें यात्रियों के इंतजार में खड़ी मिली।
विज्ञापन
उधर, जिले का मौसम गत वर्षों की तरह सामान्य है। दो दिन के अंतराल में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट आने से सर्दी बढ़ी है। कोहरे की संभावना बनी है। हालांकि पाला पड़ने की कोई संभावना नहीं है। चार-पांच दिन लगातार कोहरा हुआ तो दलहन-तिलहन ( मसूर, चना, मटर, अलसी, सरसों) को नुकसान हो सकता है। इन फसलों में फूल गिरना, बढ़वार रुकना जैसा हो सकता है।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सूबेदार गंज तक जाने वाली ट्रेन आई 10 घंटा देरी से
-रेल परिवहन चालन में व्यापक असर
बांदा। रेल परिवहन में सर्दी का खासा असर है। लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेने नौ से 10 घंटा देरी से पहुंच रहीं हैं। स्टेशन प्रबंधक मनोज शिवहरे ने बताया कि मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चलकर सूबेदारगंज तक जाने वाली ट्रेन का बांदा पहुंचने का टाइम शनिवार की रात 11:50 है, यह ट्रेन रविवार को सुबह 10:34 बजे यानी 10 घंटा 34 मिनट की देरी से बंद आई। इसी प्रकार आंबेडकर नगर से चलकर प्रयागराज जाने वाली आंबेडकर नगर एक्सप्रेस का समय रात 1:30 बजे बांदा आने का है यह ट्रेन रविवार को सुबह 6:50 यानी 5 घंटा 20 मिनट की देरी से बांदा पहुंची। बनारस से चलकर ग्वालियर जाने वाली रात 1:00 की जगह 2 घंटा देरी से 3:00 बजे बांदा पहुंची। अहमदाबाद से चलकर बरौनी को जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन प्रातः 250 की जगह 5:46 पर यानी तीन घंटा देरी से बांदा आई। इसी प्रकार जनपद आसनसोल से चलकर अहमदाबाद जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन दिन में 10:25 की जगह 11:34, करीबन एक घंटा देरी से बांदा पहुंची। प्रयागराज से चलकर ग्वालियर को जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन दोपहर 12:30 की जगह 2:45 बजे, करीब दो घंटा 15 मिनट की देरी से बांदा आई। जबलपुर से चलकर हजरत निजामुद्दीन दिल्ली जाने वाली ट्रेन रात 11:52 की जगह एक घंटा देरी से बांदा पहुंची। निजामुद्दीन से चलकर मानिकपुर जाने वाली उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति प्रातः 5:00 बजे की जगह करीब डेढ़ घंटा देरी से बांदा आई।
वर्जन
चार-पांच दिन अगर लगातार कोहरा हुआ तो दलहन व तिलहन की फसल को नुकसान हो सकता है। हालांकि पाला पड़ने की कोई संभावना नहीं है। मौसम फसलों के अनुकूल बना है। पालतू पशुओं को सर्दी से बचाने की आवश्यकता है। दो जनवरी के बाद से मौसम में बदलाव देखा जाएगा। -डॉ. दिनेश शाहा, कृषि एवं मौसम विभाग, कृषि विश्वविद्यालय, बांदा
विज्ञापन
फोटो- 11 यात्रियों के इंतजार में रोडवेज में खड़ी बसें। संवाद
फोटो - 12 रविवार की दोपहर 12:01 बजे छाए कोहरे से निकलते वाहन। संवाद
सूबेदारगंज समेत नौ ट्रेनें चलीं देरी से, अलवा का सहारा
- न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट से गलन बढ़ी
- चार-पांच दिन अगर लगातार कोहरा पड़ा तो दलहन तिलहन की फसल को नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट आने से गलन भरी सर्दी ने लोगों को घरों के अंदर दुबकने के लिए मजबूर कर दिया है। रोडवेज परिवहन में बसें तो रवाना हुईं, पर यात्रियों की संख्या नाममात्र रही। इसी तरह से लंबी दूरी की ट्रेनें भी नौ से 11 घंटे देरी से बांदा पहुंचीं। रविवार दोपहर भी शहर में कोहरा छाया रहा। मौसम विज्ञानी के अनुसार अगर चार-पांच दिन लगातार कोहरा पड़ा तो दलहन और तिलहन को नुकसान होने की पूरी आशंका है। न्यूनतम पारा 6.5 पर टिका है। इस मौसम में गेहूं की फसल को फायदा बताया जा रहा है। गत वर्षों की तुलना में मौसम सामान्य के आसपास बना हुआ है।
कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के विज्ञानी डॉ. दिनेश शाहा के मुताबिक, अधिकतम तापमान 18 तो न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री रिकार्ड किया गया है। हैरत की बात है कि बीते वर्ष भी 28 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री दर्ज किया गया था। फिलहाल दो दिनों में न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिर जाने से गलन भरी सर्दी शुरू हो गई है। इस गलन भरी सर्दी ने लोगों को घरों के अंदर रहने को मजबूर कर दिया है।
विज्ञापन
रोडवेज परिवहन में रविवार को सुबह बसें तो रवाना हुईं लेकिन यात्रियों की संख्या नाममात्र रही। रोडवेज परिसर से सुबह बांदा से कानपुर, बांदा से फतेहपुर लखनऊ, बांदा से मथुरा, बांदा से गोरखपुर, बांदा से वाया फतेहपुर लखनऊ की ओर जाने वाली जनरथ और बांदा से उरई के लिए बसें अपने निर्धारित समय में रवाना हुईं। इनमें यात्रियों की संख्या नाममात्र रही। दिन भर रोडवेज परिसर में बसें यात्रियों के इंतजार में खड़ी मिली।
विज्ञापन
उधर, जिले का मौसम गत वर्षों की तरह सामान्य है। दो दिन के अंतराल में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट आने से सर्दी बढ़ी है। कोहरे की संभावना बनी है। हालांकि पाला पड़ने की कोई संभावना नहीं है। चार-पांच दिन लगातार कोहरा हुआ तो दलहन-तिलहन ( मसूर, चना, मटर, अलसी, सरसों) को नुकसान हो सकता है। इन फसलों में फूल गिरना, बढ़वार रुकना जैसा हो सकता है।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सूबेदार गंज तक जाने वाली ट्रेन आई 10 घंटा देरी से
-रेल परिवहन चालन में व्यापक असर
बांदा। रेल परिवहन में सर्दी का खासा असर है। लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेने नौ से 10 घंटा देरी से पहुंच रहीं हैं। स्टेशन प्रबंधक मनोज शिवहरे ने बताया कि मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चलकर सूबेदारगंज तक जाने वाली ट्रेन का बांदा पहुंचने का टाइम शनिवार की रात 11:50 है, यह ट्रेन रविवार को सुबह 10:34 बजे यानी 10 घंटा 34 मिनट की देरी से बंद आई। इसी प्रकार आंबेडकर नगर से चलकर प्रयागराज जाने वाली आंबेडकर नगर एक्सप्रेस का समय रात 1:30 बजे बांदा आने का है यह ट्रेन रविवार को सुबह 6:50 यानी 5 घंटा 20 मिनट की देरी से बांदा पहुंची। बनारस से चलकर ग्वालियर जाने वाली रात 1:00 की जगह 2 घंटा देरी से 3:00 बजे बांदा पहुंची। अहमदाबाद से चलकर बरौनी को जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन प्रातः 250 की जगह 5:46 पर यानी तीन घंटा देरी से बांदा आई। इसी प्रकार जनपद आसनसोल से चलकर अहमदाबाद जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन दिन में 10:25 की जगह 11:34, करीबन एक घंटा देरी से बांदा पहुंची। प्रयागराज से चलकर ग्वालियर को जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन दोपहर 12:30 की जगह 2:45 बजे, करीब दो घंटा 15 मिनट की देरी से बांदा आई। जबलपुर से चलकर हजरत निजामुद्दीन दिल्ली जाने वाली ट्रेन रात 11:52 की जगह एक घंटा देरी से बांदा पहुंची। निजामुद्दीन से चलकर मानिकपुर जाने वाली उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति प्रातः 5:00 बजे की जगह करीब डेढ़ घंटा देरी से बांदा आई।
वर्जन
चार-पांच दिन अगर लगातार कोहरा हुआ तो दलहन व तिलहन की फसल को नुकसान हो सकता है। हालांकि पाला पड़ने की कोई संभावना नहीं है। मौसम फसलों के अनुकूल बना है। पालतू पशुओं को सर्दी से बचाने की आवश्यकता है। दो जनवरी के बाद से मौसम में बदलाव देखा जाएगा। -डॉ. दिनेश शाहा, कृषि एवं मौसम विभाग, कृषि विश्वविद्यालय, बांदा