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आमने-सामने जीत, मोबाइल में हार

Sun, 12 Sep 2021 11:53 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 Sep 2021 11:53 PM IST
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Face to face win, mobile defeat
बांदा। सड़कों पर सरकार को छका देने वाले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश सिंह टिकैत भाजपा के आईटी सेल के आगे नहीं टिक पा रहे। उन्होंने इसके सामने खुद को हारा मान लिया है। टिकैत ने कहा कि ट्रैक्टर से मुकाबला करने वाले हमारे नौजवान इनसे अब सोशल मीडिया से मुकाबला करेंगे।
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रविवार को सुबह यहां पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता टिकैत ने मीडिया वार्ता में कहा कि आमने-सामने के संघर्ष में हम जीतते हैं, लेकिन मोबाइल वाले सिस्टम में हम कच्चे हैं। इसमें वो (भाजपा) हमें हरा लेते हैं।
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मोबाइल का मकड़जाल हमारी समझ से बाहर है। अब हमने अपने नौजवानों से कहा कि इनका मुकाबला सोशल मीडिया में करें। टिकैत ने कहा कि हमारे और परिवार आदि के लगभग 5 हजार मोबाइल फोन पर हमें गाली दी जाती है।
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हमने यह नंबर बंद कर दिए हैं। टिकैत सुबह संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से यहां पहुंचे। किसान यूनियन नेताओं ने उनकी अगुवानी की। यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष हरदत्त पांडे के स्वराज कालोनी स्थित आवास पर भी गए। टिकैत के आगमन पर पूरे समय पुलिस का भरपूर पहरा रहा।
टिकैत का स्वागत करने वालों में यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष हरदत्त पांडे, मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी, मंडल उपाध्यक्ष बलराम तिवारी सहित महेंद्र तिवारी, जग प्रसाद फौजी, महेंद्र सिंह, विनोद सिंह, ब्रजेश सिंह, महिलाध्यक्ष सरोज कुशवाहा, राजाबाई, सविता, प्रमोद आजाद आदि शामिल रहे।
सपा नेताओं ने भी टिकैत से मुलाकात की। सपा की महिला मोर्चा नगर अध्यक्ष नीलम गुप्ता ने उन्हें गणेश प्रतिमा स्मृति चिह्न के रूप में दी। सपा नेता अशोक सिंह गौर भी उपस्थित रहे।
क्या सरकार बताएगी कि हम कौन सा नारा लगाएं
बांदा। अल्लाह हो अकबर या हर-हर महादेव का नारा क्या देश में बैन है, ये नारा देश के संविधान ने हमें दिया है। संविधान में अधिकार दिए गए हैं कि कोई भी भारतीय पूजा पद्धति कैसे करेगा, इसमें कोई बैन नहीं है।
मीडिया से बातचीत में एक सवाल के जवाब में टिकैत ने यह बात कही। सवाल किया कि क्या सरकार वाले हमको बताएंगे कि कौन सा नारा लगेगा। कहा कि ऐसे लोग देश तोड़ने का काम कर रहे हैं। इन्हें जाना होगा।
बुंदेलखंड को आर्गेनिक स्टेट बनाया जाए
बांदा। राकेश टिकैत ने कहा कि अगर किसी पार्टी की सरकार होती तो हमारी मांग मान ली जाती। मोदी सरकार को देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां चलातीं हैं। कहा कि भारत सरकार से हम मांग कर चुके हैं कि बुंदेलखंड को आर्गेनिक स्टेट बनाया जाए।
यहां का कठिया गेहूं और दालें बाहर बहुत महंगी बिकतीं हैं। दुनिया में कई ऐसे बाजार हैं, जहां इनकी बहुत डिमांड है। यहां किसान का माल व्यापारी सस्ते में खरीदता है और एमएसपी में बेचता है, जो बड़ा घोटाला है। किसान इन व्यापारियों के चंगुल में फंसे हैं।

किसान नेता ने बुंदेलखंड में विलेज टूरिज्म पॉलिसी की जरूरत बताई। आरोप लगाया कि यहां के नेता और अधिकारी बुंदेलखंड की खनिज संपदा को लूटते हैं। बड़ी संख्या में यहां से रोजगार के लिए पलायन होता है। सबसे से ज्यादा बेरोजगारी यहीं है। किसानों को एमएसपी खरीद की गारंटी मिलनी चाहिए।
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