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Banda News: ‘माननीयों’ की निधि खर्च करने में कार्यदायी संस्थाएं लापरवाह

Sun, 01 Sep 2024 01:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2024 01:03 AM IST
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Executive institutions careless in spending funds of 'honorables'
बांदा। कार्यदायी संस्थाओं ने ‘माननीयों’ की निधि का भी पैसा खर्च करने में भी लापरवाही बरती। चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 समाप्त हुए पांच माह बीतने को है, लेकिन धनराशि अवमुक्त किए जाने के बावजूद संस्थाओं के पास करीब सात करोड़ से अधिक पैसा खर्च करने के लिए अवशेष है। हालांकि सदर विधायक के 97 व नरैनी विधायक के 75 फसदी प्रस्तावों पर काम पूरा हो गया है। तिंदवारी व बबेरू विधायकों के प्रस्तावों पर आधा भी काम नहीं हुआ।
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विधान सभा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए शासन से विधायकों को पांच-पांच करोड़ रुपये निधि के रूप में दिए जाते हैं। यह रकम विधायक अपनी मर्जी से खर्च कर सकता है। ग्राम्य विकास विभाग की मानें तो वित्तीय वर्ष 2023-24 में विधायकों को पांच-पांच करोड़ की राशि विकास कार्यों के लिए मिली। सभी विधायकों ने विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव दिए। जुलाई के अंत तक बांदा विधायक प्रकाश द्विवेदी के कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाओं को 497.132 करोड़ की राशि जारी की गई। जिसमें अभी तक 420.399 करोड़ खर्च हुए। नरैनी विधायक ओममणि वर्मा के प्रस्तावों के कार्यों को पूरा करने के लिए 489.870 करोड़ जारी किए गए। जिसमें कार्यदायी संस्था अभी तक 389.890 करोड़ ही खर्च कर सकी है।
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तिंदवारी विधायक व राज्यमंत्री रामकेश निषाद की विकास परियोजनाओं के लिए 496.064 करोड़ जारी किए गए। कार्यदायी संस्थाएं महज अभी 188.202 करोड़ ही खर्च कर सकीं। बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव ने स्वीकृत परियोजनाओं के लिए 495.047 करोड़ जारी किए गए लेकिन अभी तक कार्यदायी संस्थाएं महज 194.759 लाख ही खर्च कर सकी हैं। यानि की कार्यदायी संस्थाओं को 1978.536 करोड़ जारी हुए। जिसमें अभी तक 1193.15 करोड़ ही खर्च कर सकी हैं। यानि की अभी कार्यदायी संस्थाओं के पास 785.386 करोड़ अवशेष बचे हुए है।
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जन प्रतिनिधियों के प्रस्ताव देर से मिलने व लोकसभा चुनाव की वजह से परियोजनाओं के कार्यो के पूरा होने में देरी हो रही है। इन्हें जल्द पूरा करने के लिए संस्थाओं को निर्देश दिए गए है।-प्रवीणानंद, परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास विभाग, बांदा
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