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Banda News: आरोग्य मेले में डॉक्टर मिले, खांसी का सिरप नहीं
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बांदा/अतर्रा/तिंदवारी। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में अतर्रा के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को छह माह बाद डॉक्टर मिला, लेकिन जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी बनी रही। जांच और दवाइयों की कमी से ग्रामीण परेशान रहे। वहीं, स्वास्थ्य केंद्रों में कई जगह खांसी की सिरप न मिलने से मरीज परेशान रहे।
रविवार को आंबेडकर नगर स्थित केंद्र पर डॉक्टर ने मरीजों का उपचार किया, लेकिन लैब टेक्नीशियन का पद रिक्त होने से रक्त संबंधी जांच नहीं हो सकी। वहीं एक मरीज को खांसी का सिरप उपलब्ध नहीं होने से बिना दवा के लौटना पड़ा। यही हाल बांदा के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छाबी तालाब में भी रहा। यहां भी खांसी का सिरप उपलब्ध नहीं रहा।
दोपहर तक बुखार, शुगर और खांसी से पीड़ित 31 मरीजों का उपचार किया गया। डॉ. अल्का मिश्रा ने बताया कि मरीजों की जांच कर उपचार किया गया। मरीजों ने बताया कि केंद्र में लैब टेक्नीशियन नहीं होने से रक्त संबंधी जांच के लिए उन्हें दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है।
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गांव बसरेही से उपचार कराने पहुंचे ईशान अली ने बताया कि बुखार की दवा मिल गई, लेकिन खांसी की सिरप नहीं मिला। इससे उन्हें बाहर से दवा लेनी पड़ी। बांदा नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छाबी तालाब में डॉ.उपासना खरे ने मरीज देखे। यहां खांसी के मरीजों को निराशा हाथ लगी। खांसी के सिरप न होने से उन्हें लौटना पड़ा। यहां दोपहर तक 35 मरीजों ने अपना इलाज कराया। ज्यादातर बुखार, सर्दी जुकाम व खांसी के मरीज रहे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में आयोजित आरोग्य मेले में 50 मरीजों ने पंजीकरण कराकर उपचार कराया। डॉ. सुमित वर्मा समेत स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की जांच कर दवाएं दीं। ब्लॉक जसपुरा क्षेत्र के गड़रिया, सिंधनकलां और चंदवारा नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आरोग्य मेला लगा। तीनों केंद्रों पर कुल 95 मरीजों ने उपचार कराया।
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रविवार को आंबेडकर नगर स्थित केंद्र पर डॉक्टर ने मरीजों का उपचार किया, लेकिन लैब टेक्नीशियन का पद रिक्त होने से रक्त संबंधी जांच नहीं हो सकी। वहीं एक मरीज को खांसी का सिरप उपलब्ध नहीं होने से बिना दवा के लौटना पड़ा। यही हाल बांदा के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छाबी तालाब में भी रहा। यहां भी खांसी का सिरप उपलब्ध नहीं रहा।
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दोपहर तक बुखार, शुगर और खांसी से पीड़ित 31 मरीजों का उपचार किया गया। डॉ. अल्का मिश्रा ने बताया कि मरीजों की जांच कर उपचार किया गया। मरीजों ने बताया कि केंद्र में लैब टेक्नीशियन नहीं होने से रक्त संबंधी जांच के लिए उन्हें दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है।
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गांव बसरेही से उपचार कराने पहुंचे ईशान अली ने बताया कि बुखार की दवा मिल गई, लेकिन खांसी की सिरप नहीं मिला। इससे उन्हें बाहर से दवा लेनी पड़ी। बांदा नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छाबी तालाब में डॉ.उपासना खरे ने मरीज देखे। यहां खांसी के मरीजों को निराशा हाथ लगी। खांसी के सिरप न होने से उन्हें लौटना पड़ा। यहां दोपहर तक 35 मरीजों ने अपना इलाज कराया। ज्यादातर बुखार, सर्दी जुकाम व खांसी के मरीज रहे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में आयोजित आरोग्य मेले में 50 मरीजों ने पंजीकरण कराकर उपचार कराया। डॉ. सुमित वर्मा समेत स्वास्थ्यकर्मियों ने मरीजों की जांच कर दवाएं दीं। ब्लॉक जसपुरा क्षेत्र के गड़रिया, सिंधनकलां और चंदवारा नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आरोग्य मेला लगा। तीनों केंद्रों पर कुल 95 मरीजों ने उपचार कराया।