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Banda News: आधार-खतौनी में नाम का फर्क, फार्मर रजिस्ट्री बनवाने में बाधा
Sat, 17 Jan 2026 11:38 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 17 Jan 2026 11:38 PM IST
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बांदा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों को फार्मर रजिस्ट्री (कृषक पंजीकरण) कराना अनिवार्य है। हालांकि, आधार कार्ड और खतौनी (भूमि अभिलेख) में नामों के मेल न खाने (मिसमैच) की समस्या के कारण चित्रकूटधाम मंडल के 2.78 लाख से अधिक किसान अभी तक पंजीकरण नहीं करा पाए हैं। इस वजह से उनकी पीएम-किसान की अगली किस्त रुकने की आशंका है, साथ ही अन्य योजनाओं का लाभ भी प्रभावित हो सकता है।
सरकार ने किसानों से संबंधित सभी योजनाओं के लिए एग्रीस्टैंक (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर) के तहत फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया है। इसका उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना और लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करना है। हालांकि, कृषक पंजीकरण कराने में किसानों की अरुचि के साथ-साथ सबसे बड़ी बाधा आधार और खतौनी में नाम की भिन्नता बन रही है।
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मंडल में बड़ी संख्या में किसान वंचित
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में राजस्व विभाग के अनुसार कुल किसानों की संख्या लगभग 9.85 लाख है। इनमें से पीएम-किसान के लिए पंजीकृत किसानों की संख्या 7,03,516 है। लेकिन, फार्मर रजिस्ट्री कराने वाले किसानों की संख्या अभी तक मात्र 5,03,516 ही है। इस प्रकार, मंडल में 2,78,299 किसान ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक अपनी फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री न कराने वाले किसानों को पीएम-किसान की अगली किश्त का भुगतान नहीं किया जाएगा।
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केस-1
पचनेही के किसान रामप्रसाद का कहना है कि उसका नाम आधार में रामप्रसाद यादव हैं। खतौनी में राम प्रसाद हैं। मिसमैच की वजह से फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। एसडीएम के यहां दो माह पहले खतौनी में में यादव बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था कोई कार्रवाई नहीं हुई।
केस-2
बिलगांव की महिला किसान सीता का कहना है कि उनका आधार में नाम सीता तिवारी हैं। खतौनी में नाम सीता है। यदि आधार से तिवारी हटवाते हैं तो बैंक आदि के कार्य बाधित होंगे। खतौनी में नाम जुड़वाने के लिए डेढ़ माह से तहसील के चक्कर काट रहे हैं।
जनपदों के अनुसार स्थिति
जिला
लाभार्थी रजिस्ट्री न कराने वाले
हमीरपुर 160457
46350
महोबा
141847
52643
चित्रकूट 151587
67036
बांदा
251347
112270
योग
705238
278299
प्रशासन का पक्ष और समाधान
इस समस्या पर कृषि उप निदेशक चित्रकूटधाम मंडल, बांदा अभय यादव ने बताया कि पीएम-किसान में फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। उन्होंने स्वीकार किया कि खतौनी में नाम के मिसमैच की दिक्कत आ रही है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि राजस्व विभाग ने इस समस्या के समाधान के लिए एक पोर्टल जारी किया है। इस पोर्टल पर आवेदन करने पर खतौनी में आवश्यक संशोधन किया जा सकेगा।