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बांदा में बिजली-पानी का भीषण संकट
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 26 Jun 2015 12:14 AM IST
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चित्रकूट धाम मंडल मुख्यालय बांदा शहर में बिजली और पानी के संकट से निजात नहीं मिल रही। बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा गई है। जैसे-तैसे चल रहे भूरागढ़ समेत कई फीडर बुधवार और गुरुवार को कई घंटे के लिए ठप पड़ गए। इससे गुरुवार को पूरे शहर में पानी की दिक्कत पैदा हो गई।
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इधर कुछ दिनों से बिजली संकट काफी गहराया हुआ है। 3 से 6 घंटे की कटौती के अलावा जगह-जगह फाल्टों की भरमार से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली ठप पड़ जाती है। इसका सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ रहा है।
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बुधवार को सबसे पहले जल संस्थान के इंटेकवेल और पंप स्टेशन को बिजली देने वाला भूरागढ़ फीडर सुबह 5 बजे बंद हो गया। फिर चालू नहीं हुआ। भूरागढ़ के पास रेलवे लाइन के नीचे स्थित केबिल बाक्स फुंक गया। पूरा दिन और आधी रात तक बिजली विभाग के अभियंता इसे दुरुस्त नहीं करा पाए।
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बाद में अधीक्षण अभियंता एके सक्सेना और एक्सईएन समरनाथ द्वारा सख्ती बरतने पर आधी रात के बाद केबिल बाक्स की मरम्मत शुरू हुई। तब जाकर बिजली बहाल हुई। उसमें भी एक फेस बंद रहा। मर्दननाका, छिपटहरी, निम्नीपार आदि मुस्लिम इलाकों में इफ्तार, तरावीह और सहरी अंधेरे में हुई।
उधर, संकट मोचन फीडर भी बंद रहा। बबेरू रोड और तिंदवारी रोड पर स्थित जल संस्थान के नलकूप नहीं चले। नतीजे में गुरुवार को सुबह लगभग पूरे शहर में पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। गर्मी में लोग पानी के लिए हैंडपंपों में पसीना बहाते रहे। जल संस्थान अधिशासी अभियंता वीबी सिंह ने बताया कि बिजली की वहज से ही पानी की आपूर्ति बाधित हुई।