{"_id":"35da15194fe1cc99663a43e808b7f153","slug":"the-young-man-killed-with-sharp-weapons-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक की धारदार हथियारों से हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
युवक की धारदार हथियारों से हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sat, 29 Aug 2015 11:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रेम प्रसंग में पड़ोसियों ने युवक की बरछी, कुल्हाड़ी और फरसा मारकर हत्या कर दी। मृतक की मां ने चार लोगों को नामजद किया है। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के पतवन गांव निवासी विवेक (22) पुत्र बाबू आरख शुक्रवार की रात अपने दरवाजे पर बैठा था। चाचा चुन्नी लाल ने बताया कि इसी दौरान पड़ोसी रामसिंह, बलवीर पुत्रगण पितुवा पाल, कल्लू पुत्र बलवीर और मनीषा उर्फ रानी पत्नी रामसिंह आए और बरछी, फरसा, कुल्हाड़ी और चाकू से हमला कर दिया।
विज्ञापन
विवेक की मां पास के दूसरे घर में थी। चाचा चुन्नी लाल मंदिर से लौटा तो हमलावरों को ललकारा। इस पर वे भाग निकले। चौकीदार मलखान ने पुलिस को सूचना दी।
कोतवाली पुलिस घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मृतक की मां सियादुलारी ने रामसिंह, बलवीर, कल्लू और मनीषा के विरुद्ध तहरीर दी। इसमें बताया कि उधार दिए रुपये मांगने पर हत्या कर दी गई।
विज्ञापन
चर्चा है कि विवेक का पड़ोसी युवती से प्रेम प्रसंग था। वह अक्सर उसके घर आता-जाता था। पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के चाचा चुन्नी लाल ने बताया कि विवेक दिल्ली में काम करता था। वह दो माह पहले गांव आया था। अपनी पूरी कमाई उसी युवती को देता था। घरवालों को एक पाई नहीं देता था।
मृतक का पिता बाबू आरख पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उसका एक चाचा हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। पतवन गांव निवासी बाबू आरख 1990 के दशक में चिल्ला थाना क्षेत्र में सक्रिय कमलेश व मिथलेश आरख गैंग में शामिल हो गया था।
1994 में महेदू (चिल्ला) गांव में मिथलेश आरख के साथ वह भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस के मुताबिक चाचा धनराज का भी आपराधिक इतिहास है।
फतेहपुर जिले में हत्या के मामले में उसे पांच साल पहले आजीवन कारावास की सजा हो गई थी। तभी से वह जेल में है। तीन भाइयों में सिर्फ चुन्नी लाल ही गांव में रहता है। मृतक का छोटा भाई विक्रम (21) अहमदाबाद में मजदूरी करता है।