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मजिस्ट्रेटी जांच और मदद के भरोसे पर माने परिजन

Sun, 28 Oct 2018 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा Updated Sun, 28 Oct 2018 11:21 PM IST
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Regarding trusting magistrates investigation and help
शोकग्रस्त बहन को संभालती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला

थाने में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले युवक के पड़ोसी छह हमलावरों पर संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने, 10 लाख रुपये की मदद और मजिस्ट्रेटी जांच के बाद परिजनों और ग्रामीणों का हंगामा शांत हो गया। दो डाक्टरों के पैनल से तड़के कराए गए पोस्टमार्टम के बाद रविवार दोपहर पैतृक गांव में पुलिस के पहरे में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। फिलहाल थाने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जांच का भरोसा दिलाया गया है। 

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तिंदवारी थाना क्षेत्र के भगदरा डेरा (अमलीकौर) के शिवभजन सिंह उर्फ बबलू (37) पुत्र रामआसरे सिंह शनिवार शाम थाने के अंदर सीलिंग फैन से साफी बांधकर फंदे पर झूल गया था। तीन दिन पूर्व उसका पड़ोसियों से झगड़ा हुआ था। इसी मामले में वह थाने आया था। उसने पुलिस के रवैये से क्षुब्ध होकर फांसी लगाई थी। लगभग पूरी रात तिंदवारी थाने में परिजनों और ग्रामीणों का जमघट रहा। कई घंटे हंगामा होता रहा। पुलिस अधीक्षक समेत भारी संख्या में पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैनात रही। परिजनों और पुलिस अफसरों के बीच रातभर बातचीत की गहमागहमी रही।
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रात करीब एक बजे सदर तहसीलदार अवधेश कुमार ने शव का पंचनामा भरा। रविवार को तड़के लगभग 5 बजे जिला अस्पताल के दो डाक्टरों डॉ. नरेंद्र विश्वकर्मा और डॉ. आरएल रख ने पोस्टमार्टम किया। वीडियोग्राफी भी हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव सुबह 7 बजे भारी पुलिस बल के साथ पैतृक गांव ले जाया गया। वहां पहले से ही पुलिस तैनात कर दी गई थी। यहां भी परिजनों ने विरोध किया। उनकी मांग थी कि बबलू पर हमला करने वालों के विरुद्ध उचित धाराओं की रिपोर्ट दर्ज हो। आनन-फानन पुलिस ने पड़ोसी आरोपियों के विरुद्ध संगीन धाराओं की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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अपर जिला मजिस्ट्रेट संतोष बहादुर सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक एलबीके पाल ने भरोसा दिलाया कि घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। साथ ही शासन से 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद का भी आश्वासन दिया। अंतत: तमाम मान-मनौव्वल के बाद परिजन राजी हुए और दोपहर को करीब एक बजे गांव के पास यमुना नदी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह (बांदा नगर), राजीव प्रताप सिंह (बबेरू) भी पूरे समय उपस्थित रहे। स्थानीय भाजपा विधायक बृजेश प्रजापति, रामकरन सिंह बच्चन, राजनारायण द्विवेदी, राजू सिंह फौजी, पूर्व डीडीसी दलपत सिंह, पूर्व प्रधान बेंदा विवेक कुमार सिंह, अमलीकौर प्रधान प्रतिनिधि दशरथ सिंह, माचा प्रधान प्रतिनिधि साजन सिंह, सपा नेता राजेंद्र यादव सहित बांदा शहर के कई चौकी इंचार्ज और तिंदवारी, पैलानी, जसपुरा, बबेरू, बेंदा, कुरसेजा, पपरेंदा आदि थानों व चौकियों का फोर्स उपस्थित रहा। 
 
बबलू की मांग मौत के बाद पूरी हुई। वह पिछले तीन दिनों से तिंदवारी थाना पुलिस के चक्कर लगा रहा था और फरियाद कर रहा था कि हमलावरों के विरुद्ध उचित धाराओं की रिपोर्ट दर्ज हो, लेकिन थाना पुलिस ने सिर्फ एनसीआर दर्ज की। बबलू के थाने में ही फांसी लगा लेने के बाद रातोंरात आरोपी छह लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।


इनमें छोटे पुत्र चुकाई निषाद, चुकाई पुत्र जुग्गा निषाद, साधू पुत्र जुग्गा निषाद, लल्लू पुत्र जुग्गा, मोनी पुत्र बलवीर और शेरा पुत्र शिव प्रसाद शामिल हैं। यह सब एक ही खानदानी बताए गए हैं। इन पर धारा 147, 323, 504, 506 और 306 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। ब्यूरो

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