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Ghaziabad News: मानसिक रूप से बीमार युवक एटीएस सोसायटी की 23वीं मंजिल से गिरा
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इंदिरापुरम। एटीएस सोसायटी में शनिवार सुबह एक युवक 23वीं मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक ज्ञानखंड-तीन का रहने वाला तरुण (35) घर से सामने की सोसायटी में टहलते हुए पहुंचा और लिफ्ट से ऊपर गया। परिजन का कहना है कि तरुण का तीन साल से मानसिक बीमारी का इहबास से इलाज चल रहा था।
ज्ञानखंड-तीन निवासी जगदीश परिवार के साथ रहते हैं। उनके दो बेटों में तरुण मानसिक रूप से बीमार है और दूसरे बेटे वरुण निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। तरुण स्नातक तक पढ़ाई करते हुए तीन साल पहले मानसिक रूप से बीमार हो गया। इसके बाद उसका दिल्ली के इहबास अस्पताल में इलाज चल रहा था। परिजन ने पुलिस को बताया कि तरुण अक्सर घर से निकल जाता तो उसे तलाश कर लाया जाता। शनिवार सुबह परिवार सो रहा था और करीब सात बजे घर से निकलकर तरुण घूमते हुए सामने की एटीएस एडवांटेज सोसायटी में पहुंचा। वह सोसायटी के बाहर काफी देर तक टहलता रहा। कई बार उसने सोसायटी में घुसने का प्रयास किया, लेकिन गेट नंबर दो और तीन पर सुरक्षाकर्मियों ने उसे जाने से रोक किया। करीब पौने आठ बजे गेट नंबर पांच पर पहुंची स्कूली बस की आड़ में वह सोसायटी में प्रवेश कर गया। इसके बाद वह टावर-10 की लिफ्ट में घुसकर टॉप फ्लोर 23वीं मंजिल पर पहुंचा। इसके कुछ देर बाद तरुण पहली मंजिल स्थित एक फ्लैट की बालकनी के बाहर की ओर निकले टीन शेड पर आकर गिरा। तेज आवाज होने पर पहली मंजिल पर रहने वाले लोगाें में अफरा तफरी मच गई। उसे बालकनी के शेड में फंसा देकर पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस ने उसे बाहर निकाला, लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उधर, जब परिवार के लोग उठे तो देखा कि तरुण घर पर नहीं था तो उसे तलाशने के लिए बाहर निकले तो सोसायटी में घटना की जानकारी मिली।
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अक्सर सोसायटी के बाहर टहलता रहता था तरुण
एटीएस सोसायटी के एओए अध्यक्ष सुमित चौधरी ने बताया कि तरुण के मानसिक बीमार होने की आसपास के लोगों को जानकारी थी। घटना के बाद सोसायटी की सीसीटीवी जब देखी गई तो उसमें भी काफी देर तक वह टहलता दिख रहा है। गेट नंबर पांच पर स्कूल बस की वजह से गार्ड उसे नहीं देख पाए, दूसरा सुबह का समय होने से लिफ्ट के पास भी कोई नहीं था।
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प्रथम दृष्टया यह हादसा प्रतीत हो रहा है और सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। घटना के तार से तार जोड़ते हुए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूर्यबली मौर्या, एसीपी इंदिरापुरम।
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ज्ञानखंड-तीन निवासी जगदीश परिवार के साथ रहते हैं। उनके दो बेटों में तरुण मानसिक रूप से बीमार है और दूसरे बेटे वरुण निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। तरुण स्नातक तक पढ़ाई करते हुए तीन साल पहले मानसिक रूप से बीमार हो गया। इसके बाद उसका दिल्ली के इहबास अस्पताल में इलाज चल रहा था। परिजन ने पुलिस को बताया कि तरुण अक्सर घर से निकल जाता तो उसे तलाश कर लाया जाता। शनिवार सुबह परिवार सो रहा था और करीब सात बजे घर से निकलकर तरुण घूमते हुए सामने की एटीएस एडवांटेज सोसायटी में पहुंचा। वह सोसायटी के बाहर काफी देर तक टहलता रहा। कई बार उसने सोसायटी में घुसने का प्रयास किया, लेकिन गेट नंबर दो और तीन पर सुरक्षाकर्मियों ने उसे जाने से रोक किया। करीब पौने आठ बजे गेट नंबर पांच पर पहुंची स्कूली बस की आड़ में वह सोसायटी में प्रवेश कर गया। इसके बाद वह टावर-10 की लिफ्ट में घुसकर टॉप फ्लोर 23वीं मंजिल पर पहुंचा। इसके कुछ देर बाद तरुण पहली मंजिल स्थित एक फ्लैट की बालकनी के बाहर की ओर निकले टीन शेड पर आकर गिरा। तेज आवाज होने पर पहली मंजिल पर रहने वाले लोगाें में अफरा तफरी मच गई। उसे बालकनी के शेड में फंसा देकर पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस ने उसे बाहर निकाला, लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उधर, जब परिवार के लोग उठे तो देखा कि तरुण घर पर नहीं था तो उसे तलाशने के लिए बाहर निकले तो सोसायटी में घटना की जानकारी मिली।
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अक्सर सोसायटी के बाहर टहलता रहता था तरुण
एटीएस सोसायटी के एओए अध्यक्ष सुमित चौधरी ने बताया कि तरुण के मानसिक बीमार होने की आसपास के लोगों को जानकारी थी। घटना के बाद सोसायटी की सीसीटीवी जब देखी गई तो उसमें भी काफी देर तक वह टहलता दिख रहा है। गेट नंबर पांच पर स्कूल बस की वजह से गार्ड उसे नहीं देख पाए, दूसरा सुबह का समय होने से लिफ्ट के पास भी कोई नहीं था।
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प्रथम दृष्टया यह हादसा प्रतीत हो रहा है और सोसाइटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। घटना के तार से तार जोड़ते हुए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूर्यबली मौर्या, एसीपी इंदिरापुरम।