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गैर इरादतन हत्या में पति-पत्नी और पुत्र दोषी
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:06 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : demo
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बांदा। गैर इरादतन हत्या और आगजनी के मामले में अदालत ने पति-पत्नी और पुत्र को दोषी पाया। सजा पर फैसला शुक्रवार को होगा। उधर, दहेज हत्या के मामले में ससुर व पति को अदालत ने बरी कर दिया।
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बबेरू के हरदौली रोड निवासी संतोष कुमार गुप्ता पुत्र जगन्नाथ ने नौ नवंबर 2013 को कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि पड़ोसी राजकरन अवस्थी के पुत्र वरुण उर्फ टीटू ने रात को उसके घर में लगे बांस-बल्ली और फट्टों में आग लगा दी।
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शिकायत करने गए तो राजकरन और उसकी पत्नी शीतला और पुत्र टीटू व पुत्री आरती ने घेरकर लाठी-डंडा और कुल्हाड़ी मारकर उसे और पत्नी राजरानी व पुत्र बबलू को लहूलुहान कर दिया। जिला अस्पताल में राजरानी की मौत हो गई। विवेचना अधिकारी ने आरती का नाम विवेचना में खारिज कर दिया।
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बाकी तीनों के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) संजय सिंह की अदालत में सुनवाई के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने तीनों को दोष सिद्ध पाया और जेल भेज दिया।
उधर, बबेरू कोतवाली क्षेत्र के जामू गांव निवासी रामकेश प्रजापति ने गिरवां थाने में चार जनवरी 2015 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसकी पुत्री गोमती को ससुराल खुरहंड में दहेज की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करते थे।
पति लवलेश व ससुर किशोरी लाल ने पहली जनवरी 2015 को जलाकर मार डाला। अपर सत्र न्यायाधीश (तृतीय) सुनील कुमार श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कि पति व ससुर को बरी कर दिया। लवलेश जेल में है। न्यायाधीश ने उसे रिहा करने के आदेश दिए। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बृजराज सिंह परिहार ने बहस की।