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भाई ने ही ली थी बहन की जान
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:47 PM IST
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बहन के हत्याभियुक्त को मीडिया के सामने पेश करतीं एसपी शालिनी।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर कोतवाली के किलेदार पुरवा मेें बुधवार की रात हुई 30 वर्षीय अविवाहित युवती की हत्या के मामले में पुलिस का शक हकीकत में बदल गया। शुरू से ही शक की सुई मृतका के बड़े भाई पर थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। हत्या के पीछे संपत्ति का विवाद बताया गया है।
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मीना का शव खून से लथपथ अवस्था में उसके घर में मिला था। सिर और जिस्म के अन्य हिस्सों में गहरे घाव थे। नजदीक में ही खून से सनी कुल्हाड़ी मिली थी। मीना माता-पिता की मौत के बाद घर में अकेली रहती थी। एक भाई चित्रकूट (कर्वी) में बैंक में नौकरी करता है। दूसरे भाई को कल्लू उर्फ ललित भी अलग रहता था। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक शालिनी ने मीडिया को बताया कि हत्याभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली प्रभारी श्रीनिवास यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।
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टीम ने शुक्रवार को सुबह चमरौटी चौराहा के पास मृतका के बड़े भाई कल्लू उर्फ ललित पुत्र रामदास को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि पूछताछ में कल्लू ने बयां किया है कि मीना ने मां के जिंदा रहते पूरी जमीन और मां की पेंशन अपने नाम करा ली थी। ललित ने अपना हिस्सा मांगा तो मीना ने छह माह पहले उसे घर से बाहर निकाल दिया। कल्लू के मुताबिक वह बेघर होकर इधर-उधर भटकता रहा। हिस्सा न मिलने से वह क्षुब्ध भी था। उसे लगा कि बहन के रहते उसे मां की प्रापर्टी में हिस्सा नहीं मिलेगा।
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लिहाजा 30 मई की रात साथी कमलेश (निवासी मंडी समिति, कालूकुआं, बांदा) के साथ मीना की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। दोनों दीवार फांदकर घर के अंदर दाखिल हुए थे। एसपी ने बताया कि अभियुक्त का अन्य आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है। गिरफ्तार करने वाली टीम ने कोतवाली प्रभारी के साथ खाईपार चौकी प्रभारी राजेंद्र प्रसाद यादव, मंडी समिति चौकी प्रभारी अशोक कुमार निगम, मर्दननाका चौकी प्रभारी एके सिंह, उप निरीक्षक शालिनी सिंह भदौरिया और कांस्टेबल संजय कुमार व संदीप कुमार शामिल थे। अभियुक्त के पास मोबाइल फोन बरामद हुआ।