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Banda News: केन - बेतवा लिंक की भूमि का हस्तांतरण इसी माह
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बांदा। 17 साल से फाइलों में दौड़ रही केन-बेतवा लिंक परियोजना के धरातल पर नजर आने के दिन पास आ गए हैं। परियोजना के लिए जिस जमीन की दरकार है, वह इसी माह हस्तांतरित (ट्रांसफर) करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। परियोजना में शामिल पन्ना टाइगर रिजर्व की छह हजार हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में आ रही है। इसमें चार हजार हेक्टेयर कोर एरिया में है। इसके बदले क्षतिपूर्ति के तौर पर राजस्व भूमि दी जा रही है। इसकी अधिसूचना मध्य प्रदेश सरकार ने जारी कर दी है। दिसंबर में ही भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना वर्ष 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंजूर हुई थी। परियोजना में एमपी और यूपी के 21 गांव प्रभावित हो रहे हैं। दोनों राज्यों में लंबे अरसे तक सहमति नहीं बन पाई। केंद्र सरकार के दखल के बाद दोनों राज्यों में समझौता हुआ।
उधर, प्रभावित गांवों के आदिवासी बाशिंदे और कई संगठन इसके विरोध में है। परियोजना की जद में आने वाले गांव खाली कराए जाएंगे। परियोजना के मुख्य बांध ढोढन के निर्माण के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क की 6017 हेक्टेयर वन भूमि ली जा रही है। इसमें 4141 हेक्टेयर भूमि कोर एरिया में शामिल है।
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वन विभाग को इस भूमि के बदले दूसरी राजस्व भूमि देकर भरपाई की जा रही है। इस बाबत एमपी सरकार ने इसी वर्ष 31 जनवरी को भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की थी। खबर है कि यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। एमपी सरकार ने अधिसूचना का गजट जारी कर दिया है। एक हफ्ते में भूमि हस्तांतरित होने की पूरी उम्मीद है। इसी के बाद ढोढन बांध सहित अन्य काम शुरू हो जाएंगे।
यूपी-एमपी के 12 जिलों को मिलेगा पानी
केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के 12 जिलों को पानी मिलने का दावा किया जा रहा है। इनमें एमपी के पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा और शिवपुरी और यूपी के बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर जनपद शामिल हैं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना एक नजर में
-लागत - 44,605 करोड़ रुपये
- केंद्र सरकार देगी : 90 प्रतिशत राशि
- दोनों राज्य देंगे : 5-5 प्रतिशत राशि
- उप्र में सिंचाई : 2.27 लाख हेक्टेयर
- मप्र में सिंचाई : 4.47 लाख हेक्टेयर
- 31960 लाख घन मीटर पानी सिंचाई को मिलेगा।
- 120 लाख घन मीटर पानी घरेलू एवं औद्योगिक इस्तेमाल को मिलेगा।
- 45 लाख आबादी वाले बुंदेलखंड को पेयजल की उपलब्धता।
पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 21 गांव होंगे प्रभावित
बांध के डूब क्षेत्र में प्रभावित लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना के मुताबिक ढोढ़न गांव में बनने वाले मुख्य बांध में पन्ना टाइगर रिजर्व के 21 गांव प्रभावित होंगे। इसमें पन्ना जिले के सात और छतरपुर के छह गांव शामिल हैं।
वन क्षतिपूर्ति के लिए 13 गांव की होनी है शिफ्टिंग
पन्ना टाइगर रिजर्व एरिया में प्रस्तावित ढोढ़न बांध का काम शुरू करने से पहले वन विभाग को देने के लिए राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) ने जिस भूमि का चयन किया है, उसमें 13 गांव आबाद हैं। इनमें करीब छह गांव बड़ी आबादी वाले हैं। इन गांवों की सेटेलाइट मैपिंग हो गई है। इन गांवों में अमानगंज क्षेत्र के कटहरी, बिल्हरा, कोनी, मझौली, गहदरा, मरहा, खमरी, कूड़न, पाठापुर, नैगुवा, डुंगरिया, कदवारा, घुघरी आदि शामिल हैं। इन गांवों की शिफ्टंग के बाद ही काम की शुरुआत हो सकेगी।
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केन-बेतवा लिंक परियोजना वर्ष 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंजूर हुई थी। परियोजना में एमपी और यूपी के 21 गांव प्रभावित हो रहे हैं। दोनों राज्यों में लंबे अरसे तक सहमति नहीं बन पाई। केंद्र सरकार के दखल के बाद दोनों राज्यों में समझौता हुआ।
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उधर, प्रभावित गांवों के आदिवासी बाशिंदे और कई संगठन इसके विरोध में है। परियोजना की जद में आने वाले गांव खाली कराए जाएंगे। परियोजना के मुख्य बांध ढोढन के निर्माण के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क की 6017 हेक्टेयर वन भूमि ली जा रही है। इसमें 4141 हेक्टेयर भूमि कोर एरिया में शामिल है।
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वन विभाग को इस भूमि के बदले दूसरी राजस्व भूमि देकर भरपाई की जा रही है। इस बाबत एमपी सरकार ने इसी वर्ष 31 जनवरी को भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की थी। खबर है कि यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। एमपी सरकार ने अधिसूचना का गजट जारी कर दिया है। एक हफ्ते में भूमि हस्तांतरित होने की पूरी उम्मीद है। इसी के बाद ढोढन बांध सहित अन्य काम शुरू हो जाएंगे।
यूपी-एमपी के 12 जिलों को मिलेगा पानी
केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के 12 जिलों को पानी मिलने का दावा किया जा रहा है। इनमें एमपी के पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा और शिवपुरी और यूपी के बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर जनपद शामिल हैं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना एक नजर में
-लागत - 44,605 करोड़ रुपये
- केंद्र सरकार देगी : 90 प्रतिशत राशि
- दोनों राज्य देंगे : 5-5 प्रतिशत राशि
- उप्र में सिंचाई : 2.27 लाख हेक्टेयर
- मप्र में सिंचाई : 4.47 लाख हेक्टेयर
- 31960 लाख घन मीटर पानी सिंचाई को मिलेगा।
- 120 लाख घन मीटर पानी घरेलू एवं औद्योगिक इस्तेमाल को मिलेगा।
- 45 लाख आबादी वाले बुंदेलखंड को पेयजल की उपलब्धता।
पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र के 21 गांव होंगे प्रभावित
बांध के डूब क्षेत्र में प्रभावित लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना के मुताबिक ढोढ़न गांव में बनने वाले मुख्य बांध में पन्ना टाइगर रिजर्व के 21 गांव प्रभावित होंगे। इसमें पन्ना जिले के सात और छतरपुर के छह गांव शामिल हैं।
वन क्षतिपूर्ति के लिए 13 गांव की होनी है शिफ्टिंग
पन्ना टाइगर रिजर्व एरिया में प्रस्तावित ढोढ़न बांध का काम शुरू करने से पहले वन विभाग को देने के लिए राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) ने जिस भूमि का चयन किया है, उसमें 13 गांव आबाद हैं। इनमें करीब छह गांव बड़ी आबादी वाले हैं। इन गांवों की सेटेलाइट मैपिंग हो गई है। इन गांवों में अमानगंज क्षेत्र के कटहरी, बिल्हरा, कोनी, मझौली, गहदरा, मरहा, खमरी, कूड़न, पाठापुर, नैगुवा, डुंगरिया, कदवारा, घुघरी आदि शामिल हैं। इन गांवों की शिफ्टंग के बाद ही काम की शुरुआत हो सकेगी।