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Banda News: सोशल आडिट में 2.73 करोड़ का भ्रष्टाचार सामने आया
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बांदा। मनरेगा से कराए गए विकास कार्यों का सोशल ऑडिट तो कराया जाता है, लेकिन भ्रष्टाचार मिलने पर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती। जिले में पांच साल में मनरेगा से कराए गए विकास कार्यों के सोशल आडिट कराए गए थे। इसमें करीब पौने तीन करोड़ के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था। दोषियों से अफसरों ने वसूली के आदेश भी दिए, लेकिन इसके बाद की कार्रवाई नहीं की। फाइलें अलमारी में कैद हैं।
जिले में प्रति वर्ष करीब एक अरब का श्रम बजट आता है। जो निर्माण कार्यों और मजदूरी पर खर्च किया जाता है। कार्यों की गुणवत्ता परखने के लिए शासन से हर वर्ष सोशल आडिट कराया जाता है। पिछले पांच सालों में टीमों ने आडिट के दौरान जिले की 407 ग्राम पंचायतों में 2,73,07,613 रुपये के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था। इसमें ज्यादातर गड़बड़ी मेड़बंदी, तालाब, सड़क निर्माण के कार्यों में की गई। टीमें प्रति वर्ष धनराशि की गड़बड़ी की रिपोर्ट शासन को भेज रही हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
इसके चलते गड़बड़ी से संबंधित फाइलें विभागीय दफ्तरों की अलमारियों में धूल फंक रही हैं। इसके चलते गड़बड़ी कर हड़पी गई रकम करोड़ों में पहुंच गई है। पिछले दिनों शासन ने वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित पत्रावलियों का निस्तारण कर दोषी प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायकों से भ-ूराजस्व की भांति वसूली के आदेश दिए थे।
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इसके बाद भी जिम्मेदारों ने शासन के आदेशों को भी किनारे कर दिया। हालांकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि अब तक 266 ग्राम पंचायतों के एक करोड़ एक लाख 21 हजार 779 रुपये की गड़बड़ी के मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
इनसेट...
पांच साल में ब्लॉक वार भ्रष्टाचार का खुलासा
ब्लाक ग्राम पंचायत धनराशि
बबेरू 44 3039082
बड़ोखर खुर्द 79 7509263
बिसंडा 52 334133
जसपुरा 30 1457802
कमासिन 19 263127
मुआ 97 3843195
नरैनी 57 2896080
तिंदवारी 29 1394931
योग 407 20737613
ब्लॉक बड़ोखर की ग्राम पंचायत बल्लान के रामभवन का कहना है कि वर्ष 2017-18 में मनरेगा से सड़क पर मिट्टी डालने में 10 लाख का भ्रष्टाचार सामने आया था। तालाब खुदाई में पांच लाख की अनियमितता पाई गई। सोशल आडिट टीम ने रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी, लेकिन आज तक विभाग ने जिम्मेदारों से कोई घपले की राशि वसूली नहीं की।
ब्लाक बिसंडा के ग्राम पंचायत मझीवांसानी के ग्रामीणों का कहना है कि 2018-19 में मनरेगा के तहत कराए गए मेड़बंदी कार्य सहित तालाब खुदाई के कार्य में 15 लाख का भ्रष्टाचार पकड़ा गया था। 2016-17 में भी सड़क निर्माण
में मिट्टी डालने के कार्य में गड़बड़ी पाई गई थी। इसकी शिकायत की गई थी। सोशल आडिट टीम ने भी भ्रष्टाचार पकड़ा था।
सोशल आडिट में पकड़ी गई अनियमितताओं में अब तक 266 ग्राम पंचायतों में 1,01,21,779 रुपये की अनियमितता के मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। 141 ग्राम पंचायतों में 1,61,6,494 रुपये की अनियमितता के मामलों का निस्तारण होना शेष है। खंड विकास अधिकारियों को अनियमितता संबंधी मामलों में निस्तारण के निर्देश दिए हैं। -राघवेंद्र तिवारी, उपायुक्त मनरेगा, बांदा।
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जिले में प्रति वर्ष करीब एक अरब का श्रम बजट आता है। जो निर्माण कार्यों और मजदूरी पर खर्च किया जाता है। कार्यों की गुणवत्ता परखने के लिए शासन से हर वर्ष सोशल आडिट कराया जाता है। पिछले पांच सालों में टीमों ने आडिट के दौरान जिले की 407 ग्राम पंचायतों में 2,73,07,613 रुपये के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था। इसमें ज्यादातर गड़बड़ी मेड़बंदी, तालाब, सड़क निर्माण के कार्यों में की गई। टीमें प्रति वर्ष धनराशि की गड़बड़ी की रिपोर्ट शासन को भेज रही हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
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इसके चलते गड़बड़ी से संबंधित फाइलें विभागीय दफ्तरों की अलमारियों में धूल फंक रही हैं। इसके चलते गड़बड़ी कर हड़पी गई रकम करोड़ों में पहुंच गई है। पिछले दिनों शासन ने वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित पत्रावलियों का निस्तारण कर दोषी प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायकों से भ-ूराजस्व की भांति वसूली के आदेश दिए थे।
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इसके बाद भी जिम्मेदारों ने शासन के आदेशों को भी किनारे कर दिया। हालांकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि अब तक 266 ग्राम पंचायतों के एक करोड़ एक लाख 21 हजार 779 रुपये की गड़बड़ी के मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
इनसेट...
पांच साल में ब्लॉक वार भ्रष्टाचार का खुलासा
ब्लाक ग्राम पंचायत धनराशि
बबेरू 44 3039082
बड़ोखर खुर्द 79 7509263
बिसंडा 52 334133
जसपुरा 30 1457802
कमासिन 19 263127
मुआ 97 3843195
नरैनी 57 2896080
तिंदवारी 29 1394931
योग 407 20737613
ब्लॉक बड़ोखर की ग्राम पंचायत बल्लान के रामभवन का कहना है कि वर्ष 2017-18 में मनरेगा से सड़क पर मिट्टी डालने में 10 लाख का भ्रष्टाचार सामने आया था। तालाब खुदाई में पांच लाख की अनियमितता पाई गई। सोशल आडिट टीम ने रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी, लेकिन आज तक विभाग ने जिम्मेदारों से कोई घपले की राशि वसूली नहीं की।
ब्लाक बिसंडा के ग्राम पंचायत मझीवांसानी के ग्रामीणों का कहना है कि 2018-19 में मनरेगा के तहत कराए गए मेड़बंदी कार्य सहित तालाब खुदाई के कार्य में 15 लाख का भ्रष्टाचार पकड़ा गया था। 2016-17 में भी सड़क निर्माण
में मिट्टी डालने के कार्य में गड़बड़ी पाई गई थी। इसकी शिकायत की गई थी। सोशल आडिट टीम ने भी भ्रष्टाचार पकड़ा था।
सोशल आडिट में पकड़ी गई अनियमितताओं में अब तक 266 ग्राम पंचायतों में 1,01,21,779 रुपये की अनियमितता के मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। 141 ग्राम पंचायतों में 1,61,6,494 रुपये की अनियमितता के मामलों का निस्तारण होना शेष है। खंड विकास अधिकारियों को अनियमितता संबंधी मामलों में निस्तारण के निर्देश दिए हैं। -राघवेंद्र तिवारी, उपायुक्त मनरेगा, बांदा।