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चुनाव बाद फिर आबाद होंगी बालू खदानें
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
Updated Sun, 18 Oct 2015 11:42 PM IST
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बांदा। पंचायत चुनाव के बाद बालू के दाम बढ़ सकते हैं। कुछ बालू कारोबारी पंचायत चुनाव से फुर्सत पाकर अब वीरान पड़ी खदानों को फिर आबाद करने की तैयारियों में जुट गए हैं। वह चुनाव में खर्च पैसे की भरपाई भी करेंगे। अगले महीने तक बालू के दामों में डेढ़ से दोगुना का इजाफा हो सकता है। उधर, अवैध खनन के मामले की सुनवाई कर रहा इलाहाबाद हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 29 अक्तूबर को होनी है। प्रदेश सरकार को हलफनामा दाखिल करना है। हाईकोर्ट ने अवैध खनन पर नजर रखने के लिए कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए हैं।
पिछले करीब एक महीने से पंचायत चुनाव की चौतरफा धूम थी। कई बालू कारोबारी भी पंचायत चुनाव में पूरी तरह व्यस्त थे। कुछ तो डीडीसी का चुनाव भी लड़ रहे थे। उधर, बारिश से भी खदानों में खनन ठहर गया था। अब चुनाव के तीन चरण निपट चुके हैं। सिर्फ एक चरण बचा है। पहले तीन चरणों में बालू खदानों से संबंधित क्षेत्रों में मतदान हो चुका है। चुनाव लड़ने वाले बालू कारोबारी भी फुर्सत पा गए हैं।
अब उनका रुझान खदानों को चालू करने की तरफ है। इसके लिए बारिश से खराब हुए खदानों के रास्तों को दुरुस्त करने का काम तेजी से शुरू हो गया है। कोलावल रायपुर, सादीमदनपुर, खप्टिहा, पैलानी, पथरा आदि घाटों आदि की खदानों को जल्द ही चालू किया जा रहा है।
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उधर, यह भी पता चला है कि खदानें शुरू होते ही बालू के भाव भी बढ़ेंगे। रायल्टी की दरें डेढ़ से दोगुना बढ़ सकती हैं। कई महीनों से खदानों के बंद रहने और अब फिर चालू करने के लिए रास्तों आदि की मरम्मत में खर्च हुई रकम की भरपाई के लिए बालू के भाव बढ़ाए जा सकते हैं। अभी तक एक ट्रक बालू 12 हजार रुपये में मिलती थी। अब यह 18 हजार रुपये हो सकती है। हालांकि इस कमाई में सिर्फ बालू कारोबारी ही अपनी जेब गर्म नहीं करेंगे। नीचे से ऊपर तक सिंडिकेट भी अपना हक हासिल करेगा।
बालू कारोबारियों ने खदानों में पोकलैंड मशीन पहुंचाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। कई महीनों से जंग खा रही पोकलैंड मशीनों को तेल-पानी और रंग-रोगन से दुरुस्त किया जा रहा है।
उधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवैध खनन को लेकर चल रहे मुकदमें में अगली सुनवाई इसी माह की 29 तारीख को है। पता चला है कि इस तिथि को प्रदेश सरकार अपना हलफनामा हाईकोर्ट में दाखिल करेगी। हाईकोर्ट ने कुछ और स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए हैं।
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पिछले करीब एक महीने से पंचायत चुनाव की चौतरफा धूम थी। कई बालू कारोबारी भी पंचायत चुनाव में पूरी तरह व्यस्त थे। कुछ तो डीडीसी का चुनाव भी लड़ रहे थे। उधर, बारिश से भी खदानों में खनन ठहर गया था। अब चुनाव के तीन चरण निपट चुके हैं। सिर्फ एक चरण बचा है। पहले तीन चरणों में बालू खदानों से संबंधित क्षेत्रों में मतदान हो चुका है। चुनाव लड़ने वाले बालू कारोबारी भी फुर्सत पा गए हैं।
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अब उनका रुझान खदानों को चालू करने की तरफ है। इसके लिए बारिश से खराब हुए खदानों के रास्तों को दुरुस्त करने का काम तेजी से शुरू हो गया है। कोलावल रायपुर, सादीमदनपुर, खप्टिहा, पैलानी, पथरा आदि घाटों आदि की खदानों को जल्द ही चालू किया जा रहा है।
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उधर, यह भी पता चला है कि खदानें शुरू होते ही बालू के भाव भी बढ़ेंगे। रायल्टी की दरें डेढ़ से दोगुना बढ़ सकती हैं। कई महीनों से खदानों के बंद रहने और अब फिर चालू करने के लिए रास्तों आदि की मरम्मत में खर्च हुई रकम की भरपाई के लिए बालू के भाव बढ़ाए जा सकते हैं। अभी तक एक ट्रक बालू 12 हजार रुपये में मिलती थी। अब यह 18 हजार रुपये हो सकती है। हालांकि इस कमाई में सिर्फ बालू कारोबारी ही अपनी जेब गर्म नहीं करेंगे। नीचे से ऊपर तक सिंडिकेट भी अपना हक हासिल करेगा।
बालू कारोबारियों ने खदानों में पोकलैंड मशीन पहुंचाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। कई महीनों से जंग खा रही पोकलैंड मशीनों को तेल-पानी और रंग-रोगन से दुरुस्त किया जा रहा है।
उधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवैध खनन को लेकर चल रहे मुकदमें में अगली सुनवाई इसी माह की 29 तारीख को है। पता चला है कि इस तिथि को प्रदेश सरकार अपना हलफनामा हाईकोर्ट में दाखिल करेगी। हाईकोर्ट ने कुछ और स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए हैं।