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मिडडे मील रसोईया को अब 1500 मानदेय
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परिषदीय स्कूलों में मिडडे-मील बनाने वाले रसोईयों के मानदेय में शासन ने 500 रुपये का इजाफा किया है। अब उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। अभी तक 1000 रुपये दिया जाता था। बढ़ोत्तरी जनवरी 2019 से लागू हो गई है। चित्रकूटधाम मंडल में 19,280 रसोईयों को इसका लाभ मिलेगा।
बेसिक शिक्षा परिषद के विशेष सचिव देव प्रताप ने डीएम व बीएसए को भेजे गए शासनादेश में कहा है कि रसोईयों को बढ़ा मानदेय इसी माह मार्च में दिया जाएगा।
इसके पूर्व जनवरी से फरवरी तक का मानदेय अलग से एरियर के रूप में दिया जाएगा। बढ़े हुए मानदेय का लाभ बांदा में 5280, महोबा में 4500, चित्रकूट में 5000 और हमीरपुर में 4500 रसोईयों को मिलेगा।
मानदेय में एकमुश्त 500 रुपये की बढ़ोत्तरी पर भी रसोईया महिलाएं खुश नजर नहीं आ रही। शहर के खिन्नीनाका प्राइमरी स्कूल की रसोईया रामलली व कमला का कहना है कि इस महंगाई में रसोइयों को दिहाड़ी मजदूर से भी कम मानदेय दिया जा रहा है।
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मानदेय 6000 हजार से कम नहीं होना चाहिए। सिविल लाइन स्कूल की रसोईया रामकुमारी के मुताबिक प्रति बच्चा एक रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाना चाहिए। ब्यूरो
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बेसिक शिक्षा परिषद के विशेष सचिव देव प्रताप ने डीएम व बीएसए को भेजे गए शासनादेश में कहा है कि रसोईयों को बढ़ा मानदेय इसी माह मार्च में दिया जाएगा।
इसके पूर्व जनवरी से फरवरी तक का मानदेय अलग से एरियर के रूप में दिया जाएगा। बढ़े हुए मानदेय का लाभ बांदा में 5280, महोबा में 4500, चित्रकूट में 5000 और हमीरपुर में 4500 रसोईयों को मिलेगा।
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मानदेय में एकमुश्त 500 रुपये की बढ़ोत्तरी पर भी रसोईया महिलाएं खुश नजर नहीं आ रही। शहर के खिन्नीनाका प्राइमरी स्कूल की रसोईया रामलली व कमला का कहना है कि इस महंगाई में रसोइयों को दिहाड़ी मजदूर से भी कम मानदेय दिया जा रहा है।
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मानदेय 6000 हजार से कम नहीं होना चाहिए। सिविल लाइन स्कूल की रसोईया रामकुमारी के मुताबिक प्रति बच्चा एक रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाना चाहिए। ब्यूरो