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Banda News: छह घंटे में बरसा 46 मिलीमीटर पानी, उफनाई केन व यमुना नदी

Sat, 12 Jul 2025 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jul 2025 11:57 PM IST
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46 mm of water fell in six hours, Ken and Yamuna rivers overflowed
बारिश का भरा पानी।  - फोटो : संवाद
बांदा। सावन के दूसरे दिन भी जनपद में शुक्रवार की रात और शनिवार को सुबह दस बजे तक झमाझम बारिश हुई। इससे पूरा शहर व ग्रामीण इलाकों में जलभराव हो गया। गलियों व सड़कों में घुटनों तक पानी भर गया। वहीं ओरन में चित्रकूट मार्ग बारिश के बहाव में कटकर बह गया। कालिंजर दुर्ग में पहाड़ का कुछ हिस्सा एप्रोच रोड में धंसने से आवागमन बंद हो गया। दुरेड़ी में रेलवे अंडरब्रिज में पानी भर जाने से आवागमन बंद हो गया। वहीं केन और यमुना नदी भी और उफना गईं। केन का जल स्तर 100 मीटर पार गया। यह खतरे के निशान से महज चार मीटर दूर है। पैलानी क्षेत्र में रपटों के ऊपर पानी आ जाने से कई गांवों का आवागमन ठप हो गया।
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कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विभागध्यक्ष ने बताया कि जिले में पिछले 24 घंटे में 46.5 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। तिंदवारी संवाद के मुताबिक तेज बारिश के चलते ग्रामीण अंचल में नाले उफान पर हैं। बांदा-फतेहपुर राजमार्ग से निकले जौहरपुर संपर्क मार्ग के रपटा में पानी भर गया। इससे आवागमन प्रभावित रहा। लोग जान जोखिम में डालकर पानी भरे रास्ते के ऊपर से आना-जाना करते रहे।
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बांदा-टांडा राजमार्ग पर कुरसेजा चौकी के पास आंधी व बारिश के कारण सड़क के किनारे खड़ा सिलमिली का पेड़ जमीन पर आ गिरा। गनीमत रही कि कोई वाहन पेड़ की जद में नहीं आया। पेड़ सड़क पर गिरने से एक घंटे तक हाईवे पर जाम लगा रहा। पांच से छह किमी दूर तक वाहनों की लाइन लग गई। पेड़ गिरने और जाम लगने की सूचना पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने मजदूरों की मदद से पेड़ को काट कर सड़क से हटवाया। इस प्रक्रिया में दो घंटे का वक्त लगा। सड़क से पेड़ हटाने के बाद आवागमन सुचारु हो सका। पैलानी प्रतिनिधि के अनुसार केन नदी तथा चंद्रावल में लगातार जल स्तर बढ़ रहा है। शनिवार को तहसीलदार राधेश्याम सिंह ने पड़ोहरा में केन नदी का निरीक्षण किया। नविकों को हिदायत देते हुए कहा की बारिश के दौरान नाव को बंद रखें तथा सीमित मात्रा में ही यात्रियों को इस पार से उसे पार ले जाएं। बदौसा प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश से कस्बे में जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। शीतलेश्वर मंदिर में नालिया चोक होने के कारण जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
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रेलवे अंडरब्रिज मुंडेरी में भरा पानी

मटौंध। क्षेत्र के खैराडा और मटौंध रेलवे स्टेशन की बीच में स्थित गेट नंबर 449 ए मुंडेरी अंडर ब्रिज में कमर तक पानी भर गया है। रेलवे विभाग द्वारा जल निकासी के लिए कोई व्यवस्था न करने के कारण लोगों का आवागमन ठप है। मुंडेरी, खहरा, बनिया खोड़, मनका पुरवा सहित करीब 20 गांवों के लोगों को लंबा च क्कर लगाना पड़ रहा है। वीरेंद्र सिंह, संदीप सिंह, बबलू, नईम खान, उपेंद्र सिंह, सलमान खान, लालू मयंक, भूरा, दीप प्रकाश आदि ने उच्च अधिकारियों से जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।


भारी बारिश से कटा ओरन- चित्रकूट मार्ग

ओरन। लगातार बारिश से चित्रकूट वाया भदावल मार्ग कटकर बह गया। इससे ग्राम भदावल, कुल्लूखेड़ा, ओरन, शिवरामपुर, दहनी, भैंसोंठ, पहाड़िया, भरैया सहित करीब 15 से ज्यादा गांवों समेत चित्रकूट जनपद का संपर्क पूरी तरह ठप हो गया। सड़क कटने की जानकारी पर उप जिलाधिकारी अतर्रा राहुल द्विवेदी मौके पर पहुंचे और जायजा लिया। ग्राम प्रधान कुल्लू खेड़ा ने उन्हें जानकारी दी। एसडीएम ने संबंधित विभाग को जल्द से जल्द वैकल्पिक मार्ग दुरुस्त करने के निर्देश दिए। दो वर्ष पूर्व सेतु निगम ने भदावल में पुल बनवाया था। तब से स्थानीय लोग इसी मार्ग से चित्रकूट आते-जाते हैं। मार्ग अवरुद्ध हो जाने से ग्रामीणों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।

पहाड़ का मलबा धंसने से दुर्ग का एप्रोच रोड बंद
कालिंजर। ऐतिहासिक एवं पौराणिक कालिंजर दुर्ग में जाने वाले मार्ग में भारी बारिश के चलते पहाड़ का मलबा गिरने से आवागमन ठप हो गया। आने वाले पर्यटक कालिंजर दुर्ग के नीचे चार पहिया वाहनों को नीचे ही खड़े करके पैदल जा रहे हैं। नायब तहसीलदार एवं कालिंजर थाना अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। बाद में पीडब्ल्यूडी कर्मचारी भी पहुंच गए हैं। मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। कई जगहों पर सड़क भी बह गई है। उधर, बारिश का पानी बढ़ने से जगह-जगह झरनों का बहना शुरू हो गया है। युवा इन झरनों का लुत्फ उठा रहे हैं।



टीचर्स कालोनी बनी टापू

अतर्रा। कस्बे से कुछ दूरी में स्थित वार्ड सिविल लाइन के ट्यूबवेल की गली में तालाब में पानी लबालब भर जाने से तालाब का गंदा पानी बहकर दलित बस्ती के घरों में घुस गया, जिससे घरों में रखा सामान भींगकर खराब हो गया। बस्तीवासियों बुड्ढे, मोतीलाल, केता ने बताया कि गंदे पानी के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं। नगर पालिका कोई समाधान नहीं करती। चौक बाजार में नाला चोक होने से नाले व बारिश का गंदा पानी दुकानों और घरों में भर गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान झेलना पड़ा। बांदा रोड स्थित टीचर्स कॉलोनी में जल निकासी की व्यवस्था न होने से हिंदू इंटर कॉलेज के कई शिक्षकों के सरकारी आवास जलमग्न हो गए और पूरे शनिवार कॉलोनी की गली पानी में डूबी रही। उधर कोतवाली परिसर भी जल भराव की चपेट में रहा। वहीं ग्राम पंचायत दिखितवारा के सतौवा पुरवा में भी जल निकासी न होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ीं। ग्रामीण गुलाब वर्मा, मोहित यादव, राजेश, महेंद्र वर्मा, मुन्ना, आदि ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
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