फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   99 families left destitute by the rains.

Banda News: बारिश में उजड़ गए 99 परिवार

Thu, 17 Sep 2026 11:37 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:37 PM IST
विज्ञापन
99 families left destitute by the rains.
फोटो 1- तराय गांव में हादसे के बाद कुछ ऐसा मंजर था राजेश सिंह के मकान का। फाइल फोटो
बांदा। इस बार की बारिश बांदा के लिए सिर्फ खेतों और रास्तों में पानी नहीं लाई। बल्कि 99 परिवारों की खुशियां भी छीन ले गई। किसी घर का चिराग नदी के तेज बहाव में बुझ गया तो किसी की जिंदगी सांप के डसने से थम गई। कहीं बिजली ने परिवार का सहारा छीन लिया तो कहीं भरभराकर गिरी दीवार के मलबे में कोई मासूम दब गया।
विज्ञापन

सरकारी आंकड़ों में अब तक 99 लोगों की मौत दर्ज की गई है। हालांकि यह संख्या पिछले साल की 167 मौतों से कम है लेकिन हर मौत के पीछे एक परिवार की ऐसी कहानी है, जिसका दर्द आंकड़ों में समा पाना मुश्किल है। सबसे अधिक 51 लोगों की जान डूबने से गई है। बरसात में उफनाए नदी-नालों और जलभराव ने कई परिवारों से उनके अपनों को छीन लिया। 25 अगस्त को बबेरू तहसील के गुजैनी गांव में नाला पार करते समय कोमल, कुसुमरानी और सिया की मौत हो गई थी। डूबने से होने वाली मौत की यह सबसे बड़ी घटना थी।
विज्ञापन

इसी दिन बबेरू तहसील के तरायं गांव में बारिश के बीच दीवार गिर गई थी। मलबे में दबकर राजेश सिंह गौर और उनकी छह माह की बेटी रश्मि सिंह की मौत हो गई थी। हादसे में राजेश की पत्नी सावित्री और तीन साल की बेटी घायल हो गईं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सांप के जहर से जीवन में फैला मातम
बारिश सांपों के निकलने और जहरीले दंश से 32 लोगों की जान चली गई। बिजली ने तीन लोगों को मौत की नींद सुला दिया। दीवार गिरने से चार और कुएं में जहरीली गैस के कारण दो लोगों की मौत हुई। इन घटनाओं ने यह भी दिखाया कि आपदा सिर्फ बाढ़ के पानी का नाम नहीं है। बारिश के साथ कई तरह के खतरे गांवों और कस्बों में दस्तक देते हैं।

प्रशासन दे रहा राहत
प्रशासन के स्तर पर से अब तक 264 लोगों को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों के लिए चार-चार हजार रुपये दिए जा चुके हैं। मगर जिन परिवारों ने बारिश में अपना सदस्य खोया है उनके लिए कोई भी आर्थिक सहायता दी गई।
आंकड़ों में बरसात का कहर :
इस वर्ष अब तक मौतें : 99
- डूबने से मौत- 51
- सांप के डंसने से मौत- 32
- बिजली से मौत- 3
- दीवार गिरने से मौत- 4
- आग से दो मौत
- कुएं में गैस से मौत- 2
- पांच अन्य मौत
प्रशासन की ओर से मिलने वाली सहायता
- आंशिक कच्चे मकान के लिए सहायता - 4,000 रुपये
- आंशिक पक्के मकान के लिए सहायता- 6500 रुपये
- पूर्ण मकान क्षति पर सहायता 1.20 लाख रुपये
- दैवीय आपदा में मृत्यु पर सहायता चार लाख रुपये
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed