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मंडल के 2900 मजरे होंगे बिजली से रोशन
अमर उजाला ब्यूरो/बांदा
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:28 PM IST
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बांदा। राजीव गांधी विद्युतीकरण, पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के बाद अब ‘पॉवर फार ऑल’ (पीएफए) योजना से चित्रकूटधाम मंडल के 2900 मजरों में वर्ष 2019 तक विद्युतीकरण किया जाएगा।
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पावर कार्पोरेशन मुख्य अभियंता एसके सक्सेना ने शनिवार को बताया कि पीएफए योजना के बाद मंडल में कोई मजरा व घर बिन बिजली नहीं बचेगा। एक खंभे से 40 घरों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मंडल के चारों जनपदों में 2900 मजरे चयनित हुए हैं। इनमें बांदा जनपद के 732 व चित्रकूट के 468 मजरे शामिल हैं। मजरों में काम शुरू कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई। 523 करोड़ रुपये बजट भी मंजूर हो गया है। इसमें 70 फीसदी राशि केंद्र सरकार की है। बताया कि इस योजना का उद्देश्य वर्ष 2019 तक हर गांव, मजरा व घर को 24 घंटे बिजली मयस्सर कराने का है। दो घरों वाले पुरवा में भी बिजली पहुंचाई जाएगी। ग्राम प्रधानों से भी इसके लिए मदद ली गई है। इसके अलावा पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना में चयनित 1509 मजरों में विद्युतीकरण का काम शुरू है। इसके पूर्व राजीव गांधी विद्युतीकरण में चिह्नित 1100 गांवों में बिजली पहुंच गई। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद व अवर अभियंता आरपी सिंह शामिल रहे।
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मंडल में बनेंगे 132 केवी के पांच सब स्टेशन
बांदा (ब्यूरो)। मुख्य अभियंता ने बताया कि चित्रकूटधाम मंडल में 132 केवी के पांच और 33/11 केवी के 32 सब स्टेशन बनने हैं। 132 सब स्टेशन की लागत लगभग 40 करोड़ और 33/11 सब स्टेशन की लागत करीब 6 करोड़ रुपये है। बांदा शहर और पैलानी में 132 सब स्टेशन के लिए जमीन तलाशी जा रही है। चित्रकूट के मऊ व राजापुर और महोबा जनपद के कबरई में 132 सब स्टेशन का काम शुरू हो गया। इसके अलावा सरैया (चित्रकूट) में 220 सब स्टेशन का काम भी 70 फीसदी हो गया। यह जून 2018 तक चालू हो जाएगा। इनके अलावा बांदा में 9, महोबा में 5, हमीरपुर में 7 और चित्रकूट में 11 सब स्टेशन 33/11 के बनने हैं। इन पर भी काम तेजी से शुरू है। सभी सब स्टेशनों के लिए अलग-अलग लाइनें होंगी। पीलीकोठी से जुड़े खुरहंड सब स्टेशन की भी लाइनें अलग-अलग की जा रही हैं। इससे फाल्ट पर कई सब स्टेशन बंद नहीं होंगे। दावा किया कि वर्ष 2019 तक बिजली व्यवस्था अच्छी हो जाएगी।
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मोबाइल कलेक्शन सेंटर से गांवों में जमा होंगे बिल
बांदा (ब्यूरो)। बिजली बिल जमा करने के लिए ग्रामीणों व किसानों को संबंधित सब स्टेशन या शहर मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। 16 मोबाइल कलेक्शन सेंटर गांवों में पहुंचकर बिल जमा कराएंगे। मुख्य अभियंता एसके सक्सेना ने बताया कि प्रत्येक मोबाइल कलेक्शन सेंटर वाहन प्रतिमाह 2000 किलोमीटर चलेंगी। इन पर हर माह 70 हजार रुपये खर्च होंगे। जीपीआरएस सिस्टम से लैस यह मोबाइल वाहन हर गांव जाकर कलेक्शन करेंगे। इसके अलावा शहर व नगरों में भी 64 कलेक्शन सेंटर खोले गए हैं।