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24 घंटे में ठंड से मर गईं 24 गायें
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खप्टिहा कलां में अस्थाई गोशाला का निरीक्षण करते एसडीएम मंसूर अहमद।
- फोटो : BANDA
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खप्टिहा कलां। अस्थाई पशु आश्रय केंद्रों में निरुद्ध गायों के लिए पिछले कई दिनों से चल रही भीषण शीतलहर जानलेवा बन गई है। ठंड से बचाव की व्यवस्थाएं न होने और खुले आसमान तले रखी गईं गायों की रोजाना मौतें हो रही हैं। यहां स्थित पशु आश्रय केंद्र में दो दिनों के अंदर लगभग दो दर्जन गायों के मरने की खबर है। रविवार को एसडीएम ने आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया। आश्रय केंद्र संचालकों को फटकार लगाई।
यहां स्थित पशु आश्रय केंद्र में 649 गाय रखी गई हैं। टिनशेड या ठंड से बचाव के इंतजाम नहीं है। बनाए गए पंडाल में मात्र 200 गाय ही सिर छिपा सकती हैं। आश्रय केंद्र में छह कर्मचारी भी दिन-रात ड्यूटी के लिए लगाए गए हैं। इसका संचालन ठेके पर दिया गया है।
गायों की मौत की खबर मिलने पर रविवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम मंसूर अहमद ने ठेकेदार को फटकार लगाई। ठेकेदार अनिल शर्मा का कहना था कि रोजाना पुआल खिलाने से भी गायें बीमार हो रही हैं। भूसे की व्यवस्था नहीं है। न ही कोई पशु चिकित्सक यहां आता है।
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एसडीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट पेश करें। पशुओं को बोरा आदि पहनाकर ठंड से बचाएं। उन्होंने बताया कि यहां लगभग एक दर्जन गायों की मौत हुई है। इतनी ही बीमार हैं। उनके इलाज के निर्देश दिए गए हैं।
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यहां स्थित पशु आश्रय केंद्र में 649 गाय रखी गई हैं। टिनशेड या ठंड से बचाव के इंतजाम नहीं है। बनाए गए पंडाल में मात्र 200 गाय ही सिर छिपा सकती हैं। आश्रय केंद्र में छह कर्मचारी भी दिन-रात ड्यूटी के लिए लगाए गए हैं। इसका संचालन ठेके पर दिया गया है।
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गायों की मौत की खबर मिलने पर रविवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम मंसूर अहमद ने ठेकेदार को फटकार लगाई। ठेकेदार अनिल शर्मा का कहना था कि रोजाना पुआल खिलाने से भी गायें बीमार हो रही हैं। भूसे की व्यवस्था नहीं है। न ही कोई पशु चिकित्सक यहां आता है।
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एसडीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट पेश करें। पशुओं को बोरा आदि पहनाकर ठंड से बचाएं। उन्होंने बताया कि यहां लगभग एक दर्जन गायों की मौत हुई है। इतनी ही बीमार हैं। उनके इलाज के निर्देश दिए गए हैं।