{"_id":"6737813d2e4cabf1f30eb901","slug":"worked-for-28-years-on-fake-marksheet-case-filed-balrampur-news-c-99-1-brp1002-117123-2024-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: फर्जी अंकपत्र पर 28 साल तक की नौकरी, मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: फर्जी अंकपत्र पर 28 साल तक की नौकरी, मुकदमा
विज्ञापन
बलरामपुर। हाईस्कूल के फर्जी अंकपत्र के आधार पर बलरामपुर चीनी मिल के फिटर हेल्पर सुगेंद्र सिंह ने 28 साल तक नौकरी की। अब इसका खुलासा यूपी बोर्ड से कराए गए सत्यापन के बाद हुआ है। इस पर चीनी मिल के उप प्रधान प्रबंधक मानव संसाधन एवं प्रशासन ने कोतवाली नगर में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, संबंधित कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी गई है।
मऊ जिले के कुशमौर निवासी सुगेंद्र सिंह ने 16 दिसंबर 1996 को नोटराइज्ड बायोडाटा के आधार पर बलरामपुर चीनी मिल में नौकरी हासिल की। वर्तमान में वह फिटर हेल्पर के पद पर कार्यरत हैं। संदेह हाेने पर बलरामपुर चीनी मिल प्रशासन ने उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों को सत्यापन के लिए यूपी बोर्ड को भेजा था। बोर्ड ने सत्यापन रिपोर्ट में कहा कि हाईस्कूल के अंकपत्र में दर्शाए गए सभी तथ्य रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे हैं।
चीनी मिल के उप प्रधान प्रबंधक मानव संसाधन एवं प्रशासन धनंजय कुमार सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में सुगेंद्र सिंह के हाईस्कूल के अंकपत्र फर्जी होने की बात कही, इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल शैलेश सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच उपनिरीक्षक राम मोहन सिंह को सौंपी गई है। इधर, चीनी मिल प्रशासन ने संबंधित कर्मी की सेवा समाप्त कर दी है।
विज्ञापन
जन्मतिथि में भी खेल
चीनी मिल प्रशासन की तहरीर में कहा गया है कि जन्मतिथि के साक्ष्य के रूप में पहले प्रस्तुत आधार कार्ड एवं बैंक खाते के लिए प्रस्तुत किए गए पैन कार्ड में सुगेंद्र सिंह की जन्मतिथि एक जनवरी 1963 अंकित थी। बाद में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने अपने आधार कार्ड में अपनी जन्मतिथि 17 जुलाई 1972 अंकित कराते हुए भविष्य निधि रिकॉर्ड में भी इसे दर्ज करवा लिया।
विज्ञापन
मऊ जिले के कुशमौर निवासी सुगेंद्र सिंह ने 16 दिसंबर 1996 को नोटराइज्ड बायोडाटा के आधार पर बलरामपुर चीनी मिल में नौकरी हासिल की। वर्तमान में वह फिटर हेल्पर के पद पर कार्यरत हैं। संदेह हाेने पर बलरामपुर चीनी मिल प्रशासन ने उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों को सत्यापन के लिए यूपी बोर्ड को भेजा था। बोर्ड ने सत्यापन रिपोर्ट में कहा कि हाईस्कूल के अंकपत्र में दर्शाए गए सभी तथ्य रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे हैं।
विज्ञापन
चीनी मिल के उप प्रधान प्रबंधक मानव संसाधन एवं प्रशासन धनंजय कुमार सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में सुगेंद्र सिंह के हाईस्कूल के अंकपत्र फर्जी होने की बात कही, इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल शैलेश सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच उपनिरीक्षक राम मोहन सिंह को सौंपी गई है। इधर, चीनी मिल प्रशासन ने संबंधित कर्मी की सेवा समाप्त कर दी है।
विज्ञापन
जन्मतिथि में भी खेल
चीनी मिल प्रशासन की तहरीर में कहा गया है कि जन्मतिथि के साक्ष्य के रूप में पहले प्रस्तुत आधार कार्ड एवं बैंक खाते के लिए प्रस्तुत किए गए पैन कार्ड में सुगेंद्र सिंह की जन्मतिथि एक जनवरी 1963 अंकित थी। बाद में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने अपने आधार कार्ड में अपनी जन्मतिथि 17 जुलाई 1972 अंकित कराते हुए भविष्य निधि रिकॉर्ड में भी इसे दर्ज करवा लिया।