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Balrampur News: अफसोस तू रुखसत हुआ माहे मुबारक अलविदा...
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बलरामपुर के जामा मस्जिद में अलविदा की नमाज पढ़ते लोग।-संवाद
बलरामपुर। मुकद्दस रमजान माह के आखिरी जुमे के दिन मुस्लिम समाज के लोगों ने अलविदा की नमाज मस्जिदों में अदा की। नमाज के बाद नमाजियों ने मुल्क की तरक्की व अमन चैन के लिए दुआ मांगी। अलविदा की नमाज खत्म होते ही नमाजियों के चेहरे पर रहमतों और बरकतों का महीना रमजान के जाने का अफसोस साफ दिखाई दिया।
शुक्रवार को अलविदा की नमाज को देखते हुए पुलिस व जिला प्रशासन की तरफ से जिले की 1047 छोटी-बड़ी मस्जिदों के आसपास साफ-सफाई व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नगर स्थित जामा मस्जिद में अलविदा की नमाज से पहले मुफ्ती कमाल अख्तर ने तकरीर करते हुए लोगों को सौहार्द का संदेश दिया। कहा कि रमजान का आखिरी जुमा है, जिसे हम अलविदा कहते हैं। इस मुकद्दस और पाक महीने में अल्लाह अपने उन बंदों पर अपनी रहमतों की बारिश करता है, जो रोजा रखने के साथ पांचों वक्त की नमाज पढ़ते हैं। अलविदा की नमाज से पहले ज्यादातर मस्जिदों में अफसोस तू रुखसत हुआ माहे मुबारक अलविदा, रो-रो के दिल ने यूं कहा माहे मुबारक अलविदा की नज्म भी पढ़ी गई।
अलविदा की नमाज को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। नमाजियों की भारी भीड़ के चलते मस्जिद कमेटी की तरफ से नमाजियों के लिए चटाई, दरी, टोपी व वजू के लिए पानी आदि का इंतजाम किया गया था। नगर के जामा मस्जिद, हाजी इब्राहिम मिस्त्री मस्जिद, यतीमखाना मस्जिद, मद्दर पेशकार मस्जिद, पुरानी मस्जिद, कालिया मस्जिद व नौशहरा मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में भी अलविदा की नमाज पढ़ी गई। उतरौला, श्रीदत्तगंज, महदेइया बाजार, पेहर बाजार, तुलसीपुर, गैसड़ी, गौरा चौराहा, पचपेड़वा, मथुरा बाजार, हरैया सतघरवा, ललिया, शिवपुरा, गैंड़ास बुजुर्ग व सादुल्लाहनगर नगर में भी अलविदा की नमाज पढ़कर अकीदतमंदों ने मुल्क की तरक्की व अमन चैन की दुआ मांगी।
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शुक्रवार को अलविदा की नमाज को देखते हुए पुलिस व जिला प्रशासन की तरफ से जिले की 1047 छोटी-बड़ी मस्जिदों के आसपास साफ-सफाई व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नगर स्थित जामा मस्जिद में अलविदा की नमाज से पहले मुफ्ती कमाल अख्तर ने तकरीर करते हुए लोगों को सौहार्द का संदेश दिया। कहा कि रमजान का आखिरी जुमा है, जिसे हम अलविदा कहते हैं। इस मुकद्दस और पाक महीने में अल्लाह अपने उन बंदों पर अपनी रहमतों की बारिश करता है, जो रोजा रखने के साथ पांचों वक्त की नमाज पढ़ते हैं। अलविदा की नमाज से पहले ज्यादातर मस्जिदों में अफसोस तू रुखसत हुआ माहे मुबारक अलविदा, रो-रो के दिल ने यूं कहा माहे मुबारक अलविदा की नज्म भी पढ़ी गई।
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अलविदा की नमाज को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। नमाजियों की भारी भीड़ के चलते मस्जिद कमेटी की तरफ से नमाजियों के लिए चटाई, दरी, टोपी व वजू के लिए पानी आदि का इंतजाम किया गया था। नगर के जामा मस्जिद, हाजी इब्राहिम मिस्त्री मस्जिद, यतीमखाना मस्जिद, मद्दर पेशकार मस्जिद, पुरानी मस्जिद, कालिया मस्जिद व नौशहरा मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में भी अलविदा की नमाज पढ़ी गई। उतरौला, श्रीदत्तगंज, महदेइया बाजार, पेहर बाजार, तुलसीपुर, गैसड़ी, गौरा चौराहा, पचपेड़वा, मथुरा बाजार, हरैया सतघरवा, ललिया, शिवपुरा, गैंड़ास बुजुर्ग व सादुल्लाहनगर नगर में भी अलविदा की नमाज पढ़कर अकीदतमंदों ने मुल्क की तरक्की व अमन चैन की दुआ मांगी।
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