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Balrampur News: टहनियों से मोड़ रहे राप्ती की धारा, खतरे में जमालीजोत का वजूद
Sat, 05 Sep 2026 11:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:04 PM IST
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जमालीजोत गांव के पास कटान के बचाव के लिए पेड़ टहनियां काटकर नदी में डालते ग्रामीण ।
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बलरामपुर। राप्ती नदी के लगातार हो रहे कटान से सदर तहसील के ढोढ़री गांव के मजरे जमालीजोत के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है। कटान स्थल अब आबादी से महज 30 फीट और सड़क से करीब 20 फीट दूर रह गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि कटान की रफ्तार नहीं थमी तो अगले एक-दो दिन में सड़क भी नदी की चपेट में आ सकती है। सड़क कटने के बाद गांव की आबादी पर सीधा खतरा पैदा हो जाएगा। कटान की गंभीर स्थिति के बावजूद प्रभावी बचाव कार्य शुरू न होने से शनिवार को ग्रामीण खुद नदी किनारे उतर गए। आसपास के पेड़ और झाड़ियों की टहनियां काटकर नदी में डालते रहे।
जमालीजोत निवासी रामकुमार, मालिक राम, तीरथ राम, ननकऊ, तिलकराम, मंगल प्रसाद, सहजराम, गोमती प्रसाद, रामजियावन और बदल शाहिद ने बताया कि ग्रामीणों की जमीन कटान की जद में आ चुकी है। राप्ती खेतों और गन्ने की खड़ी फसल को काटते हुए गांव की ओर बढ़ रही है। नदी की धार सड़क के बेहद करीब पहुंच चुकी है। कटान इसी तरह जारी रहा तो सड़क नदी में समा सकती है। इससे आबादी पर खतरा और बढ़ जाएगा।
डेढ़ सौ बीघे से अधिक जमीन नदी में समाई
जबदही गांव के मजरे जबदहा में भी राप्ती का कटान जारी है। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक डेढ़ सौ बीघे से अधिक कृषि भूमि और फसल नदी में समा चुकी है। पदुम नाथ पांडे, सत्यदेव तिवारी, प्रभुनाथ और मालिक राम ने बताया कि कटान के कारण एक दर्जन से अधिक लोगों की जमीन चली गई है। फिलहाल नदी गांव से करीब 150 मीटर दूर है।
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कटान रोकने का हो रहा हर संभव प्रयास
एडीएम संदीप केला ने कहा कि बाढ़ खंड के जेई अतुल मौर्या को मौके की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कटान रोकने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। अतिरिक्त कर्मियों को लगाकर कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है।
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जमालीजोत निवासी रामकुमार, मालिक राम, तीरथ राम, ननकऊ, तिलकराम, मंगल प्रसाद, सहजराम, गोमती प्रसाद, रामजियावन और बदल शाहिद ने बताया कि ग्रामीणों की जमीन कटान की जद में आ चुकी है। राप्ती खेतों और गन्ने की खड़ी फसल को काटते हुए गांव की ओर बढ़ रही है। नदी की धार सड़क के बेहद करीब पहुंच चुकी है। कटान इसी तरह जारी रहा तो सड़क नदी में समा सकती है। इससे आबादी पर खतरा और बढ़ जाएगा।
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डेढ़ सौ बीघे से अधिक जमीन नदी में समाई
जबदही गांव के मजरे जबदहा में भी राप्ती का कटान जारी है। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक डेढ़ सौ बीघे से अधिक कृषि भूमि और फसल नदी में समा चुकी है। पदुम नाथ पांडे, सत्यदेव तिवारी, प्रभुनाथ और मालिक राम ने बताया कि कटान के कारण एक दर्जन से अधिक लोगों की जमीन चली गई है। फिलहाल नदी गांव से करीब 150 मीटर दूर है।
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कटान रोकने का हो रहा हर संभव प्रयास
एडीएम संदीप केला ने कहा कि बाढ़ खंड के जेई अतुल मौर्या को मौके की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कटान रोकने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। अतिरिक्त कर्मियों को लगाकर कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है।

जमालीजोत गांव के पास कटान के बचाव के लिए पेड़ टहनियां काटकर नदी में डालते ग्रामीण ।