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बच्चों को शालापूर्व शिक्षा दिलाने की तैयारियां
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बलरामपुर। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को शालापूर्व शिक्षा दिलाने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। विकास भवन सभागार में बुधवार को सीडीओ अमनदीप डुली ने अनूठी पहल का शुभारंभ किया। इस दौरान शिक्षण सामग्री का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीओ ने कहा कि जिले के 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को शालापूर्व शिक्षा व शिक्षण सामग्री मुहैया कराने की अनूठी पहल शुरू की गई है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शालापूर्व शिक्षा को मजबूत बनाना है।
एकीकृत बाल विकास सेवा को सशक्त करना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला पर्यवेक्षक व जिले के सभी 10 परियोजनाओं के सीडीपीओ के साथ मिलकर पिरामल फाउंडेशन तीन से छह वर्ष तक के सभी बच्चों को शिक्षित करने में जुटेगा। शालापूर्व शिक्षा से बच्चे में शैक्षिक, बौद्धिक, शारीरिक व भावनात्मक विकास को सुनिश्चित किया जाएगा। पायलट प्रोग्राम के तहत गैसड़ी के 100 आंगनबाड़ी केंद्रों का इसके लिए चयन किया गया है।
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चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों में शालापूर्व शिक्षा जैसे कार्यक्रम का शीघ्र शुभारंभ किया जाएगा। जिले के बाकी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ई लर्निंग मैटेरियल के तहत बच्चों को पढ़ाया जाएगा। सीडीपीओ पचपेड़वा रेनू जायसवाल व गैसड़ी गरिमा श्रीवास्तव को मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित कर उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डीपीओ केएम पांडेय, सीडीपीओ राकेश शर्मा, सत्येंद्र सिंह, प्रियंका दूबे, डॉ. राजेश कुमार व संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीओ ने कहा कि जिले के 1882 आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को शालापूर्व शिक्षा व शिक्षण सामग्री मुहैया कराने की अनूठी पहल शुरू की गई है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शालापूर्व शिक्षा को मजबूत बनाना है।
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एकीकृत बाल विकास सेवा को सशक्त करना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला पर्यवेक्षक व जिले के सभी 10 परियोजनाओं के सीडीपीओ के साथ मिलकर पिरामल फाउंडेशन तीन से छह वर्ष तक के सभी बच्चों को शिक्षित करने में जुटेगा। शालापूर्व शिक्षा से बच्चे में शैक्षिक, बौद्धिक, शारीरिक व भावनात्मक विकास को सुनिश्चित किया जाएगा। पायलट प्रोग्राम के तहत गैसड़ी के 100 आंगनबाड़ी केंद्रों का इसके लिए चयन किया गया है।
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चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों में शालापूर्व शिक्षा जैसे कार्यक्रम का शीघ्र शुभारंभ किया जाएगा। जिले के बाकी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ई लर्निंग मैटेरियल के तहत बच्चों को पढ़ाया जाएगा। सीडीपीओ पचपेड़वा रेनू जायसवाल व गैसड़ी गरिमा श्रीवास्तव को मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित कर उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डीपीओ केएम पांडेय, सीडीपीओ राकेश शर्मा, सत्येंद्र सिंह, प्रियंका दूबे, डॉ. राजेश कुमार व संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।