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Balrampur News: तेंदुए ने छठे बच्चे को बनाया शिकार, वन विभाग लाचार
Tue, 12 Dec 2023 11:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 12 Dec 2023 11:44 AM IST
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हरैया सतघरवा (बलरारामपुर)। अब तक पांच बच्चों की जान चुके आदमखोर तेंदुए ने एक और मासूम को मार डाला। आदमखोर तेंदुए ने वन विभाग की टीमों की तमाम निगरानी को धता बताते हुए सोमवार शाम धर्मपुर गांव में बकरी चराने गए एक दस साल के बच्चे को अपना छठा शिकार बनाया। इस घटना से सोहेलवा क्षेत्र से जुड़े गांवों में डर व दहशत का माहौल व्याप्त है।
दूसरी तरफ बीते एक माह से तेंदुआ की धरपकड़ के लिए निगरानी में जुटी वन विभाग की चारों टीमें भी पूरी तरह खाली हाथ है। टीम में शामिल विशेषज्ञ तेंदुए को पकड़ना तो दूर अभी तक उसकी सही लोकेशन तक ढूंढने में सफल नहीं हो पाए हैं।
हरैया थाना क्षेत्र के जंगल से सटे धर्मपुर गांव में बकरी चराने गए दस वर्षीय समीर अंसारी पर झाड़ियों में घात लगा कर बैठे तेंदुए ने अचानक झप्पटा मारा और मुंह में दबा कर भागा। साथ मौजूद अन्य बच्चों व ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ समीर का शव थोड़ी दूर पर झाडियों में फेंक कर जंगल में भाग निकला। मृतक समीर का पिता शफीक अंसारी मुंबई में रहकर मजदूरी करता है। मां रूखसाना ने बताया कि समीर दोपहर बाद तीन बजे घर से गांव के दक्षिण पंचायत भवन के पास बकरी चराने गया था। इसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला कर उसे मार डाला।
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घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी केपी सिंह ने बताया कि तेंदुआ की तलाश में पूरे इलाके की ड्रोन के माध्यम से सघन निगरानी कराई जा रही है। इस घटना से पूरे सोहेलवा क्षेत्र से गांवों के लोगों ने डर व दहशत के मारे खुद को घरों में बंद कर लिया है।
कब किसे तेंदुए ने बनाया शिकार
तारीख - गांव - कौन बना शिकार
11 दिसंबर धर्मपुर समीर अंसारी ( 10 वर्ष)
03 दिसंबर- भगवानपुर अनुष्का (07 वर्ष)
24 नवंबर - बनकटवा रितेश (05 वर्ष)
16 नवंबर - बेलवा विकास (10 वर्ष)
11 नवंबर - लालनगर सिपहिया अरुण वर्मा (06 वर्ष)
04 नवंबर - लालनगर सिपहिया वंदनी (05 वर्ष)
इसके साथ ही 02 दिसंबर को तेंदुए ने साइकिल पर बहु लक्ष्मी व पोती के साथ जा रहे ससुर धनराज पर भी हमला किया था। इसमें तीनों घायल हुए थे।
पचपेड़वा के बाद तुलसीपुर, हरैय्या सतघरवा, गैसड़ी में तेंदुए की दहशत चार नवंबर से कायम है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग पहले ही जौनपुर, सिद्धार्थनगर व बाराबंकी से विशेषज्ञों की टीम टीम बुला चुका है। यह टीमें तेंदुए की धरपकड़ को लगातार सक्रिय भी हैं। इनके साथ ही चिह्नित इलाकों में निगरानी के लिए 15 सीसीटीवी कैमरों के साथ 14 पिंजड़े भी लगाए गए। ड्रोन के साथ ही सेटेलाइट के जरिए भी तेंदुए की तलाश हो रही है।
इतना ही नहीं इलाके में दहशत फैला रहे तेंदुआ के नर होने की पुष्टि के बाद लखनऊ के चिड़ियाघर से मादा तेंदुए का मूत्र मंगवाकर, उसका छिड़काव भी कराया जा चुका है। इसके बावजूद तेंदुआ सभी को गच्चा देकर इलाके में बच्चों का शिकार कर अपनी दहशत बनाए हुए है। जबकि निगरानी टीमें पंगचिन्हों के बावजूद सटीक लोकेशन तक नहीं ढूंढ पाई है।
-- डीएफओ एम. सेम्मारन ने बताया कि तेंदुए की तलाश का पूरा प्रयास किया जा रहा है। एक और बच्चे की मौत काफी दुखद घटना है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने के साथ ही धरपकड़ के लिए टीमें भी बढ़ाई गई हैं। साथ ही आम लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वह जंगल की तरफ न जाएं।
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दूसरी तरफ बीते एक माह से तेंदुआ की धरपकड़ के लिए निगरानी में जुटी वन विभाग की चारों टीमें भी पूरी तरह खाली हाथ है। टीम में शामिल विशेषज्ञ तेंदुए को पकड़ना तो दूर अभी तक उसकी सही लोकेशन तक ढूंढने में सफल नहीं हो पाए हैं।
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हरैया थाना क्षेत्र के जंगल से सटे धर्मपुर गांव में बकरी चराने गए दस वर्षीय समीर अंसारी पर झाड़ियों में घात लगा कर बैठे तेंदुए ने अचानक झप्पटा मारा और मुंह में दबा कर भागा। साथ मौजूद अन्य बच्चों व ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ समीर का शव थोड़ी दूर पर झाडियों में फेंक कर जंगल में भाग निकला। मृतक समीर का पिता शफीक अंसारी मुंबई में रहकर मजदूरी करता है। मां रूखसाना ने बताया कि समीर दोपहर बाद तीन बजे घर से गांव के दक्षिण पंचायत भवन के पास बकरी चराने गया था। इसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला कर उसे मार डाला।
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घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी केपी सिंह ने बताया कि तेंदुआ की तलाश में पूरे इलाके की ड्रोन के माध्यम से सघन निगरानी कराई जा रही है। इस घटना से पूरे सोहेलवा क्षेत्र से गांवों के लोगों ने डर व दहशत के मारे खुद को घरों में बंद कर लिया है।
कब किसे तेंदुए ने बनाया शिकार
तारीख - गांव - कौन बना शिकार
11 दिसंबर धर्मपुर समीर अंसारी ( 10 वर्ष)
03 दिसंबर- भगवानपुर अनुष्का (07 वर्ष)
24 नवंबर - बनकटवा रितेश (05 वर्ष)
16 नवंबर - बेलवा विकास (10 वर्ष)
11 नवंबर - लालनगर सिपहिया अरुण वर्मा (06 वर्ष)
04 नवंबर - लालनगर सिपहिया वंदनी (05 वर्ष)
इसके साथ ही 02 दिसंबर को तेंदुए ने साइकिल पर बहु लक्ष्मी व पोती के साथ जा रहे ससुर धनराज पर भी हमला किया था। इसमें तीनों घायल हुए थे।
पचपेड़वा के बाद तुलसीपुर, हरैय्या सतघरवा, गैसड़ी में तेंदुए की दहशत चार नवंबर से कायम है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग पहले ही जौनपुर, सिद्धार्थनगर व बाराबंकी से विशेषज्ञों की टीम टीम बुला चुका है। यह टीमें तेंदुए की धरपकड़ को लगातार सक्रिय भी हैं। इनके साथ ही चिह्नित इलाकों में निगरानी के लिए 15 सीसीटीवी कैमरों के साथ 14 पिंजड़े भी लगाए गए। ड्रोन के साथ ही सेटेलाइट के जरिए भी तेंदुए की तलाश हो रही है।
इतना ही नहीं इलाके में दहशत फैला रहे तेंदुआ के नर होने की पुष्टि के बाद लखनऊ के चिड़ियाघर से मादा तेंदुए का मूत्र मंगवाकर, उसका छिड़काव भी कराया जा चुका है। इसके बावजूद तेंदुआ सभी को गच्चा देकर इलाके में बच्चों का शिकार कर अपनी दहशत बनाए हुए है। जबकि निगरानी टीमें पंगचिन्हों के बावजूद सटीक लोकेशन तक नहीं ढूंढ पाई है।