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Balrampur News: शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ेंगे स्कूल न जाने वाले बच्चे
Sat, 09 Mar 2024 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 09 Mar 2024 12:09 AM IST
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बलरामपुर। स्कूल न जाने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। इसके तहत आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 24 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। इन धनराशि से बच्चों की पढ़ाई के लिए कापियां, पेंसिंल, रबर, कटर व ज्यामेट्री बाक्स के साथ ही पाठ्य पुस्तकें खरीदी जाएंगी।
जिले में इस बार 3374 आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिन्हित किया गया है। इन बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री तैयार करने से लेकर, शिक्षकों के प्रशिक्षण, विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त पुस्तकें खरीदने के लिए बजट जारी किया गया है। प्राथमिक कक्षाओं के 2710 बच्चों के लिए 6 किताबों के सेट के हिसाब से 3.77 लाख रुपये और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के 663 बच्चों के लिए 8 पुस्तकों के सेट के लिए 2.85 लाख रुपये की धनराशि खर्च होगी।
इसके साथ ही कापियां, पेंसिंल, रबर, कटर, क्रेयान, पेन, आर्ट कॉपी, स्लेट पेन, चार्ट पेपर व फाइल कवर आदि के लिए प्रति बच्चा 535 रुपये के हिसाब से करीब 18 लाख रुपये खर्च होंगे। बीएसए कल्पना देवी ने बताया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिन्हित करने के बाद अब शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ कर स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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जिले में इस बार 3374 आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिन्हित किया गया है। इन बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा कार्ययोजना तैयार की गई है। इसमें बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री तैयार करने से लेकर, शिक्षकों के प्रशिक्षण, विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त पुस्तकें खरीदने के लिए बजट जारी किया गया है। प्राथमिक कक्षाओं के 2710 बच्चों के लिए 6 किताबों के सेट के हिसाब से 3.77 लाख रुपये और उच्च प्राथमिक कक्षाओं के 663 बच्चों के लिए 8 पुस्तकों के सेट के लिए 2.85 लाख रुपये की धनराशि खर्च होगी।
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इसके साथ ही कापियां, पेंसिंल, रबर, कटर, क्रेयान, पेन, आर्ट कॉपी, स्लेट पेन, चार्ट पेपर व फाइल कवर आदि के लिए प्रति बच्चा 535 रुपये के हिसाब से करीब 18 लाख रुपये खर्च होंगे। बीएसए कल्पना देवी ने बताया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिन्हित करने के बाद अब शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ कर स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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