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Balrampur News: संतान सप्तमी पर देवीपाटन मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
Fri, 18 Sep 2026 10:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 18 Sep 2026 10:43 PM IST
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फोटो-21- तुलसीपुर देवीपाटन मंदिर में मां पाटेश्वरी का दर्शन करते श्रद्धालु। संवाद
तुलसीपुर। संतान सप्तमी पर शुक्रवार को प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूजा की थाली लेकर पहुंचीं माताओं ने मां पाटेश्वरी के दरबार में माथा टेककर संतानों की लंबी उम्र, निरोगी जीवन और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर मां के जयकारों और मंत्रोच्चार से गूंजता रहा।
दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर के आसपास लगे बाजार में भी रौनक रही। महिलाओं ने पूजा सामग्री, सिंदूर, कंगन और चूड़ियों की खरीदारी की। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया, जबकि मिठाई और खिलौनों की दुकानों पर भी भीड़ रही। सुबह से ही मंदिर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल नजर आया।
मंदिर के मुख्य पुजारी विशिष्ट नाथ योगी ने बताया कि मान्यता के अनुसार भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को संतान सप्तमी का व्रत रखा जाता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा कर माताएं संतानों के मंगल की कामना करती हैं। रक्षासूत्र धारण करने और सात पूओं का भोग लगाने की भी परंपरा है।
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श्रद्धालु अर्पिता ने बताया कि वह हर वर्ष संतान सप्तमी पर मां के दरबार में आती हैं। उनके अनुसार मंदिर में दर्शन करने से मन को शांति मिलती है। सुनीता ने बताया कि मां की कृपा से उन्हें संतान सुख मिला, इसलिए वह संतान की दीर्घायु की कामना लेकर मंदिर पहुंचीं।
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दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर के आसपास लगे बाजार में भी रौनक रही। महिलाओं ने पूजा सामग्री, सिंदूर, कंगन और चूड़ियों की खरीदारी की। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया, जबकि मिठाई और खिलौनों की दुकानों पर भी भीड़ रही। सुबह से ही मंदिर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल नजर आया।
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मंदिर के मुख्य पुजारी विशिष्ट नाथ योगी ने बताया कि मान्यता के अनुसार भाद्रपद शुक्ल सप्तमी को संतान सप्तमी का व्रत रखा जाता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा कर माताएं संतानों के मंगल की कामना करती हैं। रक्षासूत्र धारण करने और सात पूओं का भोग लगाने की भी परंपरा है।
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श्रद्धालु अर्पिता ने बताया कि वह हर वर्ष संतान सप्तमी पर मां के दरबार में आती हैं। उनके अनुसार मंदिर में दर्शन करने से मन को शांति मिलती है। सुनीता ने बताया कि मां की कृपा से उन्हें संतान सुख मिला, इसलिए वह संतान की दीर्घायु की कामना लेकर मंदिर पहुंचीं।