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Balrampur News: गड्ढों से हादसे और बढ़ा वाहन मरम्मत का खर्च

Fri, 18 Sep 2026 10:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Fri, 18 Sep 2026 10:45 PM IST
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Potholes lead to accidents and increased vehicle repair costs
फोटो-22- उतरौला मार्ग पर स्थित वर्कशॉप में गाड़ी की मरम्मत करते मिस्त्री। संवाद
बलरामपुर। बारिश के बाद सड़कों पर बने गड्ढे जिले में लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। यह गड्ढे आवागमन बाधित करने के साथ हादसों का कारण भी बन रहे हैं। पिछले करीब डेढ़ महीने में तुलसीपुर में हाईवे के गड्ढे में बाइक का पहिया जाने से महिला की मौत हो गई, जबकि उतरौला में गहरे गड्ढे में स्कूली बच्चों से भरा ई रिक्शा पलट गया। गैसड़ी में भी गड्ढे में बाइक फंसने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
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29 अगस्त को तुलसीपुर क्षेत्र के गांवरिया के पास नेशनल हाईवे पर गड्ढे में बाइक का पहिया जाने से 45 वर्षीय छोटका की मौत हो गई। वह बेटे पवन के साथ भाई को राखी बांधने जा रही थीं। बाइक का पहिया गड्ढे में जाने से झटका लगा और पीछे बैठी छोटका सड़क पर गिर गईं।
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2 सितंबर को उतरौला-श्रृंगारजोत मार्ग पर महुआ धनी के पास तीन से चार फीट गहरे और करीब छह फीट चौड़े गड्ढे में स्कूली बच्चों से भरा ई-रिक्शा पलट गया। बारिश का पानी भरा होने से गड्ढे की गहराई का पता नहीं चल रहा था। बच्चों के दबने पर ग्रामीणों और राहगीरों ने उन्हें बाहर निकाला। बच्चों को मामूली चोटें आईं। इसी गड्ढे में दो दिन पहले सीमेंट लदी ट्रॉली भी पलट गई थी। करीब 100 बोरी सीमेंट पानी में गिरने से व्यापारी को 40 से 50 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान है।
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गैसड़ी क्षेत्र का सोनपुर-पडरौना-पुरैना-बालापुर संपर्क मार्ग निर्माण के छह महीने बाद ही कई जगह टूट गया। पडरौना मोड़ के पास बने करीब दो फीट गहरे गड्ढे में रात के समय बाइक फंसने से पुरैना निवासी आत्माराम यादव की बाइक क्षतिग्रस्त हो गई।

गड्ढों से बढ़ा वाहन मरम्मत का खर्च

शहर और आसपास की सड़कों पर गड्ढों के कारण वाहन चालकों का खर्च भी बढ़ रहा है। ई-रिक्शा चालकों के मुताबिक शॉकर, कमानी, रिम और मोटर कंट्रोलर में खराबी आ रही है। शॉकर बनवाने में करीब 200 रुपये, कमानी में 250 रुपये, शीशा बदलने में 1200 से 1400 रुपये और मोटर कंट्रोलर बदलने में 1000 से 1500 रुपये तक खर्च आता है। मिस्त्रियों के अनुसार गड्ढों वाली सड़कों से आने वाले वाहनों में इन हिस्सों से जुड़ी खराबियां अधिक सामने आ रही हैं।

बाइक चालकों के मुताबिक गड्ढों में लगातार चलने से टायर, बैरिंग, शॉकर और क्लच प्लेट प्रभावित होते हैं। कार चालकों ने भी शॉकर, कमानी, रिम और टायर पर असर पड़ने की बात कही।

रात में बढ़ाई गई निगरानी

एसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि दुर्घटना संभावित स्थलों को चिह्नित कर प्रभारी निरीक्षकों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। हादसे रोकने के लिए नियमित जांच कराई जा रही है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संबंधित विभागों से भी चर्चा की गई है।


गड्ढे भरने के लिए चलेगा अभियान

पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राजेश कुमार ने बताया कि बारिश से सड़कों पर हुए गड्ढों को भरने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मरम्मत कार्य शुरू कराने के लिए अवर अभियंताओं से रिपोर्ट ली गई है।

फोटो-22- उतरौला मार्ग पर स्थित वर्कशॉप में गाड़ी की मरम्मत करते मिस्त्री। संवाद

फोटो-22- उतरौला मार्ग पर स्थित वर्कशॉप में गाड़ी की मरम्मत करते मिस्त्री। संवाद

फोटो-22- उतरौला मार्ग पर स्थित वर्कशॉप में गाड़ी की मरम्मत करते मिस्त्री। संवाद

फोटो-22- उतरौला मार्ग पर स्थित वर्कशॉप में गाड़ी की मरम्मत करते मिस्त्री। संवाद

फोटो-22- उतरौला मार्ग पर स्थित वर्कशॉप में गाड़ी की मरम्मत करते मिस्त्री। संवाद

फोटो-22- उतरौला मार्ग पर स्थित वर्कशॉप में गाड़ी की मरम्मत करते मिस्त्री। संवाद

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