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गुरूवार अब तक का सबसे ठंडा दिन
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
Updated Thu, 12 Jan 2017 11:00 PM IST
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शीतलहर
- फोटो : अमर उजाला
पहाड़ों पर हुए वर्फबारी का कहर जनपद में भी असर पड़ने लगा है। बुधवार के बाद गुरुवार को अब तक सबसे ठंड दिन रहा। न्यूनतम तापमान 07 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 17 डिग्री तक रहा। दिन में धूप खिली तो लोगों को राहत मिली लेकिन सर्द हवाएं चलने से लोग गलन में ठिठुरते नजर आए।
पिछले तीन दिनों से लोगों को कोहरे से निजात तो मिल रहा है लेकिन गलन बढ़ गई है। गुरुवार को सुबह आठ बजे ही धूप खिल गई तो लोगों ने राहत की सांस ली। ठंड से राहत पाने के लिए घर एवं कार्यालय के बाहर बैठ गए। लेकिन चल रही सर्द हवाओं के कारण कंपकपी बनी रही। स्कूल बंद होने के चलते बच्चों ने धूप में गली-मोहल्लों, पार्कों में जाकर क्रिकेट, फुटबाल खेला। शाम चार बजे के बाद एक बार फिर गलन बढ़ गई।
ठेला, खोमचा एवं रिक्शा वालो सड़क किनारे, चौराहों पर अलाव तापते नजर आए। पटना मौसम विभाग की माने तो पहाड़ों पर हुई वर्फबारी की वजह से ही गलन बढ़ी है। सर्द हवाओं से फिलहाल राहत मिलने वाली नहीं है। वहीं, दूसरी ओर चल रही सर्द हवाओं को लेकर किसान परेशान हैं। खेतों में आलू की फसल के लिए यह सर्द हवाएं नुकसानदेय साबित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि कुछ दिन और वर्फीली हवाएं चलीं तो उनकी आलू की फसल पाला का शिकार हो सकती है।
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पिछले तीन दिनों से लोगों को कोहरे से निजात तो मिल रहा है लेकिन गलन बढ़ गई है। गुरुवार को सुबह आठ बजे ही धूप खिल गई तो लोगों ने राहत की सांस ली। ठंड से राहत पाने के लिए घर एवं कार्यालय के बाहर बैठ गए। लेकिन चल रही सर्द हवाओं के कारण कंपकपी बनी रही। स्कूल बंद होने के चलते बच्चों ने धूप में गली-मोहल्लों, पार्कों में जाकर क्रिकेट, फुटबाल खेला। शाम चार बजे के बाद एक बार फिर गलन बढ़ गई।
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ठेला, खोमचा एवं रिक्शा वालो सड़क किनारे, चौराहों पर अलाव तापते नजर आए। पटना मौसम विभाग की माने तो पहाड़ों पर हुई वर्फबारी की वजह से ही गलन बढ़ी है। सर्द हवाओं से फिलहाल राहत मिलने वाली नहीं है। वहीं, दूसरी ओर चल रही सर्द हवाओं को लेकर किसान परेशान हैं। खेतों में आलू की फसल के लिए यह सर्द हवाएं नुकसानदेय साबित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि यदि कुछ दिन और वर्फीली हवाएं चलीं तो उनकी आलू की फसल पाला का शिकार हो सकती है।
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