हड़ताल पर गए अधिवक्ता: तहसील में पत्रावलियां गायब होने, पुलिस के दबाव का आरोप; लगे गो बैक’ के नारे
तहसील न्यायालयों की कथित अव्यवस्थाओं से नाराज अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। अधिवक्ताओं ने बिना नियत तिथि के आदेश जारी होने, पत्रावलियों के गायब होने और पुलिस के दबाव का आरोप लगाया। नाराज अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन करते हुए ‘गो बैक’ के नारे लगाए और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।
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बैरिया तहसील के विभिन्न न्यायालयों की कथित अव्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज अधिवक्ता बृहस्पतिवार को खुलकर सड़क पर उतर आए। तहसील बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने न्यायालयों के कामकाज का बहिष्कार करते हुए व्यवस्था में सुधार होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में नारेबाजी करते हुए अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया और गो बैक के नारे लगाए।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि न्यायालयों में मुकदमों की सुनवाई और आदेश की प्रक्रिया निर्धारित तिथि के अनुरूप नहीं चल रही है। कई मामलों में बिना नियत तिथि के ही आदेश किए जाने का आरोप लगाया गया। न्यायालयों से पत्रावलियों के गायब होने के मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई।
अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि थानों से शांति भंग के मामलों में चालान होकर न्यायालय पहुंचने वाले मामलों में पुलिस के माध्यम से अधिवक्ताओं पर कागजात वापस कराने और फीस की रकम लौटाने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों का व्यवहार भी अधिवक्ताओं के प्रति उचित नहीं है और न्यायालयों की कार्यप्रणाली नियमों के अनुरूप नहीं चल रही है। इन समस्याओं को लेकर अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया।
बैठक में सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित कर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई गई। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्र ने कहा कि जब तक अधिवक्ताओं की मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं होता, न्यायालयों के कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा। इस दौरान राजकुमार तिवारी, देवेंद्र मिश्र, बसंत पाण्डेय, राम प्रकाश सिंह, अरुण श्रीवास्तव, चंद्रशेखर यादव, ओंकार पाण्डेय, अजय सिंह, जाकिर हुसैन, शिवजी सिंह, पप्पू तिवारी, संजय सिंह, अशोक वर्मा समेत दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।
कोई भी कार्य नियम के विपरीत नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि वादकारी हो या अधिवक्ता, किसी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। अधिवक्ताओं के प्रस्ताव की प्रति अभी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। प्रति मिलने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - रमेशचंद्र वर्मा, उपजिलाधिकारी, बैरिया