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जाम की समस्या से नहीं मिल रही राहत
ballia
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:55 PM IST
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शहर में विशुनीपुर रोड पर जाम में फंसे वाहन।
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यातायात माह में पुलिस ने जागरूकता अभियान जरूर चलाया, लेकिन शहरों में यातायात सुचारु रहे इसका प्रयास नहीं किया। जिसके कारण पटरियों पर अतिक्रमण एवं वाहनों के बेतरतीब खड़ा होने से नगर में जाम लग रहा है। हालांकि अमर उजाला में बार-बार जाम की खबर प्रकाशन होने के बाद यातायात पुलिस व सिविल पुलिस ने संयुक्त रूप से वाहन संचालकों के साथ बैठक कर एक रूपरेखा तैयार किया गया है। जिसकी कवायद यातायात विभाग ने आठ नवंबर से शुरू कर दिया है। देखना यह है कि आमजन को कितना जल्द जाम के झाम से निजात मिल सकता है।
प्रत्येक वर्ष नवंबर माह में यातायात विभाग द्वारा यातायात सप्ताह मनाया जाता है। जिसमें गोष्ठी, रैली व होर्डिंग लगाकर आमजन को यातायात के बारे में जानकारी दी जाती है। बावजूद नगर में लगने वाला जाम समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। इसके पीछे एक तरफ आमजन के अंदर जागरूकता का अभाव है तो दूसरी ओर पुलिस व यातायात विभाग की उदासीनता है। जबकि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने वाहनों के संचालन के लिए लिखित रूप से नियम भी बना दिया था और उसका कड़ाई से पालन भी करवाया था।
लेकिन उनके स्थानांतरित होते ही एक बार फिर नगर जाम के झाम से कराहने लगा है।
लेकिन जाम की समस्या को गंभीरता से लेते हुए यातायात पुलिस व सिविल पुलिस ने संयुक्त रूप से बैठक कर तत्कालीन एसपी के फार्मूले को कड़ाई से लागू कराने का निर्णय लिया है। वहीं नगर संचालित हो रहे ई-रिक्शा चालकों का भी रूट तय करने के लिए यातायात विभाग में पंजीयन कराया जा रहा है। ताकि ई-रिक्शा अपने-अपने निर्धारित रूट पर ही चल सकें। इस बाबत सीओ सिटी विजय प्रताप यादव ने बताया कि दो-तीन में जाम की समस्या समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
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प्रत्येक वर्ष नवंबर माह में यातायात विभाग द्वारा यातायात सप्ताह मनाया जाता है। जिसमें गोष्ठी, रैली व होर्डिंग लगाकर आमजन को यातायात के बारे में जानकारी दी जाती है। बावजूद नगर में लगने वाला जाम समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। इसके पीछे एक तरफ आमजन के अंदर जागरूकता का अभाव है तो दूसरी ओर पुलिस व यातायात विभाग की उदासीनता है। जबकि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने वाहनों के संचालन के लिए लिखित रूप से नियम भी बना दिया था और उसका कड़ाई से पालन भी करवाया था।
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लेकिन उनके स्थानांतरित होते ही एक बार फिर नगर जाम के झाम से कराहने लगा है।
लेकिन जाम की समस्या को गंभीरता से लेते हुए यातायात पुलिस व सिविल पुलिस ने संयुक्त रूप से बैठक कर तत्कालीन एसपी के फार्मूले को कड़ाई से लागू कराने का निर्णय लिया है। वहीं नगर संचालित हो रहे ई-रिक्शा चालकों का भी रूट तय करने के लिए यातायात विभाग में पंजीयन कराया जा रहा है। ताकि ई-रिक्शा अपने-अपने निर्धारित रूट पर ही चल सकें। इस बाबत सीओ सिटी विजय प्रताप यादव ने बताया कि दो-तीन में जाम की समस्या समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
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