{"_id":"67cc93d7c9bb5691e5082337","slug":"police-had-to-be-called-for-treatment-treatment-was-refused-after-two-oclock-ballia-news-c-190-1-svns1008-135173-2025-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: इलाज के लिए बुलानी पड़ी पुलिस, दो बजे के बाद इलाज से किया मना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: इलाज के लिए बुलानी पड़ी पुलिस, दो बजे के बाद इलाज से किया मना
विज्ञापन
मनियर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर पर शनिवार को 108 नंबर एंबुलेंस से आए मरीज का इलाज करने से डॉक्टर एवं अस्पताल के स्टाफ ने मना कर दिया। कहा कि दो बजे के बाद इलाज नहीं होगा। मरीज के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मरीज को 112 नंबर पर फोन कर पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद भी डॉक्टर ने मरीज को जिला अस्पताल रेफर जरूर कर दिया।
प्रियंका चौबे (22) निवासी रतनौली थाना मनियर शनिवार को करीब पांच बजे पेट में दर्द होने पर 108 नंबर एंबुलेंस से पीएचसी मनियर पहुंची। आरोप लगाया कि जहां पर मौजूद फार्मासिस्ट ने कहा कि 2:00 बजे के बाद इलाज नहीं होगा। निवेदन करने पर उसने पर्ची बना दी। लेकिन दवा नहीं दी। कहा कि मेरा काम पर्ची बनाने का है, इलाज करना नहीं। जब मरीज जब डॉक्टर के पास पहुंची तो उन्होंने भी इलाज से मना कर दिया। अभद्र व्यवहार किया। कहा कि दो बजे के बाद इमरजेंसी नहीं देखी जाती।
इसके बाद युवती ने 112 नंबर पर फोनकर पुलिस को बुला लिया। पुलिस की पूछताछ पर डॉक्टर ने युवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टर ने किसी फार्मासिस्ट से इंजेक्शन लगाने के लिए कहा तो उसने भी इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया। उधर, पीएचसी मनियर के प्रभारी डॉक्टर दिग्विजय कुमार का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस चार लोगों को मेडिकल कराने के लिए लाई थी। उनका मैं मेडिकल बना रहा था। मैंने कहा कि थोड़ी देर बैठो। मेडिकल बनाने के बाद इलाज करता हूं।
विज्ञापन
उधर आरोप है कि डॉक्टर दिग्विजय कुमार अक्सर ओपीडी देखते ही नहीं। उनका 2:00 बजे के बाद ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर पर आगमन होता है। कई सामाजिक संगठनों ने डॉक्टर दिग्विजय कुमार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन किया है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
विज्ञापन
प्रियंका चौबे (22) निवासी रतनौली थाना मनियर शनिवार को करीब पांच बजे पेट में दर्द होने पर 108 नंबर एंबुलेंस से पीएचसी मनियर पहुंची। आरोप लगाया कि जहां पर मौजूद फार्मासिस्ट ने कहा कि 2:00 बजे के बाद इलाज नहीं होगा। निवेदन करने पर उसने पर्ची बना दी। लेकिन दवा नहीं दी। कहा कि मेरा काम पर्ची बनाने का है, इलाज करना नहीं। जब मरीज जब डॉक्टर के पास पहुंची तो उन्होंने भी इलाज से मना कर दिया। अभद्र व्यवहार किया। कहा कि दो बजे के बाद इमरजेंसी नहीं देखी जाती।
विज्ञापन
इसके बाद युवती ने 112 नंबर पर फोनकर पुलिस को बुला लिया। पुलिस की पूछताछ पर डॉक्टर ने युवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टर ने किसी फार्मासिस्ट से इंजेक्शन लगाने के लिए कहा तो उसने भी इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया। उधर, पीएचसी मनियर के प्रभारी डॉक्टर दिग्विजय कुमार का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस चार लोगों को मेडिकल कराने के लिए लाई थी। उनका मैं मेडिकल बना रहा था। मैंने कहा कि थोड़ी देर बैठो। मेडिकल बनाने के बाद इलाज करता हूं।
विज्ञापन
उधर आरोप है कि डॉक्टर दिग्विजय कुमार अक्सर ओपीडी देखते ही नहीं। उनका 2:00 बजे के बाद ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनियर पर आगमन होता है। कई सामाजिक संगठनों ने डॉक्टर दिग्विजय कुमार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन किया है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।