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पर्यावरण संतुलन के लिए पौधरोपण जरूरी
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 03 Jul 2015 11:42 PM IST
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फेफना क्षेत्र के कपूरी नारायणपुर स्थित कपिलेश्वरी भवानी के प्रांगण में शुक्रवार की सुबह सूबे के कैबिनेट मंत्री अंबिका चौधरी ने कल्पवृक्ष का पौधा रोपा और कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण जरूरी है। मंत्री के साथ ही क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने मंदिर प्रांगण में पौधे लगाए। इसके बाद एक सभा की गई।
सभा को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए संपूर्ण भूभाग का 33 फीसदी पौधों से आच्छादित होना आवश्यक है। पौधरोपण करने वाले लोगों से अपील की कि जो भी व्यक्ति पौधरोपण किया है, वह अपने पौधों की देखरेख भी जरूर करें। ताकि पौधे लगाने का जो मकसद है, वह पूरा हो सके।
चौधरी ने पुजारी और संबंधित थानाध्यक्ष को आगाह किया कि मंदिर में कोई भी नशा करने वाला और असामाजिक व्यक्ति न आए। ताकि मंदिर की पवित्रता बनी रहे। इसी क्रम में डीएफओ एसएन सिंह ने बताया कि पृथ्वी पर हम तो स्वर्ग नहीं उतार सकते हैं, लेकिन एक कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर स्वर्ग का पौधा उतार दिए हैं।
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कहा कि प्रत्येक परिवार को नीबू, अमरूद, बेल, आंवला और कटहल के पांच पौधे अवश्य लगाने चाहिए। इससे गृहस्थ जीवन की कई आवश्यकताओं की पूर्ति हो जाती है। इस दौरान छिटवन, अश्व गंधा, गंभार, नीम, कनेर, गुड़हल, चांदनी और ग्वार पाठा के सैकड़ों पौधे रोपे गए।
इस मौके पर शैलेश चौधरी, रेंजर डीएन यादव, श्रीकांत राय, राजकेश्वर सिंह, एयपी सिंह, प्रधान राजेंद्र राम आदि मौजूद रहे। शैलेश चौधरी ने कहा कि पौधरोपण के साथ-साथ उनका संरक्षण भी आवश्यक है। डीएफओ एसएन सिंह ने बताया कि जिले में हरे पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए वन माफियाओं को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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सभा को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए संपूर्ण भूभाग का 33 फीसदी पौधों से आच्छादित होना आवश्यक है। पौधरोपण करने वाले लोगों से अपील की कि जो भी व्यक्ति पौधरोपण किया है, वह अपने पौधों की देखरेख भी जरूर करें। ताकि पौधे लगाने का जो मकसद है, वह पूरा हो सके।
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चौधरी ने पुजारी और संबंधित थानाध्यक्ष को आगाह किया कि मंदिर में कोई भी नशा करने वाला और असामाजिक व्यक्ति न आए। ताकि मंदिर की पवित्रता बनी रहे। इसी क्रम में डीएफओ एसएन सिंह ने बताया कि पृथ्वी पर हम तो स्वर्ग नहीं उतार सकते हैं, लेकिन एक कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर स्वर्ग का पौधा उतार दिए हैं।
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कहा कि प्रत्येक परिवार को नीबू, अमरूद, बेल, आंवला और कटहल के पांच पौधे अवश्य लगाने चाहिए। इससे गृहस्थ जीवन की कई आवश्यकताओं की पूर्ति हो जाती है। इस दौरान छिटवन, अश्व गंधा, गंभार, नीम, कनेर, गुड़हल, चांदनी और ग्वार पाठा के सैकड़ों पौधे रोपे गए।
इस मौके पर शैलेश चौधरी, रेंजर डीएन यादव, श्रीकांत राय, राजकेश्वर सिंह, एयपी सिंह, प्रधान राजेंद्र राम आदि मौजूद रहे। शैलेश चौधरी ने कहा कि पौधरोपण के साथ-साथ उनका संरक्षण भी आवश्यक है। डीएफओ एसएन सिंह ने बताया कि जिले में हरे पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए वन माफियाओं को चिह्नित कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।