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Ballia News: प्रधानाचार्य व डीसी मिड डे मील पर प्राथमिकी दर्ज
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बलिया। बांसडीह शिक्षा क्षेत्र के इंटरमीडिएट कॉलेज ताजपुर मुड़ियारी में एमडीएम योजना में वित्तीय अनियमितता के मामले में मनियार पुलिस ने प्रधानाचार्य चंद्रशेखर पांडेय व डीसी एमडीएम अजीत पाठक पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी मनियर अनूप कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी मनियर अनूप कुमार त्रिपाठी ने तहरीर में आरोप लगाया है कि डीएम की तरफ से गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर पांडेय और जिला समन्वयक (मिड डे मील) अजीत पाठक को प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया है। दोनों के खिलाफ 13 लाख 71 हजार 573 रुपये की सरकारी धनराशि के दुरुपयोग/गबन, धोखाधड़ी और फर्जी नामांकन के मामले प्रकाश में आया है।
मामले की शिकायत विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने 28 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद से की थी। इसके बाद डीएम ने जिला विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की दो सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराई। समिति ने पांच अगस्त को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया और सात अगस्त को जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई थी। मनियार एसओ अजय त्रिपाठी ने बताया कि बीईओ की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।
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जांच रिपोर्ट में यह आया था प्रकाश में, छात्र की संख्या में आया बड़ा अंतर--
जांच रिपोर्ट के अनुसार निरीक्षण के दौरान काॅलेज में छह, सात और आठ की कक्षाएं संचालित होती नहीं मिलीं। प्रधानाचार्य ने बताया कि उक्त कक्षाओं की उस दिन छुट्टी कर दी गई थी, लेकिन छुट्टी के लिए किसी सक्षम अधिकारी के आदेश की जानकारी नहीं दे सके। कक्षों में डेस्क-बेंच अव्यवस्थित और ब्लैक बोर्ड खाली मिले। छात्र संख्या को लेकर भी बड़ा अंतर सामने आया। विद्यालय प्रबंधन ने कक्षा छह से आठ में कुल 449 छात्र बताए, जबकि यू-डायस पोर्टल पर कक्षा छह में सात, कक्षा सात में 37 और कक्षा आठ में 24 छात्रों का ही नामांकन दर्ज था। सत्र 2025-26 में भी पोर्टल पर क्रमश: 37, 24 और नौ छात्र दर्ज मिले थे। मिड-डे-मील पंजिका में अप्रैल 2026 में प्रतिदिन औसतन 271 से 275 तथा मई में 272 से 275 छात्रों को भोजन दिए जाने का उल्लेख मिला। वहीं, अगस्त में पांच अगस्त तक पंजिका में किसी छात्र की उपस्थिति दर्ज नहीं थी, जबकि आईवीआरएस कॉल में एक, तीन और चार अगस्त को 199 छात्रों की उपस्थिति दर्ज कराई गई थी। इतना ही नहीं निरीक्षण के दौरान कालेज में भोजन बनाने के लिए गैस सिलेंडर, राशन, बर्तन, थालियां और रसोइया भी नहीं मिले। किचन शेड भी क्रियाशील नहीं पाया गया था।
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दो वर्षों में इस तरह हुआ भुगतान
जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7,30,904 रुपये और 2025-26 में 6,40,669 रुपये मिड-डे-मील मद में भुगतान हुआ। इस तरह कुल 13,71,573 रुपये की धनराशि का भुगतान हुआ है। डीएम ने बीएसए को दोनों के खिलाफ नियमानुसार वसूली, विभागीय कार्रवाई और संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए है।
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प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी मनियर अनूप कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी मनियर अनूप कुमार त्रिपाठी ने तहरीर में आरोप लगाया है कि डीएम की तरफ से गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर पांडेय और जिला समन्वयक (मिड डे मील) अजीत पाठक को प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया है। दोनों के खिलाफ 13 लाख 71 हजार 573 रुपये की सरकारी धनराशि के दुरुपयोग/गबन, धोखाधड़ी और फर्जी नामांकन के मामले प्रकाश में आया है।
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मामले की शिकायत विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने 28 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद से की थी। इसके बाद डीएम ने जिला विकास अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की दो सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराई। समिति ने पांच अगस्त को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया और सात अगस्त को जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई थी। मनियार एसओ अजय त्रिपाठी ने बताया कि बीईओ की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है।
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जांच रिपोर्ट में यह आया था प्रकाश में, छात्र की संख्या में आया बड़ा अंतर
जांच रिपोर्ट के अनुसार निरीक्षण के दौरान काॅलेज में छह, सात और आठ की कक्षाएं संचालित होती नहीं मिलीं। प्रधानाचार्य ने बताया कि उक्त कक्षाओं की उस दिन छुट्टी कर दी गई थी, लेकिन छुट्टी के लिए किसी सक्षम अधिकारी के आदेश की जानकारी नहीं दे सके। कक्षों में डेस्क-बेंच अव्यवस्थित और ब्लैक बोर्ड खाली मिले। छात्र संख्या को लेकर भी बड़ा अंतर सामने आया। विद्यालय प्रबंधन ने कक्षा छह से आठ में कुल 449 छात्र बताए, जबकि यू-डायस पोर्टल पर कक्षा छह में सात, कक्षा सात में 37 और कक्षा आठ में 24 छात्रों का ही नामांकन दर्ज था। सत्र 2025-26 में भी पोर्टल पर क्रमश: 37, 24 और नौ छात्र दर्ज मिले थे। मिड-डे-मील पंजिका में अप्रैल 2026 में प्रतिदिन औसतन 271 से 275 तथा मई में 272 से 275 छात्रों को भोजन दिए जाने का उल्लेख मिला। वहीं, अगस्त में पांच अगस्त तक पंजिका में किसी छात्र की उपस्थिति दर्ज नहीं थी, जबकि आईवीआरएस कॉल में एक, तीन और चार अगस्त को 199 छात्रों की उपस्थिति दर्ज कराई गई थी। इतना ही नहीं निरीक्षण के दौरान कालेज में भोजन बनाने के लिए गैस सिलेंडर, राशन, बर्तन, थालियां और रसोइया भी नहीं मिले। किचन शेड भी क्रियाशील नहीं पाया गया था।
दो वर्षों में इस तरह हुआ भुगतान
जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7,30,904 रुपये और 2025-26 में 6,40,669 रुपये मिड-डे-मील मद में भुगतान हुआ। इस तरह कुल 13,71,573 रुपये की धनराशि का भुगतान हुआ है। डीएम ने बीएसए को दोनों के खिलाफ नियमानुसार वसूली, विभागीय कार्रवाई और संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए है।