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उत्सव की तरह मनाएंगे योग दिवस
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 20 Jun 2015 11:37 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को भृगु की नगरी उत्सव के जैसे मनाने के लिए तैयार है। नगर समेत ग्रामीण इलाकों विभिन्न शिविरों के माध्यम से लोगों को योग के गुर सिखाए जाएंगे। साथ ही योग से होने वाले लाभ के बारे में भी लोगों को बताया जाएगा। नेहरू युवा केंद्र, पतंजलि योग पीठ, आर्ट आफ लिविंग समेत अन्य कई संस्थाओं की ओर से शिविर लगाने की पहल की गई है।
आर्ट आफ लिविंग के योग प्रशिक्षक केडी के अनुसार योग से आप खुद को वश में कर सकते हैं। बताया कि जब आदमी खुद के वश में नहीं होता, उसका आचरण हमेशा विचलित रहता है। योग एक ऐसा माध्यम है, जिससे आप खुद को वश में कर अपने मन मुताबिक जिंदगी को बेहतर ढंग से जी सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पूरे विश्व में योग की महता पर प्रकाश डाला जाएगा। बताया कि बढ़ती हिंसा, काम, क्रोध, लोभ आदि नकारात्मक चीजों को दूर करने के लिए आज योग ही अचूक उपचार बनकर उभरा है। बताया कि नियमित रूप से यम, नियम, आसन, प्राणायम, प्रत्याहार, धारणा और ध्यान करने से आदमी स्वस्थ रहने के साथ ही खुद के वश में रहते हैं तथा स्फूर्तिवान बनते हैं। नकारात्मक सोच सकारात्मक में तब्दील होती है।
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कर्म की कुशलता ही योग है। योग और व्यायाम में अंतर है। योग माने जोड़ना आत्मा को परमात्मा से। खुद को खुदा से, इस संबंध की निरंतरता ही योग है। चित्त की वृत्तियों पर नियंत्रण ही योग है। योग का परम लाभ समाधि है। अष्टांग योग आठ प्रकार के हैं। यम, नियम, आसन, प्राणायम, प्रत्याहार, धारणा और ध्यान।
बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार विश्व योग दिवस के अवसर पर पंतजलि योग समिति की ओर से गुरुद्वारा प्रांगण में चल रहा योग शिविर शनिवार को तीसरे दिन जारी रहा। शिविर में योग विशेषज्ञों ने विभिन्न यौगिक क्रियाओं की जानकारी देते हुए स्वस्थ और निरोग रहने के गुर सीखाए। योग शिक्षक संजीत कुमार ने रविवार को विश्व योग दिवस पर रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले योग शिविर में सहभागिता करने की अपील की।
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आर्ट आफ लिविंग के योग प्रशिक्षक केडी के अनुसार योग से आप खुद को वश में कर सकते हैं। बताया कि जब आदमी खुद के वश में नहीं होता, उसका आचरण हमेशा विचलित रहता है। योग एक ऐसा माध्यम है, जिससे आप खुद को वश में कर अपने मन मुताबिक जिंदगी को बेहतर ढंग से जी सकते हैं।
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पूरे विश्व में योग की महता पर प्रकाश डाला जाएगा। बताया कि बढ़ती हिंसा, काम, क्रोध, लोभ आदि नकारात्मक चीजों को दूर करने के लिए आज योग ही अचूक उपचार बनकर उभरा है। बताया कि नियमित रूप से यम, नियम, आसन, प्राणायम, प्रत्याहार, धारणा और ध्यान करने से आदमी स्वस्थ रहने के साथ ही खुद के वश में रहते हैं तथा स्फूर्तिवान बनते हैं। नकारात्मक सोच सकारात्मक में तब्दील होती है।
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कर्म की कुशलता ही योग है। योग और व्यायाम में अंतर है। योग माने जोड़ना आत्मा को परमात्मा से। खुद को खुदा से, इस संबंध की निरंतरता ही योग है। चित्त की वृत्तियों पर नियंत्रण ही योग है। योग का परम लाभ समाधि है। अष्टांग योग आठ प्रकार के हैं। यम, नियम, आसन, प्राणायम, प्रत्याहार, धारणा और ध्यान।
बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार विश्व योग दिवस के अवसर पर पंतजलि योग समिति की ओर से गुरुद्वारा प्रांगण में चल रहा योग शिविर शनिवार को तीसरे दिन जारी रहा। शिविर में योग विशेषज्ञों ने विभिन्न यौगिक क्रियाओं की जानकारी देते हुए स्वस्थ और निरोग रहने के गुर सीखाए। योग शिक्षक संजीत कुमार ने रविवार को विश्व योग दिवस पर रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले योग शिविर में सहभागिता करने की अपील की।