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Ballia News: वेतन भुगतान न हुआ तो 11 से आंदोलन
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वेतन भुगतान की मांग को लेकर सुदिष्ट बाबा पीजी कालेज में चल रहे शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तरकर्मिय
बैरिया। सुदिष्ट बाबा स्नाकोत्तर महाविद्यालय रानीगंज में पिछले 16 सितंबर से वेतन भुगतान के लिए धरने पर बैठे शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मियों का धरना 10 अक्तूबर तक स्थगित हो गया। मंगलवार को प्रबंध समिति के सदस्य सुरेन्द्र राम, कमला प्रसाद यादव व राजकिशोर सिंह मौके पर पहुंचे। धरनारत शिक्षकों के बाद प्रबंध समिति के सदस्यों ने प्रबंधक अनूप कुमार सिंह से वार्ता की। तत्काल वेतन भुगतान के आश्वासन के बाद धरना स्थगित कर दिया गया। कहा कि वेतन भुगतान न हुआ तो 11 अक्तूबर से आंदोलन करेंगे।
दो महीने से अधिक समय का वेतन बाकी रहने से परेशान महाविद्यालय के शिक्षक व कर्मचारी 16 सितंबर से धरने पर बैठ गए थे। तब से महाविद्यालय का शैक्षणिक कार्य ठप था। मंगलवार को महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य कमला प्रसाद यादव, सुरेंद्र राम व राजकिशोर सिंह ने मौके पर पहुंचकर शिक्षकों को बताया कि दो महीने का वेतन पास हो चुका है। बिल भुगतान के लिए ट्रेजरी में भेज दिया गया है। दो दिनों के अंदर खाते में पैसा चला जाएगा।
धरनारत शिक्षकों ने कहा कि यह सिर्फ स्थायी शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मियों का है, जिनकी संख्या 21 है। अभी सात शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मी स्ववित्त पोषित हैं। उनके विषय में कोई निर्णय नहीं हो पाया है। इसके कारण उहापोह की स्थिति है।
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प्रबंधक ने कहा कि उनका भी वेतन भुगतान करने का प्रयास किया जाएगा। प्राध्यापक डॉ. विवेकानंद पांडेय, त्रिपुरारी ठाकुर, डॉ. अखिलेश, डॉ. सुबोध कुमार तिवारी, संतोष सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यवाहक प्राचार्य को प्राचार्य मानने को तैयार नहीं हैं। इसके चलते यह हालात बने हैं। अगर आयोग से प्राचार्य की नियुक्ति नहीं होती है तो यह प्रबंधक का अधिकार है कि वह किसको प्राचार्य नियुक्त करेगा।
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दो महीने से अधिक समय का वेतन बाकी रहने से परेशान महाविद्यालय के शिक्षक व कर्मचारी 16 सितंबर से धरने पर बैठ गए थे। तब से महाविद्यालय का शैक्षणिक कार्य ठप था। मंगलवार को महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य कमला प्रसाद यादव, सुरेंद्र राम व राजकिशोर सिंह ने मौके पर पहुंचकर शिक्षकों को बताया कि दो महीने का वेतन पास हो चुका है। बिल भुगतान के लिए ट्रेजरी में भेज दिया गया है। दो दिनों के अंदर खाते में पैसा चला जाएगा।
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धरनारत शिक्षकों ने कहा कि यह सिर्फ स्थायी शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मियों का है, जिनकी संख्या 21 है। अभी सात शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मी स्ववित्त पोषित हैं। उनके विषय में कोई निर्णय नहीं हो पाया है। इसके कारण उहापोह की स्थिति है।
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प्रबंधक ने कहा कि उनका भी वेतन भुगतान करने का प्रयास किया जाएगा। प्राध्यापक डॉ. विवेकानंद पांडेय, त्रिपुरारी ठाकुर, डॉ. अखिलेश, डॉ. सुबोध कुमार तिवारी, संतोष सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यवाहक प्राचार्य को प्राचार्य मानने को तैयार नहीं हैं। इसके चलते यह हालात बने हैं। अगर आयोग से प्राचार्य की नियुक्ति नहीं होती है तो यह प्रबंधक का अधिकार है कि वह किसको प्राचार्य नियुक्त करेगा।