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Ballia News: जिला अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड फुल
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जिला अस्पताल में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक।संवाद
बलिया। जनपद में बारिश के बाद गर्मी फिर अपना तेवर दिखाने लगी है। तेज धूप व उमस भरी गर्मी बच्चों व बुजुर्गों की सेहत पर असर डाल रही है। जिला अस्पताल में उल्टी दस्त व तेज बुखार से पीड़ित लोग पहुंच रहे हैं। मरीजों की भीड़ बढ़ने के कारण 16 बेड का इमरजेंसी वार्ड और 25 बेड का मेडिकल वार्ड फुल हो गया है। इस कारण बाकी लोगों सर्जिकल वार्ड और हड्डी वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है।
मंगलवार को इमरजेंसी में 168 मरीज पेट दर्द, उल्टी दस्त, तेज बुखार व सांस की परेशानी वाले पहुंचे। इसमें बच्चों व बुजुर्गों की संख्या ज्यादा रही। चिकित्सकों ने 121 मरीजों की जांच के पश्चात भर्ती कर लिया, वहीं अन्य मरीजों को इंजेक्शन व दवा देकर छुट्टी कर दी गई। जबकि ओपीडी में मंगलवार को करीब 1342 मरीज आए।
बार-बार मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव से सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ गई हैं। उमस बढ़ने के कारण खासकर छोटे बच्चों को घमौरी व फोड़ा-फुंसी निकलने लगे हैं। डॉक्टर बच्चों को रोज साफ पानी से शरीर पोंछने के साथ ही नारियल तेल लगाने की सलाह दे रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी-पीएचसी से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल मरीज रेफर किए जा रहे हैं। इससे इमरजेंसी में भीड़ बढ़ जा रही है। गर्मी बढ़ने के कारण पिछले एक सप्ताह में कोल्ड रूम में 16 से अधिक मरीज भर्ती हो चुके हैं।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन ने बताया कि बदलते मौसम में एलर्जी और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। मेडिकल वार्ड फुल होने पर मरीजों को हड्डी व सर्जिकल वार्ड के बगल वाले वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा का लाभ मिले इसको लेकर चिकित्सक अलर्ट है।
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मंगलवार को इमरजेंसी में 168 मरीज पेट दर्द, उल्टी दस्त, तेज बुखार व सांस की परेशानी वाले पहुंचे। इसमें बच्चों व बुजुर्गों की संख्या ज्यादा रही। चिकित्सकों ने 121 मरीजों की जांच के पश्चात भर्ती कर लिया, वहीं अन्य मरीजों को इंजेक्शन व दवा देकर छुट्टी कर दी गई। जबकि ओपीडी में मंगलवार को करीब 1342 मरीज आए।
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बार-बार मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव से सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ गई हैं। उमस बढ़ने के कारण खासकर छोटे बच्चों को घमौरी व फोड़ा-फुंसी निकलने लगे हैं। डॉक्टर बच्चों को रोज साफ पानी से शरीर पोंछने के साथ ही नारियल तेल लगाने की सलाह दे रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी-पीएचसी से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल मरीज रेफर किए जा रहे हैं। इससे इमरजेंसी में भीड़ बढ़ जा रही है। गर्मी बढ़ने के कारण पिछले एक सप्ताह में कोल्ड रूम में 16 से अधिक मरीज भर्ती हो चुके हैं।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन ने बताया कि बदलते मौसम में एलर्जी और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। मेडिकल वार्ड फुल होने पर मरीजों को हड्डी व सर्जिकल वार्ड के बगल वाले वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा का लाभ मिले इसको लेकर चिकित्सक अलर्ट है।