{"_id":"f2c00291745147a2af3f7e9af3fc42ae","slug":"day-with-the-mercury-soar-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिन के साथ चढ़ता गया पारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिन के साथ चढ़ता गया पारा
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Wed, 06 May 2015 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब गर्मी अपने चरम पर पहुंचने लगी है। आसमान से आग बरसने लगी है। झुलसाने वाली धूप से बचने के लिए लोग पूरे दिन घरों में ही रह रहे हैं। बहुत जरूरी होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं।
सुबह आठ बजे ही धूप तिखी हो जा रही है। सबसे अधिक परेशानी अब स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है। कड़ धूप में वापस घर आना पड़ता है। स्कूल वाहन के छत भी दोपहर में तवे की तरह तपने लग रहे हैं।
दिन चढ़ने के साथ पारा ऊपर जाने लगा है। गत दिनों मौसम खराब होने से लग रहा था कि गर्मी का पता नहीं चल पाएगा लेकिन जैसे-जैसे मौसम सुधरा, भगवान सूर्य तेवर दिखाने लगे।
विज्ञापन
सुबह आठ बजते-बजते धूप तीखी हो जा रही है। दस बजते-बजते सड़कों पर इक्कादुक्का लोग ही नजर आते हैं। लोग बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर में घरों या दफ्तरों से निकल रहे हैं। गर्मी से बचने के लिए लोग छतरी, गमछे, टोपी का सहारा ले रहे हैं।
पारा चढ़ते ही फलों और शरबत का बाजार भी चमक गया है। चट्टी चौराहों पर मौसमी फलों जैसे खीरा, तरबूज आदि की बिक्री तेज हो गई है। शीतल पेय पदार्थों की बिक्री भी तेज हो गई है। सतुई लस्सी, दही की लस्सी, बेल का शरबत आदि देसी पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है। वहीं प्रमुख कंपनियों के शीतल पेय की मांग भी तेज हो गई है।
विज्ञापन
सुबह आठ बजे ही धूप तिखी हो जा रही है। सबसे अधिक परेशानी अब स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है। कड़ धूप में वापस घर आना पड़ता है। स्कूल वाहन के छत भी दोपहर में तवे की तरह तपने लग रहे हैं।
विज्ञापन
दिन चढ़ने के साथ पारा ऊपर जाने लगा है। गत दिनों मौसम खराब होने से लग रहा था कि गर्मी का पता नहीं चल पाएगा लेकिन जैसे-जैसे मौसम सुधरा, भगवान सूर्य तेवर दिखाने लगे।
विज्ञापन
सुबह आठ बजते-बजते धूप तीखी हो जा रही है। दस बजते-बजते सड़कों पर इक्कादुक्का लोग ही नजर आते हैं। लोग बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर में घरों या दफ्तरों से निकल रहे हैं। गर्मी से बचने के लिए लोग छतरी, गमछे, टोपी का सहारा ले रहे हैं।
पारा चढ़ते ही फलों और शरबत का बाजार भी चमक गया है। चट्टी चौराहों पर मौसमी फलों जैसे खीरा, तरबूज आदि की बिक्री तेज हो गई है। शीतल पेय पदार्थों की बिक्री भी तेज हो गई है। सतुई लस्सी, दही की लस्सी, बेल का शरबत आदि देसी पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है। वहीं प्रमुख कंपनियों के शीतल पेय की मांग भी तेज हो गई है।