{"_id":"59cbdc314f1c1baa538b4b07","slug":"31506532401-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फालोअप= प्रलोभन देकर छह माह से ठगी कर रहे थे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फालोअप= प्रलोभन देकर छह माह से ठगी कर रहे थे
Updated Wed, 27 Sep 2017 10:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। डाल्फिन ट्रवेल्स मार्केटिंग प्रा. लि. नई दिल्ली कंपनी के सदस्य करीब छह माह से जनपद में सक्रिय थे। वह नगर व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को प्रलोभन देकर अपने सामानों की बिक्री कर ठगने काम किया करते थे। जिन्हें शहर कोतवाली पुलिस ने 25 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर एक होटल से कंपनी के मालिक प्रदीप जैन समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर मंगलवार को धोखाधड़ी के मामले में चालान कर दिया था।
पुलिस की माने तो कंपनी का हेड आफिस शंकरपुर, नई दिल्ली में स्थापित है। कंपनी के मालिक समेत नौ लोग नगर के मधुर मिलन पैलेस मे स्थानीय लोगों को प्रलोभन देकर 7100 रुपये में सूट का कपड़ा व कास्मेटिक सामान देने तथा देश-विदेश के होटलों में ठहराने के नाम पर ठगी किया करते थे। यह सिलसिला करीब छह माह से जनपद में जारी था। वादी मधुर मिलन पैलेस की सूचना पर मालिक सहित नौ लोगों को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में चालान कर दिया। बताया जाता है कि कंपनी से जुड़े कुछ लोग जनपद में आकर बेरोजगारों को झासे में लेकर उनसे अपना सामान बिकवाते थे तथा सामानों की बिक्री के हिसाब से उनका पैसा देते थे। सामानों को बिकवाने के लिए वह अन्य युवाओं को भी जोड़ने का कार्य करते थे। जितने अधिक लोग इससे जुड़ेंगे, उतना उनका सामान बिकेगा। कंपनी से जोड़ने व सामानों की बिक्री कराने को लेकर वह युवाओं को विदेश घूमने तक का प्रलोभन भी देते थे।
विज्ञापन
पुलिस की माने तो कंपनी का हेड आफिस शंकरपुर, नई दिल्ली में स्थापित है। कंपनी के मालिक समेत नौ लोग नगर के मधुर मिलन पैलेस मे स्थानीय लोगों को प्रलोभन देकर 7100 रुपये में सूट का कपड़ा व कास्मेटिक सामान देने तथा देश-विदेश के होटलों में ठहराने के नाम पर ठगी किया करते थे। यह सिलसिला करीब छह माह से जनपद में जारी था। वादी मधुर मिलन पैलेस की सूचना पर मालिक सहित नौ लोगों को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में चालान कर दिया। बताया जाता है कि कंपनी से जुड़े कुछ लोग जनपद में आकर बेरोजगारों को झासे में लेकर उनसे अपना सामान बिकवाते थे तथा सामानों की बिक्री के हिसाब से उनका पैसा देते थे। सामानों को बिकवाने के लिए वह अन्य युवाओं को भी जोड़ने का कार्य करते थे। जितने अधिक लोग इससे जुड़ेंगे, उतना उनका सामान बिकेगा। कंपनी से जोड़ने व सामानों की बिक्री कराने को लेकर वह युवाओं को विदेश घूमने तक का प्रलोभन भी देते थे।
विज्ञापन