{"_id":"5c51ea44bdec22108404bccd","slug":"161548872260-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्युत चोरी के आरोपी को एक साल कैद व एक लाख अर्थदंड की सजा ासस","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
विद्युत चोरी के आरोपी को एक साल कैद व एक लाख अर्थदंड की सजा ासस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया। न्यायालय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश दयाराम एचजेएस की अदालत ने भारतीय विद्युत अधिनियम के आरोपी राजेश यादव पुत्र इंद्रदेव यादव निवासी कल्याणपुर थाना फेफना के खिलाफ बिजली चोरी के मामले में दोषी पाते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने की दशा में अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार दिनांक 19 जनवरी 2011 को समय 2.30 बजे कल्याणपुर थाना फेफना में अवर अभियंता बृजेश कुमार त्रिवेदी चेकिंग टीम द्वारा राजेश यादव के विद्युत कनेक्शन की जांच की गई। जांच में राजेश द्वारा अवैध रूप से पांच हॉर्स पावर के मोटर का प्रयोग निजी नलकूप व आटा चक्की को चलाने में पाया गया। राजेश यादव के खिलाफ अवर अभियंता ने लिखित तहरीर थाना फेफना में दिया जिसके विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। विवेचना एसआई द्वारा किया गया। दौरान विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में विवेचक द्वारा प्रेषित किया गया। पत्रावली पर उपलब्ध समस्त साक्ष्य व अधिवक्ता गण की बहस सुनने के उपरांत अभियुक्त के खिलाफ दोष साबित पाते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया तथा अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
अभियोजन के अनुसार दिनांक 19 जनवरी 2011 को समय 2.30 बजे कल्याणपुर थाना फेफना में अवर अभियंता बृजेश कुमार त्रिवेदी चेकिंग टीम द्वारा राजेश यादव के विद्युत कनेक्शन की जांच की गई। जांच में राजेश द्वारा अवैध रूप से पांच हॉर्स पावर के मोटर का प्रयोग निजी नलकूप व आटा चक्की को चलाने में पाया गया। राजेश यादव के खिलाफ अवर अभियंता ने लिखित तहरीर थाना फेफना में दिया जिसके विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। विवेचना एसआई द्वारा किया गया। दौरान विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में विवेचक द्वारा प्रेषित किया गया। पत्रावली पर उपलब्ध समस्त साक्ष्य व अधिवक्ता गण की बहस सुनने के उपरांत अभियुक्त के खिलाफ दोष साबित पाते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया तथा अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन