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कंप्यूटर में दीपमणि हासिल है महारत
Updated Thu, 29 Mar 2018 11:11 PM IST
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उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा आयोजित जूनियर इंजीनियर की सीधी भर्ती 2018 में बड़े पैमाने पर हुई धांधली का तार बलिया से भी जुड़ा है। एसटीएफ ने अलग-अलग शहरों से जिन 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, उसमें बलिया जिले के भीमपुरा निवासी दीपमणि यादव भी है। वह पूर्व प्रधान का पोता है और कम्प्यूटर एक्सपर्ट है। वहीं, मामले में दीपमणि के अलावा पकड़ी थाना के एकईल गांव से भी एक युवक को हिरासत में लिया गया है, जिसने परीक्षा में उच्च अंक अर्जित किया है।
यूपीपीसीएल की ओर से जेई के पदों पर भर्ती के लिए 26 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसकी परीक्षा 11 फरवरी को हुई थी। जिसमें अभ्यर्थियों ने परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने भीमपुरा थाना के सिउरी निवासी दीपमणि यादव पुत्र सूर्य कुमार यादव तथा पकड़ी थाना के एकइल निवासी विपिन सिंह पुत्र रामनाथ सिंह को 27 मार्च की देर रात उनके घर से हिरासत में लिया था। परिजनों की माने तो दीपमणि इंटर के बाद पांच वर्ष पूर्व लखनऊ चला गया और तेलियाबाग में रहने लगा। इस दौरान उसका संपर्क जेके पब्लिक कालेज के प्रबंधक ज्ञानेंद्र से हुआ। जिसका बड़े पैमाने पर कंप्यूटर इंस्टीट्यूट चलता था। उसमें वह काम करने लगा। इसके बाद दीपमणि ने अपना स्वयं का कंप्यूटर इंस्टीट्यूट खोला और सरकारी व गैर सरकारी विभागों का काम करने लगा। दीपमणि को कंप्यूटर में महारत हासिल थी। सूत्रों की माने तो वह गांव के लोगों से भर्ती कराने के नाम पर भी पैसा लेने लगा। जिसमें वह पकड़ा भी गया था।
उधर, एसटीएफ ने पकड़ी थाना क्षेत्र के एकईल गांव निवासी विपिन कुमार सिंह को भी हिरासत में लिया है। विपिन गाजीपुर से पालिटेक्रिक कर इलाहाबाद में तैयारी करता था। वहां से डेढ़-दो वर्ष पूर्व गांव चला आया और यहीं से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करता था। उसने यूपीपीसीएल के जूनियर इंजीनिरिंग की परीक्षा दी थी, जिसमें उसे 200 में 182 अंक मिले थे। एसटीएफ ने विपिन को परीक्षा मे हाईरैंक हासिल होने पर संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ जारी है।
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यूपीपीसीएल की ओर से जेई के पदों पर भर्ती के लिए 26 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसकी परीक्षा 11 फरवरी को हुई थी। जिसमें अभ्यर्थियों ने परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने भीमपुरा थाना के सिउरी निवासी दीपमणि यादव पुत्र सूर्य कुमार यादव तथा पकड़ी थाना के एकइल निवासी विपिन सिंह पुत्र रामनाथ सिंह को 27 मार्च की देर रात उनके घर से हिरासत में लिया था। परिजनों की माने तो दीपमणि इंटर के बाद पांच वर्ष पूर्व लखनऊ चला गया और तेलियाबाग में रहने लगा। इस दौरान उसका संपर्क जेके पब्लिक कालेज के प्रबंधक ज्ञानेंद्र से हुआ। जिसका बड़े पैमाने पर कंप्यूटर इंस्टीट्यूट चलता था। उसमें वह काम करने लगा। इसके बाद दीपमणि ने अपना स्वयं का कंप्यूटर इंस्टीट्यूट खोला और सरकारी व गैर सरकारी विभागों का काम करने लगा। दीपमणि को कंप्यूटर में महारत हासिल थी। सूत्रों की माने तो वह गांव के लोगों से भर्ती कराने के नाम पर भी पैसा लेने लगा। जिसमें वह पकड़ा भी गया था।
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उधर, एसटीएफ ने पकड़ी थाना क्षेत्र के एकईल गांव निवासी विपिन कुमार सिंह को भी हिरासत में लिया है। विपिन गाजीपुर से पालिटेक्रिक कर इलाहाबाद में तैयारी करता था। वहां से डेढ़-दो वर्ष पूर्व गांव चला आया और यहीं से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करता था। उसने यूपीपीसीएल के जूनियर इंजीनिरिंग की परीक्षा दी थी, जिसमें उसे 200 में 182 अंक मिले थे। एसटीएफ ने विपिन को परीक्षा मे हाईरैंक हासिल होने पर संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ जारी है।
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