बलिया: कोटे की दुकान की जांच को लेकर भिड़े विधायक और चेयरमैन समर्थक, नौ पर दलित उत्पीड़न के तहत मुकदमा दर्ज
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कोटे की दुकान बहाल कराने के विवाद में बलिया जिले की बैरिया नगर पंचायत बैरिया की चेयरमैन शांति देवी और बैरिया से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह के समर्थक सोमवार को आपस में भिड़ गए। दोनों तरफ से कहासुनी और मारपीट हुई। इसमें कुछ लोग घायल हो गए। दोनों तरफ से तहरीर दी गई। इसमें विधायक पक्ष की तहरीर पर चेयरमैन प्रतिनिधि मंटन वर्मा समेत नौ लोगों के खिलाफ दलित उत्पीड़न और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। चेयरमैन पक्ष की तहरीर के बारे में पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
नगर पंचायत अध्यक्ष शांति देवी की शिकायत पर कलावती देवी की राशन की दुकान वर्ष 2018 में निरस्त हो गई थी। मौजूदा समय में आजमगढ़ मंडलायुक्त ने मामले की सुनवाई करते हुए आपूर्ति विभाग को आदेश दिया है कि कलावती देवी के प्रार्थना पत्र को ध्यान में रखते हुए मामले की फिर से जांच कर कार्डधारकों के बयान के बाद उचित निर्णय लिया जाए।
आदेश के मद्देनजर सोमवार को शिकायतकर्ता नगर पंचायत अध्यक्ष शांति देवी के पुत्र शिवकुमार वर्मा और दुकानदार के पति विजय यादव कार्डधारकों को लेकर बयान दिलवाने तहसील पहुंचे थे। बयान लेने से पूर्व ही दोनों पक्षों में नोकझोंक हो गई। किसी तरह मामला शांत हुआ और दोनों पक्षों के बयान दर्ज हुए।
लेकिन तहसील से बाहर निकलते समय फिर दोनों पक्षों में कहासुनी और मारपीट हो गई। मामले में एक पक्ष से नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मंटन वर्मा सहित नौ लोगों पर दलित उत्पीड़न, बलवा और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया गया। जबकि दूसरे पक्ष की तहरीर में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें विधायक सुरेंद्र सिंह के पुत्र विद्याभूषण सिंह और उनके भतीजे चंद्रभूषण सिंह के भी नाम हैं।
एसएचओ बैरिया थाना संजय त्रिपाठी ने बताया कि बैरिया दक्षिण टोला निवासी मनोज पासवान की तहरीर पर नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि समेत नौ लोगों के खिलाफ मारपीट व बलवा का मुकदमा दर्ज किया गया है। बैरिया निवासी अनिल कुमार राठौर ने तहरीर देकर मारपीट और दलित उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए विधायक के भतीजे और पुत्र के अलावा अन्य नौ लोगों को आरोपी बनाया है। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।