बाढ़ में 15 फीट सड़क बही: धड़ाम की आवाज से सहमे राहगीर, बलिया के मार्ग पर आवागमन बंद; हादसे का बढ़ा खतरा
बाढ़ के पानी के तेज बहाव में ओझवलिया-रेपुरा मार्ग की करीब 15 फीट सड़क बह गई। इससे मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क टूटने से रात में हादसे का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराकर आवागमन बहाल कराने की मांग की है।
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गंगा नदी में आई बाढ़ के चलते विकासखंड बेलहरी के रेपुरा से दुबहर ब्लॉक के ओझवलिया गांव होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को जोड़ने वाली सड़क का करीब 10 से 15 फीट हिस्सा तेज बहाव में बह गया। सड़क कटने से वहां सात से 10 फीट गहरी खाई बन गई है। इसके चलते इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। मार्ग बंद होने से आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया गया कि क्षतिग्रस्त सड़क दुबहर थाना क्षेत्र के ओझवलिया ग्राम पंचायत के डमरछपरा गांव के दक्षिण स्थित है। गंगा के बढ़े जलस्तर के बाद बाढ़ का पानी तेज बहाव के साथ इस सड़क के किनारे से गुजर रहा था। पानी के दबाव और तेज बहाव के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा कटकर बह गया। सड़क के टूटने से आवागमन के लिए रास्ता पूरी तरह असुरक्षित हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग से दिन-रात दर्जनों दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं। सड़क बह जाने के बाद वाहनों का आवागमन बंद है। सबसे अधिक खतरा रात के समय बना हुआ है। अंधेरे में यदि कोई वाहन चालक रास्ते की स्थिति से अनजान होकर यहां पहुंचता है तो वह गहरी खाई में गिरकर हादसे का शिकार हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर सुरक्षा के इंतजाम कराने के साथ ही जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग आसपास के कई गांवों को मुख्य सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग-31 से जोड़ता है। सड़क कटने के कारण लोगों को आने-जाने के लिए दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे समय और दूरी दोनों बढ़ गई है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराकर क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कराने और आवागमन बहाल कराने की मांग की।
इस दौरान गिरिजा शंकर गिरि, गुप्तेश्वर मिश्रा, सुरेंद्र गुप्ता, कपिल यादव सुजानीपुर, विशाल खरवार, धर्मराज यादव, भृगुनाथ गिरि, विशाल चौधरी रेपुरा, मुकुनाथ गिरि, कन्हैया रजक, छोटू गुप्ता, सोनू गुप्ता, हीरालाल यादव, साधु यादव और मुन्ना खरवार आदि मौजूद रहे।